संसद के मॉनसून सत्र में तीखे तेवर दिखाएगी सपा, केंद्र और यूपी सरकार को घेरने की तैयारी
विपक्षी दलों के इंडिया ब्लाक ने राष्ट्रीय मुद्दों को जोर-शोर से उठाने की अलग से रणनीति बनाई है। इसमें सपा प्रमुख अखिलेश यादव पूरी तरह साथ हैं। चुनाव आयोग द्वारा बिहार में विशेष वोटर लिस्ट पुनरीक्षण अभियान, सपा सांसद इकरा हसन से दुर्व्यवहार जैसे मुद्दों की भी गूंज रहेगी।

समाजवादी पार्टी संसद से लेकर विधानसभा तक तीखे तेवर दिखाएगी। संसद का मॉनसून सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है जबकि यूपी विधानसभा का सत्र अगले महीने होगा। पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव भाजपा की केंद्र और यूपी की सरकार को तमाम मुद्दों पर घेरते हुए तीखे तेवर दिखाते रहे हैं। इसकी झलक दोनों सदनों में दिखाई देगी।
वैसे विपक्षी दलों का इंडिया ब्लाक राष्ट्रीय मुद्दों को भी जोर-शोर से उठाने की अलग से रणनीति बनाई है। इसमें सपा प्रमुख अखिलेश यादव पूरी तरह साथ हैं। चुनाव आयोग द्वारा बिहार में विशेष वोटर लिस्ट पुनरीक्षण अभियान, सपा सांसद इकरा हसन से दुर्व्यवहार जैसे मुद्दों की भी गूंज रहेगी। इसके अलावा पार्टी यूपी से जुड़े तमाम मसलों को उठाने से नहीं चूकेगी। सपा के फतेहपुर से सांसद व यूपी सपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नरेश चंद्र उत्तम पटेल कहते हैं कि वैसे तो पार्टी नेतृत्व के निर्देश के मुताबिक मुद्दे उठाए जाएंगे। वैसे राज्य में स्कूलों का मर्जर का निर्णय शिक्षा, शिक्षकों व बच्चों के हितों पर कुठराघात करेगा। इस सवाल को हम लोग संसद में उठाएंगे।
डबल इंजन की सरकार देश व प्रदेश का सामाजिक तानाबाना बिगाड़ने में लगी है। पेंशन बहाली की हम लोगों की पुरानी मांग है। महंगाई व बेरोजगारी पूरे देश में बढ़ रही है। इन सब मुद्दों पर फोकस रहेगा। धौरहरा से सांसद आनंद भदौरिया कहते हैं कि हम लोगों ने सदन में कई सवाल लगाए हैं। यूपी में जल जीवन मिशन में बड़ी गड़बडि़यां हैं। किसानों को खाद नहीं मिल रही है। राज्य में बिजली का हाल बहुत खराब है। मनरेगा में लोगों को काम नहीं मिल रहा है। भुगतान की भी समस्या है। यह सब मुद्दे संसद के समक्ष लाए जाएंगे।
इस बीच यूपी विधानसभा का वर्षाकालीन सत्र अगले महीने होना है। इस संक्षिप्त सत्र में सपा विधायक नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय के नेतृत्व में स्कूलों के मर्जर से लेकर खराब कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार को घेरेंगे। सपा से निष्कासित तीन सदस्य अब सदन में अलग बैठेंगे। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने उन्हें असंबद्ध सदस्य के तौर पर मान्यता दे दी है। यह तीनों सदस्य भी अब सपा के निशाने पर होंगे।




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