मुलायम की प्रतिमा रखने की नहीं मिली अनुमति, सपा प्रमुख ने निकाली तरकीब, ऐसे खत्म किया विवाद
प्रयागराज स्थित मेला क्षेत्र में मुलायम सिंह यादव की प्रतिमा रखे जाने को लेकर मेला प्रशासन ने नोटिस भेज दिया। इसकी जानकारी मिलते ही सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने वहां राधा-कृष्ण की मूर्ति रखवा दी।

यूपी के प्रयागराज में माघ मेला क्षेत्र के सेक्टर छह में बने मुलायम सिंह यादव स्मृति सेवा संस्थान के शिविर में सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव की प्रतिमा रखे जाने को लेकर मेला प्रशासन ने नोटिस भेज दिया। इस पर विवाद खड़ा हो गया। बात जब सपा प्रमुख तक पहुंची तो उन्होंने विवाद को खत्म करने की तरकीब निकाली। अखिलेश के निर्देश के बाद नेता जी मुलायम सिंह यादव की प्रतिमा की जगह राधा-कृष्ण की मूर्ति रखी गई। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि मेला प्रशासन ने शिविर में मुलायम सिंह यादव की प्रतिमा रखने की अनुमति नहीं दी थी। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष व नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने गुरुवार को इस शिविर का उद्घाटन किया। उन्होंने प्रतिमा रखने की अनुमति नहीं देने पर प्रदेश सरकार पर हमला बोला।
प्रयागराज में घूम रहे गुंडों की नहीं है सरकार का ध्यान
पत्रकारों से बातचीत में माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि माघ मेला में लोगों के प्रति सद्भाव प्रकट करने और कमजोर लोगों को रखने के लिए शिविर एक आश्रम की तरह से बनाया गया है। दुर्भाग्य है कि शिविर के निर्माता संदीप यादव को सरकार ने गुंडा घोषित कर दिया। इलाहाबाद (प्रयागराज) में घूम रहे बड़े-बड़े गुंडों की तरफ सरकार की दृष्टि नहीं है। संदीप यादव राजनीति का इस्तेमाल नहीं करते। प्रधानमंत्री की फोटो रखी जाएगी, बाबा (मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ) का कटआउट लगाया जाएगा। इस प्रकार शिविर में मुलायम सिंह की प्रतिमा लगाना कोई अपराध नहीं था।
हक की लड़ाई लड़ रहे संदीप यादव
मेला प्रशासन की ओर से नोटिस मिलने के बाद सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने विवाद को समाप्त करने के लिए मुलायम सिंह यादव के स्थान पर राधा-कृष्ण, राम व अन्य देवी-देवताओं की मूर्ति रखने के लिए कहा। पुलिस की ओर से संदीप यादव को नोटिस दिए जाने पर नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि वे हक के लिए लड़ाई लड़ते हैं। हक के लिए लड़ने वाले को गुंडा नहीं कहा जा सकता। उनका किसी प्रकार का उत्पीड़न होता है तो सपा शांति पूर्ण आंदोलन करेगी। किसी प्रकार की अवव्यवस्था न हो क्योंकि नेताजी के अनुयायी पूरे विश्व में हैं और प्रशासन के रवैये से आक्रोशित हैं। इससे पहले विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष सपा महिलासभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष जूही सिंह के साथ सुबह लखनऊ से सीधे माघ मेला पहुंचे। शिविर का उद्घाटन करने के बाद वहां रखी गई राधा-कृष्ण की मूर्ति की पूजा की फिर सपा कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।
चापलूसी रोटी किस नियम में था: अखिलेश
माघ मेला स्थित मुलायम सिंह यादव स्मृति सेवा संस्थान के शिविर में नियमों का हवाला देते हुए मुलायम सिंह यादव की प्रतिमा लगाने की अनुमति न देने के मेला प्रशासन के फैसले पर प्रतिक्रिया का सपा प्रमुख अखिलेश यादव का एक वीडियो वायरल हुआ है। वीडियो में उन्हें यह कहते हुए सुना जा रहा है कि, अब कई अधिकारी चापलूसी रोटी बना रहे थे, वो किस नियम में था। अगर अधिकारी नियम बदल रहे हैं तो हम सभी भगवान की मूर्ति वहां लगाएंगे। आयोजकों से मैं कहूंगा कि हमारे केदारेश्वर मंदिर की भी वहां पर स्थापना करें।
दो दिन पहले रोटी के मुद्दे पर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का एक वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें उन्हें यह कहते हुए सुना गया था कि सतुआ बाबा की रोटी के चक्कर में न पड़ो। यह वीडियो डिप्टी सीएम के मेला क्षेत्र के निरीक्षण के समय का बताया गया था। लोग इसे कुछ दिन पूर्व डीएम मनीष वर्मा के उस वायरल वीडियो से जोड़कर देख रहे हैं, जिसमें वह जगतगुरु सतुआ बाबा के शिविर में तवे पर रोटी सेंकते हुए दिखे थे। हालांकि आपका अपना अखबार ‘हिन्दुस्तान’ इनमें से किसी भी वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।




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