प्रयागराज कोल्ड स्टोरेज हादसा: मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये देगी सपा, घायलों को भी मुआवजा
प्रयागरज में एक कोल्ड स्टोरेज के अचानक ढह जाने से चार श्रमिकों की मौत हो गई, जबकि 14 श्रमिक घायल हो गये। ये कोल्ड स्टोरेज सपा सरकार के पूर्व मंत्री अंसार अहमद का था। उधर, सपा ने इस घटना पर दुख जताते हुए हादसे में मारे गए लोगों को मुआवजा देने का ऐलान किया।

Prayagraj News: यूपी के प्रयागराज जिले में गंगा नगर के फाफामऊ थाना क्षेत्र में सोमवार दोपहर एक कोल्ड स्टोरेज के अचानक ढह जाने से चार श्रमिकों की मौत हो गई, जबकि 14 श्रमिक घायल हो गये। ये कोल्ड स्टोरेज सपा सरकार के पूर्व मंत्री अंसार अहमद का था। उधर, समाजवादी पार्टी ने इस घटना पर दुख जताते हुए हादसे में मारे गए लोगों को मुआवजा देने का ऐलान किया। सपा मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार की आर्थिक सहायता देगी।
कोल्ड स्टोरेज हादसे पर समाजवादी पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'प्रयागराज के फाफामऊ में कोल्ड स्टोरेज में हुए हादसे में चार लोगों की मृत्यु, हृदयविदारक। ईश्वर मृतकों की आत्मा को शांति दे, शोक संतप्त परिजनों के प्रति गहरी संवेदनाएं। समाजवादी पार्टी प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2-2 लाख रूपये और प्रत्येक घायल को 50-50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान करेगी। पीड़ितों को उचित मुआवजा दे सरकार।'
कोल्ड स्टोरेज में काम कर रहे थे 82 मजदूर
जानकारी के मुताबिक, कोल्ड स्टोर में कुल 82 मजदूर कार्यरत थे। दोपहर करीब एक बजे भोजनावकाश के दौरान आधे से अधिक मजदूर बाहर थे,जबकि 30 से 40 मजदूर अंदर ही आराम कर रहे थे। इसी दौरान जोरदार धमाके के साथ कोल्ड स्टोर का अगला हिस्सा ढह गया और अंदर मौजूद मजदूर मलबे में दब गए। हादसे की सूचना पर पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार और डीएम मनीष कुमार वर्मा सहित तमाम अधिकारी मौके पर पहुंच गए। फायर ब्रिगेड, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को तत्काल राहत एवं बचाव कार्य में लगाया गया।
करीब चार घंटे तक चले बचाव अभियान में दो साल की बच्ची समेत 17 लोगों को मलबे से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने इनमें से चार मजदूरों को मृत घोषित कर दिया। मृतकों में तीन बिहार के सहरसा के और एक मजदूर प्रयागराज का रहने वाला था। घायल मजदूरों को एसआरएन और बेली अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है। प्रशासन ने मलबे में और लोगों के दबे होने की आशंका जताई है, जिसके चलते देर रात तक राहत कार्य जारी रहा। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और दहशत का माहौल है। वहीं प्रशासन ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं। प्रारंभिक तौर पर इमारत की संरचनात्मक कमजोरी और गैस पाइप लाइन में विस्फोट को हादसे की वजह माना जा रहा है।
मजदूरों का फूटा गुस्सा, एंबुलेंस में की तोड़फोड़
मलबे में दबे मजदूरों को निकालकर एंबुलेंस से अस्पताल भेजते समय पुलिस प्रशासन को मजदूरों के गुस्से का भी सामना करना पड़ा। दर्जनों की संख्या में मजदूर हाथों में ईंट-पत्थर और लाठी-डंडा लेकर एंबुलेंस पर टूट पड़े। मजदूरों ने शवों को छुपाने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। हालांकि, अधिकारियों ने आक्रोशित लोगों को शांत कराते हुए निष्पक्ष जांच व कार्रवाई का आश्वासन दिया।




साइन इन