सरकार बनाना और गिराना जानता है मछुआ समाज, निषाद पार्टी के स्थापना दिवस पर बोले संजय निषाद
मछुआ समाज सरकार बनाना और गिराना जानता है। 13वें स्थापना दिवस पर कार्यकर्ताओं को पार्टी की बढ़ती ताकत का आभास कराने का प्रयास किया। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मंत्री डॉ. संजय निषाद ने बातें कहीं।

निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल (निषाद पार्टी) के 13वें स्थापना दिवस पर कार्यकर्ताओं को पार्टी की बढ़ती ताकत का आभास कराने का प्रयास किया। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मंत्री डॉ. संजय निषाद ने कहा कि उन्होंने 13 जनवरी 2013 को महाराजा गुह्रराज निषाद के किले श्रृंगवेरधाम में मछुआ समाज का शोषण करने वाले दलों के अंत का संकल्प लिया था। क्योंकि मछुआ समाज किसी का वोट बैंक नहीं है। यह समाज केवल नदी व ताल में मछली ही मारना नहीं जानता। बल्कि सरकार बनाना और गिराना भी जानता है। निषाद पार्टी के अस्तित्व में आने के बाद मछुआ समाज इसका आभास कर चुका है।
राममनोहर लोहिया विश्वविद्यालय में आयोजित समारोह में डॉ.निषाद ने कहा कि हमारे समाज की बहन वीरांगना फूलन देवी, लोहपुरुष स्वर्गीय जमुना निषाद, महेद्र सिंह राजपुत, धनीराम वर्मा, मनोहर लाल निषाद को पूर्व की सरकारों ने अपने स्वार्थ व लाभ के लिए इस्तेमाल किया और उन्हें जान से मरवाने का काम भी किया। मछुआ समाज चाहता है कि बहन वीरांगना फूलन देवी व लोहपुरुष स्व. जमुना निषाद की हत्या की सीबीआई जांच होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत पिछले 11 वर्षों में देश के मछुआरों के लिए 41.5 हजार करोड़ रुपये प्रदान किए गए जबकि कांग्रेस ने 67 वर्षों में केवल तीन हजार करोड़ रुपये ही दिए थे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मछुआ समाज के विकास व उत्थान की सोच रखते हैं। समारोह को संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक, सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मंत्री ओम प्रकाश राजभर, परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, समनव्यक शिवसेना (शिंदे) अभिषेक वर्मा, रमेश सिंह व अन्य ने भी संबोधित किया।




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