थानों पर खास जिम्मेदारी के साथ ये अधिकारी होंगे तैनात, यूपी पुलिस चला रही विशेष अभियान
पैरोकार यह भी दर्ज करते हैं कि कौन गवाह पक्षद्रोही हो सकता है। ADG ने कहा है कि पैरोकारों का यह काम बेहतर पर्यवेक्षण के अभाव में प्रभावित होता है। समय से गवाही न हो पाने के कारण मुकदमे लम्बे समय तक लंबित रहते हैं। उऐसा न हो इसके लिए थानों में पैरवी अधिकारी तैनात किए जाएंगे।

UP News: न्यायालयों में अपराधियों के खिलाफ मजबूत पैरवी के लिए पुलिस विशेष अभियान ऑपरेशन कन्विक्शन चला रही है। इस कड़ी को और मजबूत बनाने के लिए अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) गोरखपुर जोन मुथा अशोक जैन ने जोन के प्रत्येक थाने पर ‘पैरवी अधिकारी’ नियुक्त करने को कहा है। पैरवी अधिकारी सेशन और लोअर कोर्ट देखने वाले पैरोकारों से संपर्क कर मुकदमों की मॉनिटरिंग करेंगे।
एडीजी ने जोन के सभी जिलों के पुलिस अधिकारियों को पत्र लिखकर कहा है कि वे अपने-अपने जिले में सभी थानों पर ‘पैरवी अधिकारी’ नियुक्त करें। उन्होंने कहा कि न्यायालय में चल रहे मुकदमों की पैरवी के लिए एक सेशन कोर्ट और एक लोअर कोर्ट में पैरोकार नियुक्त किए जाते हैं। ये दोनों पैरोकार न्यायालय और थाने के बीच मजबूत कड़ी होंते हैं। न्यायालय से मिलने वाले दिशा निर्देशों से थाना प्रभारियों को अवगत कराते हैं। न्यायालय में विचाराधीन मुकदमों में गवाहों की सूची तैयार करते हैं। गवाहों को समय से न्यायालय में प्रस्तुत करा गवाही कराने में मदद करते हैं।
मुकदमे का सम्पूर्ण विवरण कॉजलिस्ट में दर्ज कर उसके बारे में थाना प्रभारी को जानकारी देते हैं। ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत मॉनिटरिंग सेल मुकदमों की सूची लेकर पैरोकार रजिस्टर में दर्ज करते हैं। मामले में कितने गवाह हैं, कितने की गवाही हो गई है, कितने की बाकी है, किनकी गवाही कब और किस न्यायालय में होनी है, ये सूचनाएं भी दर्ज करते हें। पैरोकार यह भी दर्ज करते हैं कि कौन गवाह पक्षद्रोही हो सकता है। एडीजी ने कहा है कि पैरोकारों का यह कार्य बेहतर पर्यवेक्षण के अभाव में प्रभावित होता है। समय से गवाही न हो पाने के कारण मुकदमे लम्बे समय तक लंबित रहते हैं। उन्होंने कहा है कि ऐसा न हो इसके लिए थानों में तैनात निरीक्षक या दरोगा को पैरवी अधिकारी के रूप में नामित किया जाए।
कॉजलिस्ट की मॉनिटरिंग भी करेंगे
एडीजी ने कहा है कि नियुक्त पैरवी अधिकारी थानों के दोनों पैरोकारों के कॉजलिस्ट की नियमित मॉनिटरिंग करेंगे। प्रत्येक माह गोश्वारा की समीक्षा कर रजिस्टर में मुआइना रिपोर्ट लिखेंगे। महत्वपूर्ण सूचनाएं पैरवी अधिकारी तुरंत थानाध्यक्ष के संज्ञान में लाएंगे।
कोर्ट में कराएंगे गवाही
एडीजी ने कहा है कि पैरवी अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे न्यायालय द्वारा जारी समन एवं वारंट का समय से तामिला हो। गवाह समय पर कोर्ट में पहुंच जाएं। समय से उनकी गवाही हो जाए।
सामान्य के अतिरिक्त होगा यह कार्य
एडीजी ने कहा है कि जिस निरीक्षक या उप निरीक्षक को थाने पर बतौर पैरवी अधिकारी नियुक्त किया जाएगा उसका यह कार्य थाने के सामान्य कार्य से अतिरिक्त होगा। पैरवरी अधिकारी केस की प्रगति पर निगरानी रखेगा।




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