राजा भैया के शस्त्र पूजन का वीडियो वायरल, पूर्व आईजी ने डीपीजी को लिखा पत्र, जांच की मांग
विजय दशमी के मौके पर यूपी क बाहुबली विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने सामूहिक शस्त्र पूजन का आयोजन किया। शस्त्र पूजन का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। अब पूर्व आईजी और अधिकार आजाद सेना के अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने डीजीपी को पत्र लिखकर इसकी जांच की मांग की है।

कुंडा के विधायक एवं जनसत्तादल लोकतांत्रिक के राष्ट्रीय अध्यक्ष रघुराज प्रताप सिंह राजाभैया ने विजयदशमी पर सामूहिक रूप से शस्त्र की पूजा की। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिस पर लोग अलग-अलग प्रतिक्रिया दे रहे हैं। इस बीच पूर्व आईजी एवं आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने डीजीपी को पत्र भेजकर वायरल वीडियो की जांच की मांग की है।
बेंती राजभवन परिसर में बजरंग बली मंदिर के पास करीने से सजाए गए शस्त्रों का राजाभैया ने आचार्य अतुल के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजन किया। उनके साथ एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह, कुंवर शिवराज प्रताप सिंह ने भी शस्त्रों का पूजन किया। इस संबंध में राजाभैया ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह सनातन धर्म की परंपरा है। विजय दशमी पर आज से नहीं, पैतृक परंपरा है, इसदिन शस्त्र, गौ, अश्व और वाहन पूजन होता है।
पूजन में जितने लोग भी थे सब स्वदेशी वस्त्र में थे। इतने अधिक शस्त्र किसके हैं? इस सवाल पर उन्होंने कहा कि जो कुछ हमारे समर्थकों का है सब हमारा है, जो हमारा है वो सबकुछ हमारे समर्थकों का है। इस मौके पर डॉ. केएन ओझा, विधायक विनोद सरोज, कुलपदीप पटेल, जिला पंचायत सदस्य बबलू सिंह, ब्लॉक प्रमुख संतोष सिंह, संजय जायसवाल, बउआ तिवारी, डॉ. रोहित सिंह, डॉ. एके उपाध्याय, वैभव पाण्डेय आदि मौजूद रहे।
अमिताभ ठाकुर ने जांच के लिए डीजीपी को लिखा पत्र
प्रतापगढ़। पूर्व आईपीएस अफसर एवं आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने डीजीपी को पत्र भेजकर राजाभैया के पैतृक आवास पर शस्त्रों के प्रदर्शन के वायरल वीडियो की जांच करवाकर समुचित विधिक कार्रवाई की मांग की है। अपने वीडियो बयान में उन्होंने कहा है कि दशहरे के अवसर पर राजा भैया के पैतृक आवास पर 200 से अधिक शस्त्रों के कथित तौर पर प्रदर्शन के मामले में, उनके लोगों द्वारा इन सभी हथियारों के वैध लाइसेंस होने की बात सामने आई है। किंतु एक साथ एक स्थान पर प्रथमदृष्या इतनी संख्या में हथियारों के होने का मामला निश्चित तौर पर विस्तृत जांच की मांग करता है।




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