then anger can spread among Muslims, Mufti-e-Banaras wrote a letter to PM Modi and President regarding Dal Mandi …तो मुसलमानों में फैल सकता है आक्रोश, दालमंडी पर मुफ्ती-ए-बनारस ने PM मोदी को लिखा पत्र, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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…तो मुसलमानों में फैल सकता है आक्रोश, दालमंडी पर मुफ्ती-ए-बनारस ने PM मोदी को लिखा पत्र

वाराणसी में दालमंडी के चौड़ीकरण के योगी सरकार के फैसले का मुफ्ती-ए-बनारस मौलाना अब्दुल बातिन नोमानी ने विरोध करते हुए पीएम मोदी, राष्ट्रपति मुर्मु, सीएम योगी को पत्र लिखा है। पत्र में लिखा है कि चौड़ीकरण  के कारण 6 मस्जिदों के ध्वस्तीकरण की तैयारी है। इससे मुसलमानों ने आक्रोश फैल सकता है।

Fri, 25 July 2025 03:15 PMYogesh Yadav लाइव हिन्दुस्तान
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…तो मुसलमानों में फैल सकता है आक्रोश, दालमंडी पर मुफ्ती-ए-बनारस ने PM मोदी को लिखा पत्र

वाराणसी की दालमंडी के चौड़ीकरण को लेकर चल रही कवायद और तोड़फोड़ की तैयारी के बीच मुफ्ती-ए-बनारस मौलाना अब्दुल बातिन नोमानी ने बेहद गंभीर आशंका जताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा है। नोमानी ने अपने पत्र में लिखा है कि चौड़ीकरण की जद में इस्लाम धर्म से संबंधित छह प्राचीन पंजीकृत वक्फ मस्जिदें आ रही हैं। इनका विध्वंस न केवल संवैधानिक और धार्मिक भावनाओं का उल्लंघन होगा बल्कि यह देश के अल्पसंख्यक समुदायों में गहरी असुरक्षा और आक्रोश उत्पन्न कर सकता है। यह पूरी कार्ययोजना एक विशेष समुदाय के विरुद्ध पूर्वाग्रहपूर्ण निर्णय की आशंका को भी जन्म देती है।

ज्ञानवापी से जुड़े अंजुमन मसाजिद के संयुक्त सचिव एसएम यासीन ने भी इसी बात को दोहराया है। यासिन ने कहा कि दालमंडी को उजाड़ने की खबरों से उस क्षेत्र के हिन्दू-मुस्लिमान चिन्तित हैं। जहां क्षेत्र की 6 मस्जिदों को बुलडोज़र से ध्वस्त किये जाने की तैयारी से नगर के मुसलमान आक्रोशित हैं और जिले के आला अधिकारीगण का कोई बयान नहीं आ रहा है।

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दरअसल वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर से कुछ दूरी पर दालमंडी इलाका है। यह इलाका वाराणसी की दो मुख्य सड़कों बेनिया-गोदौलिया और मैदागिन-गोदौलिया को जोड़ता है। काशी विश्वनाथ मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए योगी सरकार ने दालमंडी को चौड़ा करने का फैसला किया है। तीन दिन पहले मंगलवार को ही योगी कैबिनेट ने चौड़ीकरण पर मुहर लगाई है। इसके बाद से पूरे इलाके में जबरदस्त हलचल है। एक अनुमान के अनुसार करीब 180 भवनों को यहां धराशाई किया जाएगा।

इसी को लेकर मुफ्ती-ए-बनारस मौलाना बातिन ने पीएम मोदी, राष्ट्रपति के साथ ही सपा प्रमुख अखिलेश यादव और कई सांसदों-नेताओं को पत्र लिखकर अपनी दर्द बयां किया है। बातिन ने पत्र में लिखा है कि वाराणसी का ऐतिहासिक और जीवंत क्षेत्र दालमंडी पूर्वांचल का एक प्रमुख व्यापारिक केंद्र है। जहां वर्षों से विविध सामाजिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक पृष्ठभूमि के लोग परस्पर सौहार्द के साथ व्यापारिक गतिविधियों में लगे हुए हैं। इस क्षेत्र से लगभग 10,000 परिवारों की आजीविका जुड़ी हुई है।

उत्तर प्रदेश सरकार ने दालमंडी की लगभग 3 फीट चौड़ी गली को 56 फीट तक चौड़ा करने का निर्णय लिया है। जिसके लिए लगभग 220 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया गया है। इस चौड़ीकरण के के कारण सैकड़ों दुकानें, मकान और धार्मिक स्थलों को तोड़ा जाना प्रस्तावित है। ऐसे समय में जब देश पहले ही गंभीर आर्थिक मंदी, बढ़ती बेरोजगारी और सामाजिक असंतुलन से जूझ रहा है, यह निर्णय इस क्षेत्र के नागरिकों पर गहरा सामाजिक और आर्थिक आघात पहुंचा सकता है।

बातिन ने कहा कि दालमंडी क्षेत्र सांप्रदायिक सद्भाव का उत्कृष्ट उदाहरण रहा है। यह क्षेत्र न केवल व्यापारिक रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भारत के साहित्य, कला और संस्कृति की महान विभूतियों की जन्मस्थली एवं कर्मभूमि भी रहा है। इस गली के लगभग 600 मीटर लम्बे मार्ग के विकल्पस्वरूप मात्र 40 मीटर के वैकल्पिक मार्ग भी उपलब्ध हैं, जिन पर कार्य किए जाने से कम लागत, न्यूनतम तोड़फोड़ और व्यापक जनहित संभव है।

बातिन ने पत्र में यह भी लिखा है कि माननीय इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने इस परियोजना के खिलाफ संबंधित मस्जिदों और भवन स्वामियों को अस्थायी स्थगन आदेश (Stay Order) प्रदान किया है। इससे स्पष्ट होता है कि इस परियोजना में विधिक जटिलताएं भी हैं। ऐसे में हम करबद्ध प्रार्थना करते हैं कि महामहिम इस विषय की गंभीरता को संज्ञान में लेते हुए उत्तर प्रदेश सरकार को इस परियोजना को तत्काल प्रभाव से स्थगित करने और इसके वैकल्पिक मार्गों की तलाश करने का निर्देश दें।

वहीं, ज्ञानवापी से जुड़े अंजुमन मसाजिद के संयुक्त सचिव एसएम यासीन ने कहा कि दालमंडी को उजाड़ने की खबरों से उस क्षेत्र के हिन्दू-मुस्लिमान चिन्तित हैं। जहां क्षेत्र की 6 मस्जिदों को बुलडोज़र से ध्वस्त किये जाने की योजना से नगर के मुसलमान आक्रोशित हैं और जिले के आला अधिकारीगण का कोई बयान नहीं आ रहा है। पीडब्ल्यूडी भी पत्रों का जवाब नहीं दे रहा है। ऐसे में मुफ्तीय शहर मौलाना अब्दुल बातिन नोमानी साहब का भी विचलित होना स्वाभाविक है। इसीलिए उन्होंने बहुत सोच विचार के बाद महामहिम राष्ट्रपति महोदया, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, सपा प्रमुख अखिलेश यादव और भारत के चुनिंदा सांसदों से दालमंडी को बचाने के लिए मार्मिक अपील करते हुए पत्र भेजा है।

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