Prayagraj Magh Mela records 18 crore pilgrims in one month compared to annual footfall of 5 crore a year earlier माघ मेला या मिनी कुंभ! तब साल भर में 5 करोड़, अब एक महीने में 18 करोड़ श्रद्धालु प्रयागराज पहुंचे, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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माघ मेला या मिनी कुंभ! तब साल भर में 5 करोड़, अब एक महीने में 18 करोड़ श्रद्धालु प्रयागराज पहुंचे

प्रयागराज में महाकुंभ के दौरान देश-विदेश से श्रद्धालुओं के ऐतिहासिक जुटान के बाद माघ मेला भी कीर्तिमान रच रहा है। 27 जनवरी तक 18 करोड़ पर्यटक संगम स्नान करने आ चुके हैं। 2024 तक साल भर में 5 करोड़ लोग आते थे।

Thu, 29 Jan 2026 08:47 PMRitesh Verma लाइव हिन्दुस्तान, संवाददाता, प्रयागराज
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माघ मेला या मिनी कुंभ! तब साल भर में 5 करोड़, अब एक महीने में 18 करोड़ श्रद्धालु प्रयागराज पहुंचे

संगम का शहर प्रयागराज देश ही नहीं, बल्कि विश्व स्तर पर आस्था और पर्यटन का बड़ा केंद्र बन गया है। कुछ वर्षों में यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। बेहतर होती व्यवस्था के बीच महाकुंभ, माघ मेला और दूसरे धार्मिक आयोजनों ने संगमनगरी की वैश्विक पहचान को और मजबूत किया है। दिलचस्प बात यह भी है कि प्रयागराज में सर्वाधिक पर्यटक दक्षिण भारत से आते हैं। हाल के वर्षों में प्रयागराज में सुविधाओं के विस्तार से पर्यटकों की सालाना संख्या 5 करोड़ से ऊपर बनी हुई है। महाकुंभ वर्ष 2025 में लगभग 70 करोड़ लोग आए। इस साल तो माघ मेला भी मिनी कुंभ बन गया है, जहां अब तक 18 करोड़ लोग पहुंच चुके हैं।

यूपी पर्यटन विभाग के अनुसार वर्ष 2023 में 5.05 करोड़ भारतीय पर्यटक पहुंचे, जबकि विदेश से लगभग 4300 टूरिस्टों ने संगम और अन्य धार्मिक स्थलों का भ्रमण किया। वर्ष 2024 में यह संख्या थोड़ी और बढ़ी। इस दौरान देश भर से 5.11 करोड़ श्रद्धालु प्रयागराज आए, वहीं विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़कर 7400 तक पहुंची। 2025 में महाकुंभ को लेकर देश भर से 68.95 करोड़ और विदेश से 20.54 लाख श्रद्धालु प्रयागराज आए।

चालू वर्ष 2026 में माघ मेले के दौरान ही संगमनगरी में आस्था का अभूतपूर्व सैलाब दिख गया है। 27 जनवरी तक ही करीब 18 करोड़ श्रद्धालु संगम में स्नान कर चुके हैं। ये आंकड़े प्रयागराज को देश के सबसे बड़े धार्मिक पर्यटन केंद्र में स्थापित करते हैं। माघ मेले से धार्मिक गतिविधियों को बढ़ावा तो मिला ही, स्थानीय कारोबार को भी रफ्तार मिली है। होटल, धर्मशाला, होम-स्टे, नाविक, ट्रेवल, दुकानदार और हस्तशिल्प से जुड़े लोगों की आय में जबर्दस्त वृद्धि हुई है। विशेषज्ञ मान रहे हैं कि आधारभूत सुविधाओं का विस्तार और योजनाबद्ध तरीके से किया गया, तो आने वाले वर्षों में प्रयागराज धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ सांस्कृतिक और विरासत पर्यटन का गढ़ बन सकता है।

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