Registry offices will be hi-tech in UP, facilities for buying and selling land, houses will increase, Yogi instruction UP में रजिस्ट्री ऑफिस हाईटेक होंगे, जमीन-मकान की खरीद-बिक्री के लिए बढ़ेंगी सुविधाएं, योगी के निर्देश, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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UP में रजिस्ट्री ऑफिस हाईटेक होंगे, जमीन-मकान की खरीद-बिक्री के लिए बढ़ेंगी सुविधाएं, योगी के निर्देश

यूपी में रजिस्ट्री ऑफिस हाईटेक होंगे। जमीन-मकान की खरीद-बिक्री के लिए सुविधाएं बढ़ेंगी। इसके लिए पासपोर्ट सेवा केंद्रों की तर्ज पर रजिस्ट्री कार्यालयों को विकसित किया जाए।

Mon, 8 June 2026 09:36 PMDeep Pandey लाइव हिन्दुस्तान
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UP में रजिस्ट्री ऑफिस हाईटेक होंगे, जमीन-मकान की खरीद-बिक्री के लिए बढ़ेंगी सुविधाएं, योगी के निर्देश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संपत्तियों की रजिस्ट्री पेपरलेस करने, जियो-टैगिंग और एआई आधारित प्रणाली को तेजी से लागू करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए पासपोर्ट सेवा केंद्रों की तर्ज पर रजिस्ट्री कार्यालयों को विकसित किया जाए। ऑफिस हाईटेक होंगे। सुविधाएं बढ़ेंगी। मुख्यमंत्री ने सोमवार को स्टांप एवं पंजीयन विभाग के कामों की समीक्षा करते हुए कहा कि रजिस्ट्री कार्यालय आमजन के प्रत्यक्ष संपर्क वाले कार्यालय हैं। इसलिए वहां की व्यवस्थाएं आधुनिक, व्यवस्थित और नागरिक केंद्रित होनी चाहिए। प्रदेश के रजिस्ट्री कार्यालयों में हर साल लगभग 2.4 करोड़ लोगों का प्रत्यक्ष संपर्क होता है। इसे देखते हुए हेल्प डेस्क, टोकन और क्यू मैनेजमेंट सिस्टम, आधुनिक प्रतीक्षालय, महिला व शिशु कक्ष, डिजिटल सुविधाएं और अन्य नागरिक सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि ऐसी व्यवस्था विकसित की जाए जिससे नागरिकों को अनावश्यक इंतजार न करना पड़े और उन्हें असुविधा न हो। तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था, निवेश गतिविधियों और शहरीकरण की आवश्यकताओं के मुताबिक विभाग को अधिक पारदर्शी, तकनीक आधारित, उत्तरदायी और जनसुविधा केंद्रित बनाया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री को बैठक में बताया गया कि वर्ष 2016-17 में विभाग की कुल आय 11,613.84 करोड़ रुपये थी, जो वर्ष 2025-26 में बढ़कर 32,598.49 करोड़ रुपये हो गई है। इसी अवधि में पंजीकृत लेखपत्रों की संख्या 28.25 लाख से बढ़कर 49.34 लाख से अधिक हो गई।

डिजिटल गवर्नेंस बने सुधारों का आधार

मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल गवर्नेंस विभागीय सुधारों का प्रमुख आधार बनना चाहिए। संपत्ति व विवाह पंजीकरण में आधार प्रमाणीकरण, बायोमेट्रिक और आइरिस आधारित सत्यापन, ऑनलाइन दस्तावेज सत्यापन और खतौनी आधारित डिजिटल जांच जैसी व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ किया जाए। पेपरलेस रजिस्ट्रेशन प्रणाली, अभिलेखों के डिजिटाइजेशन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित कार्यप्रणाली और जियो-टैगिंग व्यवस्था को प्रभावी तौर पर लागू किया जाए। तकनीक के माध्यम से पारदर्शिता बढ़ाने, विवाद कम करने और राजस्व चोरी रोकने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने संपत्तियों के मूल्यांकन में एकरूपता और पारदर्शिता लाने के लिए मानकीकृत मूल्यांकन व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए हैं। इससे बाजार आधारित मूल्यांकन सुनिश्चित होगा और मूल्यांकन संबंधी विवादों में कमी आएगी।

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व्यावसायिक जरूरतों मुताबिक बनाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी तेजी से निवेश और औद्योगिक विकास का केंद्र बन रहा है। ऐसे में विधिक व्यवस्थाएं भी आर्थिक और व्यावसायिक जरूरतों के अनुरूप बनाएं। व्यवस्थाओं में स्पष्टता से निवेशकों का विश्वास बढ़ता है। अनावश्यक विवाद और मुकदमेबाजी कम होती है। कारोबार करना भी सुगम होता है। उन्होंने कॉरपोरेट पुनर्गठन, विलय, विभाजन, अधिग्रहण, सीमित दायित्व भागीदारी (एलएलपी), आवासीय सहकारी समितियों और रेरा के तहत विक्रय करार का उल्लेख करते हुए कहा कि इन क्षेत्रों में स्पष्ट और व्यावहारिक स्टांप शुल्क व्यवस्था विकसित की जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्य राज्यों की भी अच्छी व्यवस्थाओं का अध्ययन करते हुए ऐसा ढांचा तैयार करें, जिससे निवेश को प्रोत्साहन मिले।

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