हाईकोर्ट ने कसकर रगड़ा था; ओपी राजभर ने अखिलेश को 2013 की दिलाई याद, बोले- आपके पाप याद आ जाएंगे
ओम प्रकाश राजभर ने एक बार फिर अखिलेश यादव पर पर निशाना साधा है। उन्होंने तंज कसते हुए साल 2013 की घटना की याद जिक्र किया। कहा कि हाईकोर्ट ने कैसे एक प्रश्न पूछकर रगड़ दिया था। सपा का गढ़, आतंकवाद का गढ़ है।

योगी सरकार में मंत्री और सुभासपा चीफ ओम प्रकाश राजभर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर लगातार निशाना साध रहे हैं। इस बार उन्होंने साल 2013 की घटना की याद दिलाते हुए तंज कसा है। ओपी राजभर ने कहा है कि हाईकोर्ट ने एक प्रश्न पूछकर रगड़ दिया था। सपा का गढ़, आतंकवाद का गढ़ है।
ओम प्रकाश राजभर ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कटाक्ष करते हुए लिखा, 'उम्मीद ही नहीं बल्कि पूर्ण विश्वास है कि हमेशा की तरह आप बेखबर, मस्त और बिना काम के व्यस्त होंगे। खैर कोई बात नहीं। ऐसे ही रहिए। आज 6 जून है, सोचा आपको याद दिला दूं। आज ही के दिन 2013 में आपकी सरकार को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक प्रश्न पूछकर कसके रगड़ा था। याद आया एक खबर का स्क्रीन शॉट लगा दिया हूं। पढ़ लीजिएगा। कम से कम आपको अपने पाप याद आ जाएंगे। फिर जब आप 2027 में चुनाव हारेंगे तो EVM और SIR को दोष नहीं दे पाएंगे। और हां, हमको गाली देकर संतोष पाने वाले वालों सपाई लोडरों तुम लोगों के लिए हिंदी में भी लिख दे रहा हूं। पढ़ लेना। कम से कम यह तो समझ में आ जाएगा कि जिस परिवार के लिए दरी बिछा रहे हो, उसने क्या-क्या पाप किये थे।'
राजभर ने अपने पोस्ट में आगे लिखा, 'आतंकियों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने के फैसले पर हाईकोर्ट सख्त और अखिलेश सरकार से जवाब मांगा। 2007 के लखनऊ, वाराणसी और फैजाबाद बम धमाकों के आरोपियों के खिलाफ मुकदमे वापस लेने के समाजवादी पार्टी सरकार के फैसले पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सवाल उठाए। अदालत ने सरकार से दो दिन में आरोपियों की सूची मांगी। इन धमाकों में 16 लोगों की मौत और 60 से अधिक लोग घायल हुए थे। सपा का गढ़, आतंकवाद की जड़।'
राजभर ने अखिलेश को दिलाई मुलायम सिंह की याद
इससे पहले उन्होंने सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए कहा था, "मैं आपसे कुछ कहूंगा नहीं, बल्कि याद दिलाउंगा आपके बाबूजी की बात, जो उन्होंने भरे मंच से आपकी सरकार के बारे में कहा था। आपको याद है 4 जून 2013 को स्वर्गीय श्री मुलायम सिंह यादव जी ने आपकी सरकार के विषय में क्या कहा था आपके बाबू जी की बात प्रमाण के साथ आपके सामने रख रहा हूं। आप तो ऑस्ट्रेलिया से पढ़े हैं... तो उम्मीद करता हूं कि अंग्रेजी आपको आती ही होगी। ध्यान से पढ़िएगा। एक बार पढ़ लेंगे तो दोबारा हमारी सरकार की कानून व्यवस्था पर बोलने से पहले आप 10 बार सोचेंगे... शायद आप खुद से आंख भी न मिला पाएं। और हां सपाई लोडरों ये खबर तुम्हारे लिए नहीं है। क्योंकि यह अंग्रेजी में है और तुम लोग अपने भईया के राज में नकल मारके पास हुए हो, इसलिए तुम लोगों को कुछ समझ में आएगा नहीं। तुम्हारे हिस्से की भी अंग्रेजी भइया पढ़ डाले हैं। बेकार में परेशान होगे और ट्रांसलेटर ढूंढते फिरोगे।'




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