नई दरों पर मीटर की जमानत राशि वसूलने का आदेश वापस, यूपी के 85 लाख बिजली उपभोक्ताओं को लाभ
यूपी के नई दरों पर मीटर की जमानत राशि वसूलने का आदेश वापस हो गया। पावर कॉरपोरेशन ने नई दरों पर जमानत राशि वसूलने का आदेश वापस ले लिया है। इससे प्रदेश के 85 लाख उपभोक्ताओं को लाभ होगा।
स्मार्ट मीटरों को प्रीपेड से पोस्टपेड में बदलते हुए मीटर की जमानत राशि नई दरों के बजाय पुरानी दरों पर जमा करवाई जाएगी। उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन ने नई दरों पर जमानत राशि वसूलने का आदेश वापस ले लिया है। इससे प्रदेश के 85 लाख उपभोक्ताओं को लाभ होगा।
प्रीपेड मीटर व्यवस्था समाप्त करते हुए सभी मीटरों को पोस्टपेड में बदलने के आदेश गुरुवार को जारी हुए थे। हालांकि, उसमें मीटरों की जमानत राशि नई दरों पर लेने की व्यवस्था दी गई थी। ऐसे में सवाल उठ रहे थे कि पुरानी जमानत तो प्रीपेड करते हुए उपभोक्ताओं को वापस कर दी गई थी, लेकिन अब दोबारा मीटर पोस्टपेड किए जा रहे हैं तो उनसे बढ़ी हुई जमानत राशि जमा करवाई जा रही है। इन सवालों के बाद पावर कॉरपोरेशन ने पुराना आदेश संशोधित करते हुए पुरानी दरों पर ही जमानत राशि लेने का संशोधित आदेश जारी कर दिया है। प्रदेश में 27 अप्रैल 2026 तक कुल 85,23,658 स्मार्ट मीटर लगाए गए, जिनमें से लगभग 84,49,484 उपभोक्ताओं के स्मार्ट पोस्टपेड मीटरों को बिना सहमति के प्रीपेड मोड में परिवर्तित कर दिया गया था।
उपभोक्ताओं की एकजुटता से मिली जीत
उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि यह जीत उपभोक्ताओं की एकजुटता से मिली है। स्मार्ट मीटर की खामियों पर उपभोक्ता परिषद ने नियामक आयोग में सवाल उठाए थे। इसके बाद उपभोक्ता आंदोलनरत हुए और पावर कॉरपोरेशन को जुर्माने की कार्रवाई से बचने के लिए आदेश वापस लेना पड़ा।
प्रीपेड मीटरों को पोस्टपेड में बदलने का आदेश कल हुआ था जारी
इससे पहले गुरुवार को प्रदेश में बिना सहमति प्रीपेड मोड में बदले गए स्मार्ट मीटरों को पुन: पोस्टपेड किए जाने का कार्यकारी आदेश गत दिवस पावर कारपोरेशन ने जारी कर दिया। इसी के साथ प्रीपेड मीटर के साथ नये कनेक्शन दिए जाने की बाध्यता भी खत्म हो गई है। कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक नितीश कुमार द्वारा जारी आदेश के अनुसार अब नये कनेक्शन स्मार्ट मीटर के साथ पोस्टपेड मोड में ही दिए जाएंगे। गत वर्ष 10 सितंबर से उपभोक्ताओं को अनिवार्य रूप से प्रीपेड मोड में ही नये कनेक्शन दिए जा रहे थे। इसे लेकर उपभोक्ताओं में खासा आक्रोश था। प्रदेश में बिना उपभोक्ताओं की सहमति के प्रीपेड किए गए मीटरों को तत्ताल प्रभाव से पोस्टपेड किए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। कारपोरेशन इन मीटरों को चरणवार पोस्टपेड में बदलेगा। खास बात यह है कि सभी उपभोक्ताओं को मई की ऊर्जा खपत का जून में देय बिल, पोस्टपेड पद्वति से ही निर्गत किया जाएगा। स्मार्ट पोस्टपेड मोड के सभी बिल उपभोक्ताओं को एसएमएस या व्हाट्सएप के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा।




साइन इन