केवल पौधरोपण नहीं, जलाशय तैयार कर बचाएं पर्यावरण: डॉ. जोशी
Prayagraj News - मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान में पर्यावरणविद डॉ. अनिल प्रकाश जोशी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण अब जरूरी है। उन्होंने पौधरोपण के साथ नदियों के संरक्षण और जलाशयों के निर्माण की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कार्बन फुटप्रिंट अंकन की सलाह दी और जल संकट पर चिंता जताई।
मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान में मंगलवार को आयोजित प्रेस वार्ता में पद्मश्री व पद्मभूषण से सम्मानित पर्यावरणविद डॉ. अनिल प्रकाश जोशी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण अब अत्यंत जरूरी हो गया है। पर्यावरण संरक्षण केवल पौधरोपण से संभव नहीं है। हर साल लाखों पौधे रोपे जा रहे हैं, लेकिन कितने बचते हैं। आज जरूरी है कि पौधरोपण के साथ नदियों का संरक्षण हो और जलाशय तैयार किए जाएं। इसकी शुरुआत वो बुधवार को सुबह 10:30 बजे अरैल में परमार्थ निकेतन आश्रम से संकेतात्माक रूप से कुछ गड्ढे खोद कर करेंगे। उन्होंने सुझाव दिया कि कंपनियों को अपने हर उत्पाद पर ‘कार्बन फुटप्रिंट’ अनिवार्य रूप से अंकित करना चाहिए, जिससे उपभोक्ताओं को उसके पर्यावरणीय प्रभाव की जानकारी मिल सके।
डॉ. जोशी ने जल संकट पर चिंता जताते हुए कहा कि ‘यदि जल है, तभी जीवन संभव है।’ उन्होंने वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने के लिए गड्ढा खोदने के अभियान की जानकारी दी। मंगल भूमि फाउंडेशन के अध्यक्ष राम बाबू तिवारी ने बताया कि विश्व जल दिवस के अवसर पर बुधवार को अरैल स्थित परमार्थ निकेतन में ‘जलाभिषेक’ कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इसमें स्वामी चिदानंद सरस्वती सहित देशभर के पर्यावरण प्रेमी और विशेषज्ञ भाग लेंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य जल, जंगल और जमीन के संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना है।
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