parivarvad will be filed against those who file false cases झूठा केस दर्ज कराने वाले अब खुद फंसेंगे, वादी और बयान देने वालों के खिलाफ दाखिल होगा परिवारवाद, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
More

झूठा केस दर्ज कराने वाले अब खुद फंसेंगे, वादी और बयान देने वालों के खिलाफ दाखिल होगा परिवारवाद

अब झूठे मुकदमे दर्ज कराने वाले भी कानूनी शिकंजे से बच नहीं पाएंगे। गलत तथ्यों के आधार पर कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज कराने का मामला हो या फिर सीधे थाने से एफआईआर का, दोनों में ही जांच के दौरान अगर तथ्य झूठे मिले तो कोर्ट में परिवाद दाखिल करना होगा।

Tue, 24 March 2026 06:59 AMPawan Kumar Sharma शिवम सिंह, गोरखपुर
share
झूठा केस दर्ज कराने वाले अब खुद फंसेंगे, वादी और बयान देने वालों के खिलाफ दाखिल होगा परिवारवाद

व्यक्तिगत दुश्मनी साधने के लिए अब झूठे मुकदमे दर्ज कराने वाले भी कानूनी शिकंजे से बच नहीं पाएंगे। गलत तथ्यों के आधार पर कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज कराने का मामला हो या फिर सीधे थाने से एफआईआर का, दोनों में ही जांच के दौरान अगर तथ्य झूठे मिले तो कोर्ट में परिवाद दाखिल करना होगा। इस संबंध में उच्च न्यायालय की सख्त टिप्पणी के बाद डीजीपी ने सभी जिलों के पुलिस अधिकारियों को विस्तृत निर्देश जारी किए हैं।

जारी आदेश के मुताबिक, यदि किसी एफआईआर में दर्ज तथ्य विवेचना के दौरान गलत पाए जाते हैं और पुलिस अंतिम रिपोर्ट लगाने का निर्णय लेती है, तो ऐसे मामलों में वादी और झूठी गवाही देने वालों के खिलाफ अनिवार्य रूप से कार्रवाई होगी। उनके विरुद्ध बीएनएस की धारा 212 व 217 (पूर्व में आईपीसी की धारा 177 व 182) के तहत परिवाद न्यायालय में दाखिल किया जाएगा। इसके लिए न्यायालय की ओर से पुलिस को प्रारूप भी जारी किया गया है, जिस पर परिवाद दाखिल करना होगा।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:पति या पत्नी की मृत्यु के बाद एक पक्षीय रद्द नहीं हो सकती तलाक की डिक्री: HC

यह प्रक्रिया तब शुरू होगी जब न्यायालय अंतिम रिपोर्ट को स्वीकार कर ले और वादी द्वारा दाखिल प्रोटेस्ट प्रार्थनापत्र खारिज हो जाए। इसके बाद संबंधित थानेदार को तत्काल परिवाद तैयार कर अदालत में प्रस्तुत कराना होगा। यदि किसी मामले में कोर्ट के आदेश (धारा 175(3) बीएनएसएस/पूर्व में 156(3) सीआरपीसी) पर एफआईआर दर्ज हुई है और जांच में वह झूठी पाई जाती है, तब भी शिकायतकर्ता और गवाहों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। हालांकि, केवल उन्हीं गवाहों पर परिवाद किया जाएगा, जिनके बयान रिकॉर्ड किए गए हों।

साक्ष्य के अभाव में एफआर में नहीं होगी कार्रवाई

पुलिस को यह भी निर्देश है कि हर मामले में सतर्कता बरती जाए, ताकि वास्तविक पीड़ित शिकायत दर्ज कराने से हिचकें नहीं। यदि केवल साक्ष्य के अभाव में अंतिम रिपोर्ट लगाई गई है और शिकायतकर्ता द्वारा झूठी जानकारी देने का प्रमाण नहीं मिला है, तो ऐसे मामलों में कोई कार्रवाई नहीं होगी।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:गर्भ में पल रहे पांच महीने से बड़े शिशु को भी माना जाएगा व्यक्ति: हाईकोर्ट

अलग रजिस्टर बनाना होगा, होगी समीक्षा

पुलिस विभाग को ऐसे मामलों का अलग रजिस्टर तैयार करने का भी निर्देश दिया गया है। थाने स्तर पर झूठी एफआईआर वाले मामलों को दर्ज किया जाएगा, जबकि क्षेत्राधिकारी अपने क्राइम रजिस्टर में इसकी समीक्षा करेंगे। हर महीने इन मामलों की समीक्षा कर रिपोर्ट कोर्ट से भी साझा की जाएगी। एसएसपी स्तर से लेकर जोनल एडीजी तक इस पूरी प्रक्रिया की नियमित समीक्षा करेंगे। निर्देशों के अनुपालन में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर भी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:पुलिस की मेहरबानी या सेटिंग का खेल? जिसे पकड़ना था उसे मिली सरकारी गनर
लेटेस्ट Hindi News, Lucknow News, Meerut News, Ghaziabad News, Agra News, Kanpur News , Pareet Yadav Death Live और UP News अपडेट हिंदी में पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।