who was shankar kanaujia who was killed by up stf he used to cut heads like carrots radishes कौन था शंकर कनौजिया जो गाजर-मूली की तरह काटता था इंसान के सिर; एसटीएफ ने मार गिराया, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
More

कौन था शंकर कनौजिया जो गाजर-मूली की तरह काटता था इंसान के सिर; एसटीएफ ने मार गिराया

वह लोगों के सिर धड़ से ऐसे अलग करता था, मानो गाजर-मूली काट रहा हो। शंकर कनौजिया ने 14 महीने पहले एक लकड़ी व्यापारी की सिर काटकर हत्या कर दी थी। वह करीब 14 साल से फरार चल रहा था। उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। आजमगढ़ और मऊ में उस पर दस मुकदमे दर्ज हैं।

Sun, 24 Aug 2025 03:14 PMAjay Singh संवाददाता, आजमगढ़
share
कौन था शंकर कनौजिया जो गाजर-मूली की तरह काटता था इंसान के सिर; एसटीएफ ने मार गिराया

यूपी के आजमगढ़ के जहानागंज क्षेत्र के नरेहथा गांव में मगई नदी के पुल के पास शनिवार तड़के पुलिस और एसटीएफ के ज्वाइंट ऑपरेशन के तहत हुए एनकाउंटर में मारा गया एक लाख का इनामी शंकर कनौजिया दुर्दांत अपराधी था। वह लोगों के सिर धड़ से ऐसे अलग करता था, मानो गाजर-मूली काट रहा हो। यही नहीं, पहचान नहीं होने देने के लिए कटे सिर अंजान स्थानों पर फेंक देता है। कहना गलत नहीं होगा कि वह आतंक का पर्याय था।

महज 16 साल की उम्र में शंकर कनौजिया ने जरायम की दुनिया में कदम रखा। उसके विरुद्ध पहला केस वर्ष 1999 में दर्ज हुआ। मामला था मारपीट का। मऊ के दोहरीघाट थाने में मुकदमा दर्ज होने के बाद वह चर्चा में आ गया। उसने अपना दायरा बढ़ाया। वर्ष 2001 और 2002 में लूट की कई वारदातें कीं। दरअसल, जन्म के छह दिन बाद ही मां की मौत होने के बाद उसे नियंत्रित करने वाला कोई नहीं था।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:यूपी में सुबह-सुबह एनकाउंटर, 1 लाख का इनामी शंकर कनौजिया पुलिस के हाथों मारा गया

मौसी ने उसका पालन-पोषण किया। हालांकि वह हाजीपुर (रौनापार) का रहने वाला था लेकिन उसका बचपन दोहरीघाट (मऊ) में मौसी के घर बीता। तीन भाइयों और दो बहनों में वह सबसे छोटा था। उसकी शादी नहीं हुई थी। किशोरावस्था में गलत संगत में पड़ने के बाद वह अपराधी बन गया। वर्ष 2008 में रौनापार क्षेत्र में उसे शराब के साथ पकड़ा गया था। कुछ दिन बाद पुलिस ने उसे तमंचे के साथ पकड़ा था। वर्ष 2011 में दोहरीघाट क्षेत्र में उसने साथी अनिरुद्ध सोनकर और अरविंद कुमार यादव के साथ मिलकर विंध्याचल पांडेय का सिर धड़ से अलग कर दिया था। उनका मालवाहक लूट लिया था। मामले में दोहरीघाट पुलिस ने उसके विरुद्ध गुंडा एक्ट में कार्रवाई की थी।

जेल में हुई थी रामछवि और शंकर की मुलाकात

रौनापार क्षेत्र में हाजीपुर निवासी शंकर कनौजिया की मुलाकात रामछवि से 12 साल पहले मऊ जेल में हुई थी। जेल से ही दोनों की दोस्ती परवान चढ़ी और छूटने के बाद एक-दूसरे के घर आना-जाना शुरू हो गया। शंकर के साथ उसका दोस्त छांगुर नाई निवासी मुहम्मदपुर थाना जीयनपुर भी आता-जाता था। तीनों मिलकर लकड़ी कटवाने का काम कर रहे थे। लकड़ी के परिवहन के लिए किराए पर पिकअप लेते थे।

भाई-भाभी ले गए शंकर का शव

मुठभेड़ में मौत के बाद पुलिस ने शंकर कनौजिया के परिजनों को घटना की सूचना दी। उसके भाई-भाभी और गांव के कुछ लोग वकील के साथ मोर्चरी पहुंचे थे। पोस्टमार्टम के बाद वे उसका शव घर ले गए।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:लगातार आईं X पोस्ट के बाद ऐक्शन मोड में उर्जा मंत्री, मीटिंग में एक्सईएन सस्पेंड

पिकअप चालक की हत्या कर नमक डाल दफन कर दिया शव

आजमगढ़ के जहानगांज के नरेहथा गांव में पास शनिवार की भोर में मारे गए बदमाश शंकर कनौजिया ने 14 महीने पहले पिकअप ड्राइवर का धड़ से सिर अलग कर उसकी हत्या कर दी थी। इसके बाद नमक डालकर उसका शव दफन कर दिया था। घटना के 12 दिन बाद पुलिस ने गड्ढा खोदकर शव निकाला था। कपड़े से मृतक की पहचान हुई थी। शंकर कनौजिया अपने साथी रामछवि निवासी नगरीपार थाना दोहरीघाट जिला मऊ और छांगुर निवासी मुहम्मदपुर थाना जीयनपुर के साथ मिलकर लकड़ी कटवाने का काम करता था। तीनों ने मिलकर पिकअप लूटने की योजना बनाई थी। एक जुलाई 2024 को शंकर कनौजिया गोरखपुर मंडी गया था। वहां पिकअप चालक महराजगंज जनपद के श्याम देउरवां थाना क्षेत्र के रुद्रपुर भलुही गांव निवासी शैलेंद्र सिंह से संपर्क किया। एक हजार रुपये एडवांड देकर तीन जुलाई को सुबह नौ बजे उसे जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के लाटघाट में बुलाया। कहा कि फर्नीचर लोड कर गोरखपुर ले जाना है। तीन जुलाई को शैलेंद्र सिंह ने पिकअप मालिक हृदय नारायन सिंह को फोन किया।

लेटेस्ट Hindi News, Lucknow News, Meerut News, Ghaziabad News, Agra News, Kanpur News , Pareet Yadav Death Live और UP News अपडेट हिंदी में पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।