हमारे लोगों का वोट छीना जा..., रैली में अचानक भावुक हुए संजय निषाद; मंच पर फूट-फूटकर रोए
रविवार को गोरखपुर में निषाद पार्टी का शक्ति प्रदर्शन देखने को मिला। डॉ.संजय निषाद ने बाइक रैली को रवाना किया। वह खुद भी बाइक चलाते नजर आए। इस मौके पर हुई सभा में बोलते-बोलते डॉ.संजय निषाद अचानक फूट-फूटकर रोने लगे। उन्होंने कहा कि हमारे लोगों का वोट छीना जाता है।

UP Politics: उत्तर प्रदेश में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर अब सियासी हलचल साफ-साफ दिखने लगी है। रविवार को महाराज गुहराज निषाद जयंती पर निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल (निषाद) ने गोरखपुर से चुनावी शंखनाद कर दिया। पार्टी ने एक बड़ी मोटरसाइकिल रैली निकालकर शक्ति प्रदर्शन किया और चुनाव प्रचार का आगाज किया। उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के प्रमुख डॉ. संजय निषाद ने पार्टी कार्यालय पादरी बाजार से इसकी शुरुआत की। वह खुद भी मोटरसाइकिल चलाते हुए रैली की अगुवाई करते नजर आए। इस मौके पर सभा में बोलते-बोलते संजय निषाद अचानक से भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि तीन साल पहले वह लंदन गए थे। हमने अंग्रेजों को मारकर देश को आजाद कराकर दिखाया। हमारा हक-हिस्सा बनता है। हमारे वंशजों को दर-दर की ठोकर खानी पड़ रही है। हमारे लोगों का वोट छीना जाता है। जब हमारी बहन-बेटियों की इज्जत लूटी जाती है तो विरोधी उसकी इज्जत लूटने वालों के साथ खडे होते हैं। यह सब बोलते हुए वह फूट-फूटकर रोने लगे।
रैली में निषाद समाज के लोगों की एससी में गिनती करने की और आरक्षण देने की मांग की गई। संजय निषाद ने कहा कि उत्तर प्रदेश की लगभग 160 विधानसभा सीटों पर निषाद मतदाता निर्णायक भूमिका निभाते हैं। पार्टी इन सीटों पर अपना प्रभाव बढ़ाने के लिए कमर कस रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 5 अप्रैल तक चार रैलियां आयोजित की जाएंगी। इनके जरिए निषाद समाज को एकजुट करने का प्रयास होगा। उन्होंने निषाद समाज के लोगों से अपनी पार्टी के पक्ष में खड़े होने का आह्वान किया। निषाद पार्टी की मोटरसाइकिल रैली गोरखपुर के पादरी बाजार से निकलकर गोरखपुर के विभिन्न चौराहों से गुजरी। शास्त्री चौक पर पहुंचने पर डॉ.संजय निषाद ने कहा कि पहले हमारे समाज के लोगों को नेता लैला (देसी शराब) पिला कर गुमराह करते थे। सभी ने हमारे समाज को ठगा है। मैं वकील बनकर अपने समाज के हक के लिए लड़ रहा हूं।
गोरखपुर के नौका विहार स्थित दिग्विजय नाथ पार्क में निषाद पार्टी का अधिवेशन शुरू किया गया। इस अधिवेशन का मुख्य लक्ष्य निषाद समाज के लिए आरक्षण सुनिश्चित करना है। रैली में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। डॉ. निषाद ने कार्यकर्ताओं से घर-घर जाकर पार्टी का प्रचार करने का आह्वान किया। पार्टी का दावा है कि 2027 चुनाव में निषाद समाज की ताकत से कई सीटें जीती जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि हमें मजबूत होना होगा। आप सभी से इतना कहूंगा कि अपनी निषाद पार्टी के लिए खड़े हो जाओ। अपनी पार्टी को मजबूत करो।
निषाद पार्टी की मांग और इतिहास
अभी अन्य पिछड़ा वर्ग में शामिल निषादों को अनुसूचित जाति का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर शुरू हुआ निषादों का आंदोलन 13 जनवरी 2013 को पार्टी में तब्दील हुआ था। पार्टी ने निषादवंशी 553 जातियों को एससी का प्रमाण पत्र दिलाने के लिए मुहिम शुरू की। इसी के बाद पार्टी का जन्म हुआ था। 2017 के यूपी विधानसभा चुनाव में पीस पार्टी से हाथ मिलाकर 60 सीटों पर चुनाव लड़ने वाली निषाद पार्टी को तब सिर्फ ज्ञानपुर सीट पर जीत हासिल हुई थी।
इसके बाद गोरखपुर के लोकसभा उपचुनपाव में डॉ.संजय निषाद ने अपने बेटे इंजी.प्रवीण निषाद को सपा के टिकट पर चुनाव लड़ाया। करीब चार दशक बाद गोरखपुर सीट निषाद पार्टी की मदद से पहली बार सपा के खाते में गई थी। हालांकि 2019 के लोकसभा चुनाव में सीटों के विवाद में निषाद पार्टी का सपा से गठबंधन टूट गया था। निषाद पार्टी तभी से भाजपा की अगुवाई वाले एनडीए का अहम हिस्सा है।




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