mujhse nahi akhilesh ko Kshatriya se dikkat Former MP Dhananjay Singh attacks SP chief मुझसे नहीं अखिलेश को क्षत्रियों से दिक्कत, पूर्व सांसद धनंजय सिंह का सपा प्रमुख पर हमला, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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मुझसे नहीं अखिलेश को क्षत्रियों से दिक्कत, पूर्व सांसद धनंजय सिंह का सपा प्रमुख पर हमला

धनंजय सिंह ने कहा, राजा भैया सपा सरकार की कैबिनेट में रहे हैं। कुछ दिन पहले प्रमुख प्रतापगढ़ में मीटिंग करने गए थे। राजाभैया का नाम सुनते ही अखिलेश ने कह दिया था कि कौन राजा?  

Thu, 1 Jan 2026 05:06 PMDinesh Rathour लाइव हिन्दुस्तान, लखनऊ
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मुझसे नहीं अखिलेश को क्षत्रियों से दिक्कत, पूर्व सांसद धनंजय सिंह का सपा प्रमुख पर हमला

पूर्वांचल के पूर्व सांसद और बाहुबली नेता धनंजय सिंह ने एक बार फिर सपा प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर हमला बोला। धनंजय सिंह ने कहा, मुझसे नहीं अखिलेश को क्षत्रियों से समस्या है। वह पूरे हमारी बिरादरी को टारगेट करते हैं। सजातीय-सजातीय करके अखिलेश मुख्यमंत्री योगी को भी टारगेट करते हैं। तमाम क्षत्रियों को ऊपर आरोप भी लगाते हैं। धनंजय सिंह एक मीडिया के पॉडकास्ट में बोल रहे थे। इस दौरान पूर्व सांसद ने सपा प्रमुख पर कई आरोप लगाए। उन्होंने राजाभैया को अपमानित करने का भी आरोप लगाया। धनंजय सिंह ने कहा, राजा भैया सपा सरकार की कैबिनेट में रहे हैं। कुछ दिन पहले प्रमुख प्रतापगढ़ में मीटिंग करने गए थे। राजाभैया का नाम सुनते ही अखिलेश ने कह दिया था कि कौन राजा? पूर्व सांसद बोले, जिसके साथ आप कैबिनेट में पांच साल रहे हो, उसको आप ऐसे कैसे कह सकते हो।

राजाभैया की तारीफ करते हुए धनंजय सिंह बोले, वह आदमी अपनी बदौलत पर तब चुनाव जीतकर आया जब, 1993 में सपा-बसपा का गठबंधन था। तब से वह लगातार सदन में हैं। आप उनके बाद से सदन में आए हैं। राजा भैया राजनीतिक विरासत में आने वाले अपनी पीढ़ी के पहले व्यक्ति हैं। धनंजय सिंह बोले, इस तरह से आप किसी को अपमानित नहीं कर सकते हैं। वह अपमान राजा का नहीं क्षत्रियों का था। इसके बाद हमको लेकर कमेंट किए।

अखिलेश ने मुख्यमंत्री रहते हुए क्षत्रियों के खिलाफ किया था काम

सपा प्रमुख पर हमलावर हुए पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने कहा, आप पूर्व मुख्यमंत्री हैं, बोलते थे कुंडा में कुंडी लगा देंगे। कुंडा एक स्थान है कोई घर थोड़े ही है। इस तरह की भाषा नहीं बोलनी चाहिए। जब आप मुख्यमंत्री थे तो आपने क्षत्रियों के खिलाफ काम किया। जब आपको अवसर मिलेगा तो फिर से आप क्षत्रियों के खिलाफ काम करोगे तो क्षत्रियों को तय करना चाहिए, किसके साथ क्या करना चाहिए। रहना है कि नहीं रहना है। 2022 में क्षत्रियों ने जवाब दिया था इनको। लोकसभा चुनाव में भाजपा की कम सीटों के सवाल पर धनंजय सिंह ने कहा, बुरी हार नहीं हुई। भाजपा के कुछ नेताओं के व्यक्तव्य की वजह से भाजपा के कोर वोटर शिथिल हो गए थे, जिसका लाभ यूपी में सपा-कांग्रेस गठबंधन को मिल गया था। उस लाभ को पचा नहीं पा रहे हैं। हो सकता है इस बार वो गलतफहमी दूर हो जाएगी।

अखिलेश को अगड़ों से चिढ़

सपा के पीडीए फॉर्मूले के सवाल पर धनंजय सिंह बोले, अखिलेश को अगड़ों से चिढ़ है। इसलिए उनके साथ कोई जुड़ना नहीं चाहता है। आम जनमानस आपके साथ जुड़ना नहीं चाहता है। आपकी बोली भाषा ऐसी हो गई है। समाज देखिए, हम लोग 21वीं शदी में जी रहे हैं। सबको भारत के नागरिक के रूप में देखो। अपनी बात और विचारों से लोगों को जीतिए। इस देश में छुआछूत नहीं रह गया है। एक साथ उठते-बैठते हैं। एक साथ खाना खाते हैं। हर वर्ग के लोग एक साथ बैठते हैं। 70 का दौर नहीं रह गया भारत। भारत 21वीं सदी में चल रहा है। इनकी जो बोली, भाषा है वह समाज को पीछे ले जाने की बात करती है।

धनंजय सिंह ने मुलायम सिंह की तारीफ की

अखिलेश पर निशाना साध रहे धनंजय सिंह ने पूर्व सीएम मुलायम सिंह यादव की जमकर तारीफ भी की। उन्होंने एक किस्सा सुनाते हुए कहा, 2004 में उन्होंने चुनाव लड़ने के लिए मना किया था, लेकिन मैं लड़की सदन पहुंचा। इस पर मुलायम सिंह यादव ने बड़ी ही शालीनता से कहा था तुम माने नहीं। धनंजय सिंह ने कहा, मुलायम सिंह के साथ लोगों के खट्ठे-मीट्ठे हर तरह के रिश्ते रहे। हम उनकी पार्टी में कभी नहीं रहे, लेकिन उनके साथ मिलकर हम लोगों ने सरकार बनवाई। नेता जी हमेशा हमे अभिभावक के तौर पर समझाते थे। जब में 2007 में चुनाव जीत गया तो उस समय टिकट दिया जा रहा था मुझे। एक बार नेता जी ने रारी से चुनाव लड़ने के बजाय 82 में चुनाव लड़ने का सुझाव दिया था, लेकिन मैंने मना कर दिया था। इस पर अमर सिंह ने कहा था कि तुमको वहां से यादवों का वोट नहीं मिलेगा। मैंने कहा, मैं टिकट ही कहां मांग रहा हूं।

शिवपाल जी सही व्यक्ति हैं वह सही बोलेंगे। वह बता देंगे क्या बात हुई थी। अगर हमको 82 लड़ाना था दो साल पहले बताना चाहिए था। तो वहीं फील्ड बनाता। मैंने पांच साल मेहनत रारी में की है तो रारी छोड़कर क्यों जाऊंगा। मैं रारी से चुनाव लड़ूंगा। बाकी जिसको चाहें उसे आप टिकट दे दीजिए। तब जीडीयू से नहीं निर्दलीय लड़ रहा था। बाद में मैं जीडीयू से चुनाव लड़ा था। टिकट मैंने सामने से ही मना कर दिया था। नेता जी बुरा नहीं मानें हमारी बात का। मुलायम सिंह यादव काफी बड़े नेता थे। सोशल इंजीनियरिंग उनकी अच्छी थी। रिश्ते हर पार्टी के लोगों से व्यक्तिगत रिश्ते वह रखते थे। हर जिले में 100-200 लोगों से व्यक्तिगत उनकी जान-पहचान थी।

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