मकान में दुकान को लेकर यूपी के इस शहर में बदला नियम, पास होंगे मिक्स्ड लैंड यूज मैप; जानें डिटेल
2023 में लागू महायोजना-2031 के तहत केवल 24 मीटर चौड़ी सड़कों पर ही बाजार स्ट्रीट की सुविधा लागू थी। इसका लाभ सीमित संख्या में लोगों को मिल रहा था। अब संशोधित उपविधियों के तहत 18 मीटर चौड़ी सड़कों को भी इस व्यवस्था में शामिल कर दिया गया है।

Rules for opening a shop in a house: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर शहर में विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने शासन की मंजूरी के बाद भवन निर्माण एवं विकास उपविधि 2025 में आमजन को राहत देने वाला अहम संशोधन किया है। अब 18 मीटर चौड़ी सड़कों के दोनों ओर 100 मीटर की सीमा तक स्थित आवासीय भवनों में भी दुकानें और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा सकेंगी। इसके लिए केवल संबंधित भूखंड का मिक्स्ड लैंड यूज (मिश्रित भू उपयोग) मानचित्र स्वीकृत कराना होगा। इससे नक्शा पास कराने और अन्य शुल्क के रूप में प्राधिकरण को करोड़ों रुपये की अतिरिक्त आय होगी।
पूर्व में 2023 में लागू महायोजना-2031 के तहत केवल 24 मीटर चौड़ी सड़कों पर ही बाजार स्ट्रीट की सुविधा लागू थी। इसका लाभ सीमित संख्या में लोगों को मिल रहा था। लेकिन अब संशोधित उपविधियों के तहत 18 मीटर चौड़ी सड़कों को भी इस व्यवस्था में शामिल कर दिया गया है। इस निर्णय से वे लोग लाभान्वित होंगे, जो अपने आवासीय भवनों में किराना, मेडिकल, स्टेशनरी, बुटीक, मोबाइल रिपेयरिंग, रेस्टोरेंट जैसे छोटे व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं। महानगर में 18 मीटर चौड़ी सड़कों की संख्या अधिक है, जिससे यह संशोधन व्यापक स्तर पर व्यावसायिक संभावनाएं बढ़ाएगा और शहरी अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा।
प्राधिकरण की कॉलोनियों में भी उठा सकेंगे लाभ
भवन निर्माण उपविधि 2025 में संशोधन का लाभ प्राधिकरण की कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को मिलेगा। पहले नियमों के अनुसार, किसी भी स्वीकृत ले-आउट में भूखंड का भू उपयोग नहीं बदला जा सकता था, जिससे जीडीए की योजनाओंजैसे तारामंडल क्षेत्र, राप्तीनगर, राप्तीनगर विस्तार आदि में रहने वाले लोग अपने मकानों में दुकान या व्यवसाय शुरू नहीं कर सकते थे। अब संशोधित उपविधियों में प्राधिकरण की इन कालोनियों को भी मिक्स्ड लैंड यूज की छूट दे दी गई है। इससे हजारों परिवारों को राहत मिलेगी, जो लंबे समय से अपने घर के एक हिस्से में छोटे-छोटे कारोबार जैसे किराना, स्टेशनरी, बुटीक आदि चला रहे थे लेकिन कानूनी जटिलताओं में फंसे रहते थे। अब वे वैध रूप से व्यवसाय संचालित कर सकेंगे, जिससे न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
क्या बोले उपाध्यक्ष
जीडीए के उपाध्यक्ष आनंद वर्धन ने बताया कि गोरखपुर महयोजना 2031 में 24 मीटर चौड़ी सड़कों के किनारे बाजार स्ट्रीट की सुविधा मिली थी। लेकिन, नए बायलाज में अब 18 मीटर सड़क के किनारे भी मिश्रित भू उपयोग के मानचित्र स्वीकृत होंगे। इससे बड़ी संख्या में लोग लाभान्वित होंगे। भवन निर्माण एवं विकास उपविधि 2025 में मिली सुविधाओं के लिए रियल एस्टेट कारोबारियों, आर्किटेक्ट आदि को जागरूक किया जा रहा है। जल्द ही कार्यशाला भी आयोजित होगी।




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