non bailable warrants issued against absconding bsa and clerk in up property could be confiscated यूपी की इस फरार बीएसए और क्लर्क के खिलाफ अब गैर जमानती वारंट, हो सकती है कुर्की, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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यूपी की इस फरार बीएसए और क्लर्क के खिलाफ अब गैर जमानती वारंट, हो सकती है कुर्की

कुशीनगर के मूल निवासी कृष्ण मोहन सिंह ने गोरखपुर के गुलरिहा इलाके में अपने भाई के मकान में 20 फरवरी की रात में आत्महत्या कर ली थी। मौत से पहले सुसाइड नोट लिखकर देवरिया बीएसए शालिनी श्रीवास्तव,लिपिक संजीव सिंह सहित अन्य को इसके लिए जिम्मेदार बताया था।

Tue, 17 March 2026 12:00 AMAjay Singh वरिष्ठ संवाददाता, गोरखपुर
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यूपी की इस फरार बीएसए और क्लर्क के खिलाफ अब गैर जमानती वारंट, हो सकती है कुर्की

UP News: शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह की आत्महत्या मामले में फरार चल रहे निलंबित बीएसए देवरिया शालिनी श्रीवास्तव और लिपिक संजीव सिंह के खिलाफ गुलरिहा पुलिस ने कोर्ट से एनबीडब्ल्यू जारी कराया है। इससे अब दोनों के खिलाफ अन्य कानूनी कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है। अगर वे सरेंडर नहीं करते हैं तो फिर कुर्की की कार्रवाई भी हो सकती है।

वहीं उनकी तलाश में जुटी पुलिस की टीमें लखनऊ,प्रयागराज,देवरिया व बलिया के अलवा अन्य प्रदेश में भी दबिश दे रही है। शालिनी के करीबियों और परिवार वालों से पूछताछ की जा रही है, मगर वे भी जानकारी देने से इनकार कर रहे हैं। वहीं घटना के बाद से ही लिपिक संजीव सिंह ने अपना मोबाइल फोन बंद कर रखा है। पुलिस को उसका भी कोई क्लू नहीं मिला है। दोनों ने प्रयागराज में अग्रिम जमानत के लिए अर्जी दाखिल की थी लेकिन गिरफ्तारी के डर से कोर्ट में भी दाखिल नहीं हुए।

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कुशीनगर के मूल निवासी कृष्ण मोहन सिंह ने गुलरिहा इलाके शिवपुर सहबाजगंज में अपने भाई के मकान में 20 फरवरी की रात में आत्महत्या कर ली थी। मौत से पहले सुसाइड नोट लिखकर उन्होंने देवरिया बीएसए शालिनी श्रीवास्तव,लिपिक संजीव सिंह सहित अन्य को इसके लिए जिम्मेदार बताया था। कृष्ण मोहन सिंह ने अपने सुसाइड नोट में पैसे का जिक्र करते हुए साथी अध्यापक अपर्णा तिवारी और ओंकार सिंह के बारे में भी बताया था। इनका बयान दर्ज करने के बाद पुलिस ने सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक अनिरुद्ध सिंह को गिरफ्तार कर पुलिस जेल भेजवा चुकी है। अनिरुद्ध पर आरोप था कि उसने कृष्ण मोहन सिंह का परिचय लिपिक संजीव सिंह से कराया था और बहाली कराने के लिए 16-16 लाख रुपये की रकम तय कराई थी। साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने जब इनकी तलाश शुरू की तो यह फरार हो गए और अब पुलिस को छका रहे हैं।

गोरखपुर एसएसपी ने घोषित कर रखा है इनाम

शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह खुदकुशी कांड में फरार चल रहीं देवरिया की निलम्बित बीएसए शालिनी श्रीवास्तव और लिपिक संजीव सिंह पर गोरखपुर एसएसपी ने दस-दस हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा है। दोनों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की चार टीमें बलिया, प्रयागराज, लखनऊ और देवरिया में दबिश डाल रही थीं। पुलिस अब भी दोनों की तलाश में खाक छान रही है।

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पूर्व प्रधानाध्यापक को जेल भेजवा चुकी है पुलिस

शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह खुदकुशी कांड में पुलिस पूर्व प्रधानाध्यापक अनिरुद्ध सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेजवा चुकी है। जांच में सामने आया है कि अनिरुद्ध ने ही तीनों शिक्षकों की बीएसए कार्यालय के लिपिक से सेटिंग कराई थी। शिक्षकों से पहले 20 लाख रुपये की मांग की गई थी, जिसे बातचीत के बाद अनिरुद्ध ने 16 लाख रुपये में तय कराया गया। शिक्षक ने सुसाइड नोट में इसका जिक्र किया था। वहीं अनिरुद्ध ने इनकी नियुक्ति में भूमिका निभाई थी। बिना स्वीकृत पद के नियुक्ति की गई थी, जो बाद में अवैध घोषित हो गया था।

2016 में हुई थी शिक्षक की नियुक्ति, 2021 में रद्द

कृष्ण मोहन सिंह की नियुक्ति एक जुलाई 2016 को देवरिया जनपद के गौरीबाजार विकास खंड स्थित कृषक लघु माध्यमिक विद्यालय, मदरसन में सहायक अध्यापक पद पर हुई थी। उनकी नियुक्ति बेसिक शिक्षा अधिकारी देवरिया की संस्तुति पर की गई थी। वर्ष 2021 में सेवाओं पर लगाए गए आरोपों के आधार पर उनकी नियुक्ति निरस्त कर दी गई। इसी प्रकरण में दो अन्य सहायक अध्यापकों ओंकार सिंह और अपर्णा तिवारी की नियुक्ति भी समाप्त कर दी गई थी। इसके खिलाफ कृष्ण मोहन सिंह व अन्य ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की। चार अप्रैल 2022 को न्यायालय ने उनके पक्ष में आदेश पारित किया। इसके बावजूद 24 मार्च 2023 और एक अप्रैल 2023 को पुनः उनके आवेदन निरस्त कर दिए गए। इसके विरुद्ध पुनः याचिका दाखिल की गई, जिस पर 13 फरवरी 2025 को उच्च न्यायालय ने पूर्व आदेशों को निरस्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को नया आदेश पारित करने का निर्देश दिया था।

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कोर्ट के आदेश का अनुपालन करने में लिए थे रुपये

न्यायालय के आदेश के अनुपालन के दौरान बेसिक शिक्षा अधिकारी देवरिया कार्यालय में तैनात बाबू संजीव सिंह ने तीनों शिक्षकों से 16-16 लाख रुपये लिए थे। पैसा लेने के बाद भी उन्हें पेरशन किया जा रहा था। 20 फरवरी 2026 को कृष्ण मोहन सिंह को कार्यालय बुलाया गया, जहां उन्हें अपमानित किया गया और फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई। शाम को घर लौटने पर उन्होंने पूरी घटना पत्नी को बताई और रात में खुदकुशी कर ली।

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