यूपी के इस बीएसए ऑफिस में होली की छुट्टी खत्म होते ही खलबली, बाबुओं को लगी इसकी आहट
कृष्ण मोहन सिंह देवरिया में सहायक अध्यापक थे। 20 फरवरी की रात उन्होने फंदा लगाकर जान दे दी थी। आत्महत्या से पूर्व उन्होने बीएसए शालिनी श्रीवास्तव, लिपिक संजीव सिंह समेत अन्य लोगों पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए सुसाइट नोट व वीडियो भी जारी किए थे।

UP News: उत्तर प्रदेश के देवरिया के बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) कार्यालय में होली की छुट्टी की खत्म होते ही खलबली मच गई है। शिक्षक कृष्णमोहन के खुदकुशी प्रकरण में बीएसए शालिनी श्रीवास्तव के निलंबन के बाद अब जल्द ही जांच की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। बीएसए कार्यालय के बाबुओं को इसक आहट लग गई है। होली की छुट्टी समाप्त होने के बाद अब कार्यालय के बाबू पत्रावलियों को सहेजने में जुटे हुए हैं। शुक्रवार को मामले की जांच के लिए संयुक्त शिक्षा निदेशक के बीएसए कार्यालय पहुंचने की चर्चा रही, लेकिन देर शाम तक वे कार्यालय नहीं पहुंचे थे। बीएसए के निलंबन के बाद अनुशासनिक जांच के लिए संयुक्त शिक्षा निदेशक गोरखपुर मण्डल, गोरखपुर को जांच अधिकारी नामित किया गया है।
कुशीनगर जिले के कुबेरस्थाना थाना क्षेत्र के हरैया बुजुर्ग के रहने वाले कृष्ण मोहन सिंह जिले के गौरीबाजार विकास खण्ड स्थित कृषक लघु माध्यमिक विद्यालय, मदरसन में सहायक अध्यापक थे। वह गोरखपुर के गुलरिहा क्षेत्र के शिवपुर सहबाजगंज में अपने भाई के यहां रहते थे। 20 फरवरी की रात उन्होने फंदा लगाकर जान दे दी थी। आत्महत्या से पूर्व उन्होने बीएसए शालिनी श्रीवास्तव, लिपिक संजीव सिंह समेत अन्य लोगों पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए सुसाइट नोट व वीडियो भी जारी किए थे।
जिसके जांच के बाद दोषी मिलीं बीएसए शालिनी श्रीवास्तव को 27 फरवरी को निलंबित कर दिया गया था, जबकि लिपिक संजीव सिंह पहले ही निलंबित हो चुका है। बीएसए के निलंबन की कार्रवाई होने के बाद शासन द्वारा मामले की जांच के लिए संयुक्त शिक्षा निदेशक को जांच अधिकारी नामित किया गया है। ऐसे में अब होली की छुट्टी समाप्त होने के बाद जल्द ही जांच प्रक्रिया शुरू हो सकती है, इसकी आहट मिलने के बाद कार्यालय के कुछ बाबूओं में खलबली मची हुई है। छुट्टी से लौटे कर्मचारी अब अपने पत्रावलियों को सहेजना शुरू कर दिए हैं।
कार्यालय के कई बाबुओं की नहीं टूट रही खामोशी
शिक्षक कृष्ण मोहन के खुदकुशी के मामले में बीएसए शालिनी श्रीवास्तव व लिपिक संजीव सिंह के विरूद्ध हुए कार्रवाई के बाद कार्यालय के बाबू कुछ भी कहने से परहेज कर रहे हैं। निलंबन के कार्रवाई के आठ दिन बीत जाने के बाद भी कार्यालय के कई बाबूओं की खामोशी नहीं टूट रही है। वे कार्यालय आ रहे हैं और चुपचाप से अपने कार्यों को निपटाने के बाद घर चले जा रहे हैं।
प्रभारी बीएसए ने शुक्रवार को कई बीईओ से की मुलाकात
बीएसए शालिनी श्रीवास्तव के निलंबन के बाद डायट प्राचार्य अनिल सिंह को बीएसए का प्रभार दिया गया है। प्रभार मिलने के बाद प्रभारी बीएसए अब कार्यालय के कार्यों को समझ रहे हैं। शुक्रवार को उन्होने कई बीईओ को कार्यालय में बुलाकर उनसे मुलाकात की और उनसे विभिन्न विभागीय जानकारी ली। सूत्रों की मानें तो सदर बीईओ के अलावा कई बीईओ शुक्रवार को कार्यालय में बीएसए से मुलाकात किए। वहीं आत्महत्या प्रकरण को लेकर विभाग में अभी भी हड़कंप की स्थिति है।




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