यूपी के शहरों में लोगों को कम कीमत पर मिलेंगे छोटे मकान, योगी कैबिनेट में फैसला
Yogi cabinet decision: यूपी के शहरों में लोगों को कम कीमत पर छोटे मकान मिलेंगे। इस योजना में ईडब्ल्यूएस, एलआईजी और मिनी एमआईजी मकान बनाए जाएंगे। इन मकानों की कीमत कम होगी और लाटरी से इसका आवंटन होगा।

UP News: योगी सरकार ने शहरी लोगों की आवासीय जरूरतों को पूरा करने के लिए मंगलवार को पीएम आवास योजना शहरी-2 को मंजूरी दी है। इस योजना में ईडब्ल्यूएस, एलआईजी और मिनी एमआईजी मकान बनाए जाएंगे। इन मकानों की कीमत कम होगी और लाटरी से इसका आवंटन होगा। ईडब्ल्यूएस मकान 30 वर्ग मीटर में बनाए जाएंगे। इसकी कीमत नौ लाख के करीब होगी। इससे अधिक बड़े मकानों की कीमत रेरा की अनुमति से तय किए जाएंगे।विकास प्राधिकरणों के साथ बिल्डरों द्वारा इन मकानों को बनाया जाएगा। बिल्डरों को बड़े मकानों के साथ छोटे मकानों को बनाने की सुविधा दी जाएगी। इसके साथ ही उन्हें भू-उपयोग और एफएआर में भी छूट दी जाएगी। इन मकानों को लेने वालों को ढाई लाख रुपये की छूट दी जाएगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में यह फैसला हुआ। इसके लिए प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के तहत किफायती आवास (एएचपी) और किफायती किराया आवास (एआरएच) घटकों के क्रियान्वयन के लिए नई नीति जारी करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप प्रदेश में वर्ष 2026 के लिए इन दोनों घटकों के संचालन के लिए जल्द विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। योजना के तहत मध्यम और दुर्बल आय वर्ग के लोगों के लिए किफायती दरों पर आवास उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है।
योजना के अंतर्गत दुर्बल आय वर्ग के भवनों के निर्माण के लिए केंद्रांश के रूप में 1.50 लाख और राज्यांश का एक लाख रुपये दिया जाएगा। इसके माध्यम से दुर्बल आय वर्ग के लोगों को कम कीमत पर मकान की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। पीएम आवास शहरी-दो में मकान बनाने वाले बिल्डरों को इंसेटिंग के रूप में भू-उपयोग परिवर्तन शुल्क, मानिचत्र शुल्क, वह्य विकास शुल्क और लाभार्थियों को मकान की रजिस्ट्री कराने पर स्टांप शुल्क में छूट दी जाएगी। शहरी गरीबों, कामकाजी महिलाओं, उद्योगों, संस्थाओं के कर्मचारियों और अन्य पात्र ईडब्ल्यूएस व एलआईजी परिवारों के लिए निजी सार्वजनिक संस्थाओं द्वारा आवास बनाकर किराए पर दिए जाएंगे। ऐसे मकान बनाने वालों को भी छूट की सुविधा दी जाएगी।
अवैध कब्जे वाले कांशीराम आवास पात्र दलितों को दिए जाएंगे
वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि कैबिनेट की बैठक में कांशीराम आवासों को लेकर भी महत्वपूर्ण फैसला किया गया। उन्होंने बताया कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में बने कांशीराम आवास योजना के कई आवासों पर अनधिकृत कब्जे की शिकायतें सामने आई हैं। ऐसे आवासों की पहचान कर उन्हें खाली कराया जाएगा और उनकी रंगाई-पुताई व मरम्मत कराकर पुनः पात्र दलित परिवारों को आवंटित किया जाएगा। इस प्रस्ताव को कैबिनेट ने सर्वसम्मति से स्वीकार किया। सरकार का उद्देश्य इन आवासों को फिर से जरूरतमंद दलित परिवारों को उपलब्ध कराना है।




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