बॉडी प्रोटेक्टर पहनकर वाराणसी के दालमंडी में घुसे पुलिस अधिकारी, चौड़ीकरण के लिए तोड़फोड़ शुरू
वाराणसी के दालमंडी के चौड़ीकरण की शुरुआत बुधवार को हो गई। भारी पुलिस बल के साथ बॉडी प्रोटेक्टर पहनकर पुलिस के आला अधिकारी दालमंडी की गलियों में घुसे और तोड़फोड़ शुरू करा दी। इससे पहले दालमंडी की ओर आने वाले रास्तों को बंद कर दिया गया।

वाराणसी के घनी आबादी वाले दालमंडी के चौड़ीकरण के लिए बुधवार को बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। स्थानीय प्रशासन ने विरोध की आशंका को देखते हुए पूरी तैयारी के साथ तोड़फोड़ शुरू कराई। इस दौरान पुलिस अधिकारी बॉडी प्रोटेक्टर (दंगा रोधी गियर) पहनकर दालमंडी की गलियों में दाखिल हुए। हालांकि फिलहाल कोई बड़ा विरोध नहीं झेलना पड़ा है। तोड़फोड़ शुरू करने से पहले ही दालमंडी की ओर आने वाले दोनों मुख्य रास्तों को बंद कर दिया गया था।
दालमंडी वाराणसी के सबसे संकरे और पुराने व्यावसायिक क्षेत्रों में से एक है। काशी विश्वनाथ कॉरिडोर बनने के बाद वाराणसी में भारी संख्या में आ रहे श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास हो रहे हैं। इसी प्रयास के तहत सीएम योगी के निर्देश पर दालमंडी के रास्ते को भी चौड़ा करने का प्लान बना। कागजी कार्यवाही पूरी करने और मुआवजा वगैरह का कोरम पूरा करने के बाद तोड़फोड़ के लिए बुधवार को टीमें यहां पहुंच गईं।
दोपहर करीब 12 बजे पीडब्ल्यूडी की टीम भारी पुलिस फोर्स के साथ दालमंडी की तंग गलियों में पहुंची। करीब 200 से अधिक पुलिसकर्मी 650 मीटर लंबी लगी में तैनात कर दिए गए। इसके बाद मुआवजा पा चुके दुकानदार के यहां सबसे पहले हथौड़ा चलाने की शुरुआत हुई।
पुलिस फोर्स के साथ मौजूद अधिकारी हेलमेट, शील्ड और बॉडी प्रोटेक्टर पहने हुए थे। यह विशेष गियर आमतौर पर हिंसक विरोध प्रदर्शनों या पथराव की आशंका वाले क्षेत्रों में पहना जाता है। पुलिस फोर्स ने गली के दोनों मुहानों को सील कर दिया था। इससे बाहरी लोगों का प्रवेश नहीं हो और तोड़फोड़ की कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से की जा सके।
पूर्वांचल की सबसे बड़ी इलेक्ट्रानिक होलसेल मंडी है दालमंडी
दालमंडी को पूर्वांचल की सबसे बड़ी होलसेल इलेक्ट्रॉनिक मंडी माना जाता है। यहां सड़क की चौड़ाई मात्र 5 से 6 मीटर है। अब इसे 17 मीटर तक चौड़ा किया जाएगा। नई सड़क से चौक थाने तक होने वाले चौड़ीकरण में 225 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। प्रभावित संपत्तियों के मालिकों को सर्किल रेट से दोगुना मुआवजा मिलेगा।
चौक थाने में ही पीडब्ल्यूडी का अस्थाई कैंप लगाया गया है, जहां खतौनी और अन्य दस्तावेजों की जांच हो रही है। अब तक 18 से अधिक लोगों ने कागजात जमा किए हैं। दुकानदारों को सामान हटाने के लिए नोटिस जारी की गई है। नोटिस की मियाद 17 अक्टूबर को ही समाप्त हो चुकी थी, लेकिन त्योहारों के कारण कार्रवाई में देरी हुई।
माना जा रहा है कि यह परियोजना न केवल यातायात सुधारने वाली है, बल्कि क्षेत्र के समग्र विकास को बढ़ावा देगी। काशी विश्वनाथ कॉरिडोर से 150 मीटर दूर दालमंडी के चौड़ीकरण से मंदिर के लिए नया मार्ग मिल जाएगा।




साइन इन