Revenue records of all 5 tehsils of Lucknow are completely digital, Khatauni, other documents will be available online यूपी के इस जिले में राजस्व रिकॉर्ड पूरी तरह डिजिटल, खतौनी और अन्य कागजात ऑनलाइन मिलेंगे, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
More

यूपी के इस जिले में राजस्व रिकॉर्ड पूरी तरह डिजिटल, खतौनी और अन्य कागजात ऑनलाइन मिलेंगे

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सभी पांचाें तहसीलों का राजस्व रिकॉर्ड पूरी तरह से डिजिटल हो गया है। अब नागरिकों को खतौनी या बंदोबस्त अभिलेखों के लिए कलेक्ट्रेट या तहसील के दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।

Tue, 14 April 2026 02:47 PMDeep Pandey लखनऊ, ज्ञान प्रकाश
share
यूपी के इस जिले में राजस्व रिकॉर्ड पूरी तरह डिजिटल, खतौनी और अन्य कागजात ऑनलाइन मिलेंगे

UP News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के लोगों के लिए राहत की खबर है। लखनऊ जिले में जमीन-जायदाद के कागजात और राजस्व रिकॉर्ड प्राप्त करने की दशकों पुरानी व्यवस्था अब इतिहास बनने जा रही है। लखनऊ की सभी 5 तहसीलों के रिकॉर्ड को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया है। अब नागरिकों को खतौनी या बंदोबस्त अभिलेखों के लिए कलेक्ट्रेट या तहसील के दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। अब लोगों को खतौनी या बंदोबस्त अभिलेखों के ऑनलाइन ही मिल जाएंगे। इस संबंध में जिला प्रशासन की ओर से आदेश जारी कर दिया है।

दरअसल, लखनऊ के जिलाधिकारी विशाख जी ने एक आधिकारिक आदेश जारी किया है। इस आदेश में जिला प्रशासन ने जिले की पांचों तहसीलों, सदर, मलिहाबाद, मोहनलालगंज, बीकेटी और सरोजनीनगर के अंतर्गत आने वाले सभी 7 परगनाओं (लखनऊ, मलिहाबाद, मोहनलालगंज, निगोहां, महोना, बिजनौर और काकोरी) के कुल 898 गांवों का डेटा डिजिटल कर दिया है। कुल 22,51,696 (22.51 लाख) रिकॉर्ड्स को स्कैन और डिजिटाइज किया गया है, जिनमें खतौनी, अधिकार अभिलेख, बंदोबस्त अभिलेख और चकबंदी रिकॉर्ड जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज शामिल हैं।

इस व्यवस्था से दलालों और तहसील में होने वाली अनावश्यक देरी पर लगाम लगेगी

अब 15 अप्रैल से सभी प्रकार के राजस्व अभिलेखों की प्रमाणित प्रतियां केवल इसी वेबसाइट के माध्यम से ही जारी की जाएंगी। इस व्यवस्था से दलालों और तहसील में होने वाली अनावश्यक देरी पर लगाम लगेगी। अब तक किसानों और जमीन मालिकों को पुराने रिकॉर्ड निकलवाने के लिए कई दिनों तक तहसील के बाबू और अभिलेखागार के चक्कर लगाने पड़ रहे थे और किसानों को दिक्कतें झेलनी पड़ती थी। कई बार पुराने रिकॉर्ड फटे होने या न मिलने की समस्या भी आती थी लेकिन पर अब इस तरह की परेशानियों से नहीं जूझना पड़ेगा। अब एक क्लिक पर प्रमाणित प्रति मिलने से न केवल समय बचेगा, बल्कि धोखाधड़ी की संभावना भी कम होगी। इन सभी अभिलेखों को देखने और उनकी प्रमाणित प्रतिलिपि प्राप्त करने के लिए एक विशेष वेबसाइट https://lucknowbhulekh.in तैयार की गई है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:लखनऊ, कानपुर और अयोध्या में कुकर-फ्रुट बम धमाकों की थी साजिश, यूपी एटीएस ने दबोच लिया था आतंकी कमांडर मिनहाज को
ये भी पढ़ें:टूरिज्म मैप पर आएगा यूपी का ये मंदिर, पांडवों से जुड़ा है कनेक्शन
ये भी पढ़ें:पासपोर्ट कार्यालयों को बम से उड़ा देंगे…यूपी के आठ जिलों में पहुंचा धमकी भरा मेल

अभियान की तरह हुआ प्रयास

राजधानी लखनऊ में सभी तहसीलों के राजस्व रिकॉर्ड ऑनलाइन करने की प्रक्रिया 2016 में शुरू हो गई थी। मौजूदा एडीएम प्रशासन शुभी सिंह ने इसे अभियान की तरह रखा। कोर्ट, बैठकों और निरीक्षण से अलग इसके लिए समय निकाला। आखिर में वेबसाइट की दिक्कत सामने आ गई नहीं तो 27 जनवरी को ही लॉन्च होना था। आखिरकार यह समस्या भी दूर हो गई और अब रिकॉर्ड ऑनलाइन हो गए। अब इस व्यवस्था से राजधानी के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।

लेटेस्ट Hindi News, Lucknow News, Meerut News, Ghaziabad News, Agra News, Kanpur News और UP News अपडेट हिंदी में पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।