यूपी में बिजली बिल जमा करना अब और आसान, खाता संख्या से पहले ये लिखना होगा; जानें डिटेल
यह नई व्यवस्था बिलिंग को ऑटोमैटिक बनाएगी। भुगतान की गई धनराशि खुद ही बिलिंग प्रणाली में अपडेट हो जाएगी। इस प्रक्रिया का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि उपभोक्ताओं को अब अलग से UTR नंबर भेजकर बिलिंग सिस्टम में भुगतान अपडेट कराने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

बिजली उपभोक्ताओं को नेटबैंकिंग से बिल जमा करना आसान हो गया है। आरटीजीएस और एनईएफटी के माध्यम से बिल जमा करने की प्रक्रिया को सरल बना दिया गया है। बिजली उपभोक्ता अपने खाता संख्या से पहले ‘MAVVNL’ प्रीफिक्स कोड लिखकर भुगतान करेंगे, जिससे उनका बिलिंग सिस्टम और आरटीजीएस एक साथ अपडेट हो जाएगा।
वर्चुअल अकाउंट आईडी से अपडेट होगा
उपभोक्ताओं को आरटीजीएस से बिल जमा करने में होने वाली परेशानी को दूर करने के लिए यह व्यवस्था लागू की गई है। यूपीपीसीएल अकाउंट आईडी को एक वर्चुअल बैंक अकाउंट की तरह प्रयोग किया जाएगा। वर्चुअल बैंक अकाउंट नंबर प्राप्त करने के लिए उपभोक्ता को अपने 10 अंकों की बिजली उपभोक्ता खाता संख्या से पहले मध्यांचल डिस्कॉम के छह डिजिट के प्रीफिक्स कोड ‘MAVVNL’ को लिखना पड़ेगा।
इस तरह, छह डिजिट के प्रीफिक्स कोड के साथ 10 अंकों की उपभोक्ता खाता संख्या मिलकर 16 अंकों का वर्चुअल अकाउंट नंबर बन जाएगा। उपभोक्ता इसी 16 अंकों के वर्चुअल अकाउंट नंबर और आईसीआईसीआई बैंक के आईएफएससी कोड पर ऑनलाइन आरटीजीएस या एनईएफटी के माध्यम से भुगतान कर सकते हैं। इसी प्रकार पश्चिमांचल, पूर्वांचल, दक्षिणांचल और केस्को के भी प्रीफिक्स कोड लिखना होगा।
यूटीआर भेजने का झंझट खत्म
मध्यांचल डिस्कॉम के अधिकारियों के अनुसार, यह नई व्यवस्था बिलिंग को ऑटोमैटिक बनाएगी। भुगतान की गई धनराशि स्वतः ही बिलिंग प्रणाली में अपडेट हो जाएगी। इस प्रक्रिया का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि उपभोक्ताओं को अब अलग से यूटीआर नंबर भेजकर बिलिंग सिस्टम में भुगतान अपडेट कराने की जरूरत नहीं पड़ेगी। आरटीजीएस व बिलिंग सिस्टम में अपडेशन एक साथ होने से उपभोक्ता का समय बचेगा और मैनुअल एंट्री की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी।
भुगतान की रसीद ईमेल और मोबाइल पर मिलेगी
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक बिल भुगतान आरटीजीएस के माध्यम से करते हैं तो उपभोक्ता का आरटीजीएस व बिलिंग सिस्टम में अपडेशन एक साथ होगा। भुगतान के बाद उपभोक्ता को रसीद उनके रजिस्टर्ड ईमेल और मोबाइल नंबर पर एसएमएस के माध्यम से प्राप्त होगी। इसके अलावा, रसीद को uppclonline.com पर भी देखा जा सकता है।




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