कौन है रिजवान? जिसे आतंकी कनेक्शन में दूसरी बार किया गया गिरफ्तार; चर्चा में आया यूपी का ये जिला
यह वही रिजवान है, जिसे पहली बार जनवरी, 2016 में ATS ने आतंकी गतिविधियों में संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार किया था। तब जांच में सामने आया था कि रिजवान इंटरनेट और सोशल मीडिया के माध्यम से कट्टरपंथी सामग्री से प्रभावित हुआ था। ऐसे समूहों के संपर्क में आया, जहां भड़काऊ विचारधारा को बढ़ावा दिया जाता था।

UP News: उत्तर प्रदेश का कुशीनगर जनपद एक बार फिर आतंकी गतिविधियों से जुड़े मामले को लेकर चर्चा में है। रिजवान की दूसरी बार गिरफ्तारी ने एक तरफ जहां सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है तो वहीं कुशीनगर के दामन को भी दागदार कर दिया है। यह वही रिजवान है, जिसे पहली बार जनवरी, 2016 में एटीएस ने आतंकी गतिविधियों में संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार किया था। उस समय की जांच में सामने आया था कि रिजवान इंटरनेट और सोशल मीडिया के माध्यम से कट्टरपंथी सामग्री से प्रभावित हुआ था। डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए वह ऐसे समूहों के संपर्क में आया, जहां भड़काऊ विचारधारा को बढ़ावा दिया जाता था। यह मामला उस दौर में युवाओं के ऑनलाइन कट्टरपंथ का एक प्रमुख उदाहरण बनकर सामने आया था।
साल 2014 में कुशीनगर के एक इंटर कॉलेज में रिजवान का कक्षा 11 वीं में नामांकन हुआ था। पढ़ाई के दौरान ही उसकी मुलाकात उन लोगों से हुई, जो देशविरोधी कार्यों में जुटे थे। बाद में सोशल मीडिया के जरिए रिजवान आतंकी गतिविधियों से जुड़ गया। 2016 में रिजवान की गिरफ्तारी के बाद तत्कालीन पुलिस कप्तान अतुल शर्मा के नेतृत्व में मामले की जांच कर रही विशेष टीम को रिजवान से जुड़े कुछ अहम सुराग भी हाथ लगे थे। रिजवान का बगदादी से सीधे जुड़े तार के बीच कई अहम कडिय़ों के होने के संकेत भी मिले थे।
गिरफ्तारी के बाद साल 2017 से 2023 तक वह मुंबई के जेल में बंद रहा। इस दौरान उसकी गतिविधियों और व्यवहार पर सुरक्षा एजेंसियों की नजर बनी रही। उम्मीद की गई थी कि लंबे समय तक जेल में रहने के बाद वह मुख्यधारा में लौटेगा और सामान्य जीवन जीने लगेगा। मुंबई की जेल से छूटने के बाद शुरुआती तौर पर सब कुछ सामान्य दिखा, लेकिन शनिवार की देर रात उसकी गिरफ्तारी ने यह संकेत दे दिया कि वह जेल से छूटने के बाद पुराने ढर्रे पर लौट आया था। दूसरी बार हुई गिरफ्तारी ने सुरक्षा एजेंसियों के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी चौंका दिया है। अब एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि जेल से बाहर आने के बाद उसने किन लोगों से संपर्क साधा और कैसे दोबारा संदिग्ध गतिविधियों में शामिल हुआ।
गोवा-हैदराबाद-चेन्नई कनेक्शन फिर जांच के घेरे में
रिजवान की दूसरी गिरफ्तारी के बाद एक बार फिर उसके पुराने नेटवर्क और देश के विभिन्न शहरों से जुड़े कनेक्शन जांच के घेरे में आ गए हैं। वर्ष 2016 में पहली गिरफ्तारी के दौरान सामने आए तथ्यों ने सुरक्षा एजेंसियों को चौंका दिया था। उस समय की जांच में गोवा, हैदराबाद और चेन्नई से जुड़े लिंक की बात सामने आई थी। तत्कालीन जांच के आधार पर कुशीनगर पुलिस का मानना था कि कम समय में ही रिजवान देश में सक्रिय आईएसआईएस से जुड़े तत्वों के संपर्क में आ गया था।
शुरुआती सूचनाओं में यह भी संकेत मिले थे कि वह हैदराबाद और गोवा जैसे शहरों में सक्रिय नेटवर्क के साथ मिलकर काम कर रहा था। इन स्थानों से उसे आर्थिक मदद मिल भी रही थी और आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए जरूरी संसाधन और उपकरण भी मुहैया कराए जा रहे थे। हालांकि, उस समय यह जांच कई स्तरों पर जारी रही, लेकिन पूरी कड़ियां सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आ सकीं। अब दूसरी गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियां फिर से उन पुराने कनेक्शनों को खंगालने में जुटी हैं।




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