जांच करने पहुंची पुलिस टीम पर हमला, वीडियो बनाने पर मोबाइल भी छीना, सिपाही की फाड़ी वर्दी
सुलतानपुर के धम्मौर में छेड़छाड़ की जांच करने गई पुलिस टीम पर आरोपी पक्ष ने हमला कर दिया। इस दौरान सिपाही की वर्दी फाड़ी गई और मोबाइल छीन लिया गया।

उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर में कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाली एक गंभीर घटना सामने आई है। धम्मौर थाने के उपनिरीक्षक और सिपाहियों पर एक गांव में जांच के दौरान जानलेवा हमला किया गया। पुलिस का आरोप है कि दबंगों ने न केवल उनके साथ गाली-गलौज की, बल्कि लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से लैस होकर मारपीट भी की। इस छीना-झपटी में सिपाही की वर्दी के चीथड़े उड़ गए। घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें पुलिसकर्मी अपनी जान बचाते और मोबाइल वापस मांगते नजर आ रहे हैं।
छेड़छाड़ की शिकायत पर जांच करने गई थी पुलिस
पूरा मामला शनिवार रात करीब आठ बजे का है। धम्मौर थाना क्षेत्र के उघरपुर निवासी अंकित यादव के खिलाफ एक युवती ने छेड़छाड़, पीछा करने और भगाने की कोशिश की शिकायत दर्ज कराई थी। इसी शिकायत की तफ्तीश के लिए उपनिरीक्षक राजकुमार सिंह, सिपाही संजय यादव और अंकुश चौधरी के साथ आरोपी के नाना जगन्नाथ यादव के घर पहुंचे थे। पुलिस के मुताबिक, जैसे ही उन्होंने पूछताछ शुरू की, आरोपी पक्ष के राज नारायण यादव, शिवलली, पूजा, सूरज और अन्य परिजनों ने शोर मचाना शुरू कर दिया और पुलिस टीम को घेर लिया।
सिपाही की वर्दी फाड़ी, मोबाइल छीना
तहरीर के अनुसार, हमलावरों ने पुलिसकर्मियों को जान से मारने की धमकी दी और सिपाही संजय यादव पर हमला कर उनकी वर्दी फाड़ दी। इस दौरान सिपाही अंकुश चौधरी और संजय का मोबाइल फोन भी छीन लिया गया। ग्रामीणों के बीच-बचाव के बाद किसी तरह मोबाइल वापस मिला और पुलिस टीम जान बचाकर वहां से निकल सकी। उपनिरीक्षक की तहरीर पर पांच महिलाओं सहित आठ नामजद और कई अज्ञात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
आरोपी पक्ष का पलटवार: "बिना महिला सिपाही के घुसी पुलिस"
दूसरी ओर, आरोपी पक्ष ने पुलिस पर ही गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि घर में गमी (मौत) के बाद का कार्यक्रम चल रहा था और पुलिस बिना किसी महिला सिपाही के जबरन घर में घुस गई। आरोपी शिवलली यादव ने रविवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर आरोप लगाया कि पुलिस ने महिलाओं के साथ बदसलूकी और मारपीट की, जिसका विरोध करने पर उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाया जा रहा है। वायरल वीडियो में भी सिपाही और महिलाओं के बीच तीखी झड़प दिखाई दे रही है।
सीओ सिटी सौरभ सावंत ने बताया कि पुलिस के साथ की गई अभद्रता और मारपीट किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।




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