president droupadi murmu ayodhya visit ram mandir shri ram yantra sthapna राष्ट्रपति मुर्मू का अयोध्या दौरा; सभी पास स्थगित, आम श्रद्धालुओं को रामानंदाचार्य द्वार से मिलता रहेगा प्रवेश, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
More

राष्ट्रपति मुर्मू का अयोध्या दौरा; सभी पास स्थगित, आम श्रद्धालुओं को रामानंदाचार्य द्वार से मिलता रहेगा प्रवेश

भारतीय गणतंत्र की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज अयोध्या के ऐतिहासिक दौरे पर हैं, जहाँ वह राम मंदिर के दूसरे तल पर 'श्रीराम यंत्र' और स्वर्णांकित 'श्रीराम नाम' रजत पट्टिका की स्थापना के अनुष्ठान में शामिल होंगी। राष्ट्रपति लगभग चार घंटे मंदिर परिसर में गुजारेंगी।

Thu, 19 March 2026 06:14 AMYogesh Yadav अयोध्या। संवाददाता
share
राष्ट्रपति मुर्मू का अयोध्या दौरा; सभी पास स्थगित, आम श्रद्धालुओं को रामानंदाचार्य द्वार से मिलता रहेगा प्रवेश

वासंतिक नवरात्र के साथ गुरुवार से शुरू होने वाले हिंदी नववर्ष के प्रथम दिन भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का आगमन राम मंदिर में हो रहा है। वह यहां श्रीराम नाम मंदिर व श्रीराम यंत्र स्थापना के पूजन मे हिस्सा लेंगी। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने सभी तैयारियां पूरी कर ली है। सभी प्रकार के पास स्थगित कर दिए गए हैं। रंगमहल बैरियर के प्रवेश द्वार को समारोह में आमंत्रित अतिथियों के लिए आरक्षित कर दिया गया है। आम श्रद्धालुओं को भी इस दौरान रामलला का दर्शन सुलभ होगा। सभी दर्शनार्थियों को बिड़ला धर्मशाला के सामने आदि गुरु रामानंदाचार्य द्वार से प्रवेश मिलेगा।

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र महासचिव ने बताया कि गुरुवार को मां अमृतानंदमयी अपने 1100 से अधिक भक्तों के साथ पधार चुकी हैं। मन्दिर आंदोलन और निधि संकलन में दायित्व निभाने वाले आमंत्रित कार्यकर्ताओं का भी आगमन हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि आमंत्रित जन इच्छानुसार चाहें तो उसी दिन अन्यथा ठहर कर अगले दिन भी जा सकते हैं। सभी आमंत्रित अतिथियों को निर्देशित कर दिया गया है कि वह हर हाल में पूर्वाह्न दस बजे तक कार्यक्रम स्थल पर पहुंच कर अपना स्थान ग्रहण कर लें।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:राम मंदिर से अयोध्या की अर्थव्यवस्था में नई गति, जबरदस्त उछाल, IIM की स्टडी

सेना के विमान से पहुंचेंगी एयरपोर्ट

राष्ट्रपति मुर्मु का राम मंदिर में आगमन पूर्वाह्न 11 बजे नियत है। वह सेना के विमान से महर्षि वाल्मीकि एयरपोर्ट पर उतरेंगी और फिर एयरपोर्ट से सड़क मार्ग होते हुए राम मंदिर आएंगी। पुनः आद्य गुरु शंकराचार्य प्रवेश द्वार से परिसर में प्रवेश कर सीधे सप्त मंडपम के मंदिरों में रामायण कालीन ऋषियों व पात्रों के दर्शन के साथ भक्ति मूर्ति माता शबरी का पूजन करेंगी।

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र महासचिव चंपतराय का कहना है कि यदि उनका आगमन एयरपोर्ट पर 11 बजे हुआ तो वह 11.10 बजे तक राम मंदिर पहुंचेगी और यदि पहले हुआ तो 11 बजे आ जाएंगी। उन्होंने बताया कि सबसे पहले सप्त मंडपम देखने का आग्रह किया गया है। राष्ट्रपति रामलला का दर्शन कर प्रथम तल पर राम परिवार की आरती भी उतारेंगी। इसके अलावा राम मंदिर की वर्टिकल दीवारों पर लगे भित्ति चित्रों व ब्रांच मेंटल पर उत्कीर्ण चित्रों का भी अवलोकन करेंगी। इसके साथ ही श्रीराम यंत्र की स्थापना का पूजन भी करेंगी और सभा को भी सम्बोधित करेंगी। इस मौके पर केरल की आध्यात्मिक गुरु मां अमृतानंद मयी का भी आर्शीवाद सबको प्राप्त होगा।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:कुर्सी आज चली जाए लेकिन..., योगी ने बताया, कैसे नोएडा के अपशकुन को उखाड़ फेंका
ये भी पढ़ें:यूपी पंचायत चुनाव की प्रक्रिया अब पकड़ेगी रफ्तार? HC की सख्ती को लेकर क्या उम्मीद

तीर्थ क्षेत्र महासचिव चंपत राय का कहना है कि अपराह्न तीन बजे उनकी वापसी है और उसके पहले वह मंदिर परिसर में प्रसाद भी ग्रहण करेंगी। इस अवसर पर राज्यपाल आनंदी बेन पटेल व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अलावा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर कार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले भी मौजूद रहेंगे।

दूसरे तल पर श्रीराम यंत्र स्थापित, स्वर्णांकित श्रीराम नाम रजत पट्टिका लगी

राम मंदिर के दूसरे तल पर स्थापित की जाने श्रीराम यंत्र व श्रीराम नाम स्वर्णांकित रजत पट्टिका का सप्त दिवसीय अनुष्ठान के उपरांत यथास्थान पर स्थापित कर दिया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के पूजन के बाद इस सप्त दिवसीय अनुष्ठान की पूर्णाहुति हवन के साथ होगी। पंच धातु से निर्मित व प्राण प्रतिष्ठित श्रीराम यंत्र कांची कामकोटि शंकराचार्य जगद्गुरु स्वामी विजयेन्द्र सरस्वती ने राम मंदिर में स्थापित कराने के लिए ट्रस्ट को प्रदान की थी। इसके पहले श्रीराम यंत्र को कांची मठ में पूजा-अर्चना के बाद तिरुपति देवस्थानम ले जाया गया। यहां पुनः पूजन के बाद पूरे देश में रथयात्रा के जरिए यहां लाया गया था।

तीर्थ क्षेत्र के कोषाध्यक्ष महंत गोविंद देव गिरि ने बताया कि दूसरे तल पर राम नाम मंदिर भी स्थापित किया जा रहा है। उन्होंने गोस्वामी तुलसीदास महाराज ने श्रीराम चरित मानस में स्पष्ट किया है कि प्रभु श्रीराम से बढ़कर उनके नाम की महिमा है। उन्होंने बताया कि यह पट्टिका चांदी में निर्मित है और साढ़े फिट की है। इसके मध्य में श्रीराम नाम। स्वर्ण से अंकित किया गया है। फिलहाल सप्त दिवसीय अनुष्ठान के मुख्य यजमान तीर्थ क्षेत्र के न्यासी डा अनिल मिश्र व उनकी धर्मपत्नी रहीं।

लेटेस्ट Hindi News, Lucknow News, Meerut News, Ghaziabad News, Agra News, Kanpur News , Pareet Yadav Death Live और UP News अपडेट हिंदी में पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।