यूपी में संपत्तियों की कम होंगी कीमतें, आसानी से लोग खरीद सकें घर; योगी सरकार की क्या है तैयारी?
यूपी में संपत्तियों की कीमतें कम होंगी। योगी सरकार विकास प्राधिकरण संपत्तियों की कीमतों में मनमानी वृद्धि पर रोक लगाने जा रही है। ऐसी ही व्यवस्था बनाने की तैयारी है, जिससे आम लोगों आसानी से अपने लिए घर खरीद सकें।

UP News: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार विकास प्राधिकरण संपत्तियों की कीमतों में मनमानी वृद्धि पर रोक लगाने जा रही है। पुराने संपत्तियों की कीमतों के लिए नीति लाने के बाद नई संपत्तियों के लिए भी ऐसी ही व्यवस्था बनाने की तैयारी है, जिससे आम लोगों आसानी से अपने लिए घर खरीद सकें। संपत्तियों की कीमतें कम होंगी।
प्रदेश के विकास प्राधिकरण अपने हिसाब से संपत्तियों की कीमतें बोर्ड से अनुमति लेने के बाद योजनावार तय करते हैं। कुछ संपत्तियों की कीमतें इतनी अधिक होती हैं कि ये आम लोगों की पहुंच से दूर हो जाती हैं। इसीलिए उच्च स्तर पर सहमति बनी है कि विकास प्राधिकरण की संपत्तियों की कीमत तय करने के लिए स्पष्ट नीति लाई जाए। इसमें यह स्पष्ट किया जाए कि संपत्तियों की कीमत क्या होगी। गैर जरूरी चार्ज को समाप्त किया किया जाएगा। इससे संपत्तियों की लागत कम होगी। इसके अलावा विकास की दरों में संशोधन किया जाएगा और कुछ कामों पर रोक लगाई जाएगी।
आदर्श कास्टिंग गाइड लाइन को मंजूरी दी
उच्चाधिकारियों का मानना है कि लागत में कमी आने से संपत्तियों की कीमतों में कमी आएगी। शासन ने कुछ समय पहले ही आदर्श कास्टिंग गाइड लाइन को मंजूरी दी है। इसमें पुरानी संपत्तियों का मूल्य निर्धारण के लिए 12 से 15 प्रतिशत तक ब्याज, 15 प्रतिशत तक कंटीजेंटी और 10 से 15 प्रतिशत ओवर हेड चार्ज लेने की व्यवस्था में बदलाव किया गया है। इससे पुरानी संपत्तियों की कीमतों में कमी आई है। इसी तरह नई योजनाओं की संपत्तियों की कीमत कम करने के लिए काम किया जा रहा है।
छोटे मकानों की कीमतों पर विशेष रूप से ध्यान दिया जाएगा
खासकर छोटे मकानों ईडब्ल्यूएस, एलआईजी और मिनी एमआईजी मकानों की कीमतों पर विशेष रूप से ध्यान दिया जाएगा। सबसे अधिक इन्हीं मकानों की जरूरत लोगों को होती है। उच्चाधिकारियों का मानना है कि बड़े मकान व फ्लैट लेने वाले कोई भी कीमत दे सकते हैं, लेकिन छोटे मकानों की कीमत कम होनी चाहिए। इसीलिए नीति तय कर ऐसे मकानों को कीमत तय की जाएगी। यह भी देखा जाएगा कि प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी से कैसे इनको जोड़कर लोगों को लाभ दिया जा सकता है।




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