1500 करोड़ की ठगी करने वाले रवींद्र ने नोएडा से शुरू किया था ठगी का सफर, अलीगढ़ में पहला केस
1500 करोड़ की ठगी का आरोपी रवींद्रनाथ सोनी ने नोएडा से ठगी का सफर शुरू किया लेकिन उस पर पहला मुकदमा अलीगढ़ में दर्ज हुआ। अलीगढ़ में उसने डीएफएम जेम्स एंड ज्वैलरी ट्रेडिंग कंपनी लांच की और सोने में निवेश के नाम पर लोगों को ठगा था।

UP News: 1500 करोड़ की ठगी के आरोपी दिल्ली का रहने वाला रवींद्रनाथ सोनी ने यूं तो नोएडा से ठगी का सफर शुरू किया लेकिन उस पर पहला मुकदमा अलीगढ़ के इगलास थाने में दर्ज हुआ। अलीगढ़ में उसने डीएफएम जेम्स एंड ज्वैलरी ट्रेडिंग कंपनी लांच की और सोने में निवेश के नाम पर लोगों को ठगना शुरू कर दिया। यह कंपनी उसने अपने कई साथियों के साथ मिलकर शुरू की थी, जिसे बाद में बंद कर दिया।
रवींद्रनाथ सोनी ने डीएफएम जेम्स एंड ज्वैलरी ट्रेडिंग कंपनी की शुरुआत की। कंपनी में निवेश के लिए कई निर्धारित स्लैब बनाए गए। इसमें 14 हजार, 35 हजार, 1.40 लाख और सात लाख की अलग-अलग स्कीमें लांच की थी। एसीपी कोतवाली ने बताया कि रवींद्र ने यह कंपनी ललित सरीन के साथ मिलकर खोली थी। कंपनी के एक्जीक्यूटिव आफीसर पुनीत कौशिक का काम लोगों को योजनाएं बताकर निवेश कराना था। इसमें मैनेजर सुनील शर्मा की भी भागीदारी होती थी। लोगों को बड़ा निवेश करने पर सोने की गिन्नी देने और धनराशि दोगुना करने के नाम पर फंसाया जाता था। अलीगढ़ के इगलास थाने में नौ अगस्त 2019 को रवींद्र और उसके साथियों पर धोखाधड़ी में पहला मुकदमा दर्ज किया गया। यह मुकदमा छतरपुर एन्क्लेव मैदान गढ़ी दिल्ली के मनीष गुप्ता ने दर्ज कराया था।
मनीष से 35 हजार रुपये लेकर आईडी बनाने को कहा गया था लेकिन उनकी आईडी नहीं बनाई गई। उन्हें कहा गया कि नौ और लोगों को कंपनी से जोड़ो तब ही तुम्हारा पैसा वापस मिलेगा। जिसके बाद मनीष ने तहरीर दी थी। एसीपी के मुताबिक इसी तरह रवींद्र पर दूसरा मुकदमा हरियाणा के पानीपत सेक्टर 13 में दर्ज हुआ और तीसरा मुकदमा लखनऊ के विकास नगर थाने में दर्ज किया गया। यह मुकदमा खुर्रमनगर पाम व्यू लखनऊ निवासी गौहर आलम की तहरीर पर रवींद्रनाथ सोनी, साथी ललित सरीन और मो. फजलुल कदीर के खिलाफ दर्ज किया गया। आरोप है कि रवींद्र और उसके साथियों ने गौहर को एक साल में रकम दोगुना का लालच देकर 45.50 लाख रुपये की ठगी की थी। इसमें 7.45 लाख उन्हें वापस मिले। बाद में और लोगों से निवेश कराने के नाम पर उन्हें रुपये देने बंद कर दिए गए। पुलिस के मुताबिक उन मुकदमों की डिटेल जुटायी गई है।
14 करोड़ की संपत्ति, रिटर्न भरा 20 लाख
एसीपी ने बताया कि रवींद्र सोनी ने 2022 से 2025 तक तीन साल का आयकर रिटर्न भरा है। इसमें 19-20 लाख रुपये रिटर्न दाखिल किया गया है। उसने अपने नाम से रिटर्न फाइल नहीं किया जबकि पुलिस की जांच में अब तक 13 से 14 करोड़ रुपये कीमत की संपत्तियां सामने आईं हैं। इसकी डिटेल आयकर विभाग को साझा की गई है। संपत्तियां कैसे बनाई गईं इसकी जांच भी चल रही है। नोटिस जारी कर आय का स्रोत पूछा जाएगा।
एसीपी कोतवाली आशुतोष सिंह ने बताया कि रवींद्र की पत्नी के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। रवींद्र की सभी संपत्तियां की डिटेल जुटा ली गई है। उसे पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेकर आय के स्रोत और संपत्तियां की खरीदी फरोख्त की जानकारी की जाएगी।




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