नारी शक्ति वंदन अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन पर मंथन
Prayagraj News - इलाहाबाद विश्वविद्यालय के महिला अध्ययन केंद्र ने 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 के कार्यान्वयन की आवश्यकता' पर संगोष्ठी आयोजित की। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व और 33 प्रतिशत आरक्षण के महत्व पर चर्चा करना था। विद्वानों ने लैंगिक न्याय और संस्थागत जवाबदेही पर विचार साझा किए।

प्रयागराज, कार्यालय संवाददाता। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के महिला अध्ययन केंद्र की ओर से सोमवार को तिलक भवन में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 के कार्यान्वयन की आवश्यकता’ विषय पर संगोष्ठी हुई। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व के महत्व के प्रति संवेदनशील बनाना और विधायी निकायों में 33 प्रतिशत आरक्षण के व्यावहारिक पहलुओं पर विमर्श करना रहा। डॉ. गुरपिंदर कुमार ने स्वागत भाषण में समावेशी शासन और महिलाओं की समान भागीदारी की आवश्यकता पर जोर दिया।निदेशक प्रो. जया कपूर ने भारतीय राजनीति में महिलाओं के प्रतिनिधित्व के ऐतिहासिक विकास और संरचनात्मक बाधाओं पर प्रकाश डाला। प्रो. इंद्राणी मुखर्जी ने लैंगिक न्याय, संस्थागत जवाबदेही और कानूनी सुरक्षा उपायों को अधिनियम से जोड़ा।
छात्र पैनल चर्चा में विभिन्न विषयों के प्रतिभागियों ने महिलाओं के कम प्रतिनिधित्व, सामाजिक-सांस्कृतिक अवरोध, शिक्षा की भूमिका और नीति क्रियान्वयन तंत्र पर व्यावहारिक सुझाव दिए। समापन डॉ. सोनल शंकर ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. रजनी गोस्वामी ने दिया।
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