विवादित पोस्ट मामला: लखनऊ में बयान दर्ज कराने पहुंची नेहा सिंह राठौर, पुलिस ने की पूछताछ
सोशल मीडिया पर पहलगाम टेरर अटैक को लेकर दिए गए विवादित बयान के मामले में नेहा अपना बयान दर्ज कराने शनिवार को पुलिस के सामने पेश हुईं हैं। जहां पुलिस ने उनसे पूछताछ की।

विवादित पोस्ट मामले में लोक गायिका नेहा सिंह राठौर अपने पति हिमांशु के साथ लखनऊ की हजरतगंज कोतवाली पहुंची है। सोशल मीडिया पर पहलगाम टेरर अटैक को लेकर दिए गए विवादित बयान के मामले में नेहा अपना बयान दर्ज कराने शनिवार को पुलिस के सामने पेश हुईं हैं। पुलिस ने नेहा से घंटे भर भड़काऊ पोस्ट के बारे में पूछताछ की। सवाल किया कि मुकदमे में कोर्ट से अंतरिम जमानत अर्जी खारिज होने के बाद जारी नोटिस पर अपना पक्ष क्यों नहीं रखा? घंटे भर चली पूछताछ के बाद उन्हें जाने दिया गया। नेहा के खिलाफ पहलगाम आतंकी हमले को लेकर सोशल मीडिया पर की गई भड़काऊ पोस्ट को लेकर हजरतगंज कोतवाली में मुकदमा दर्ज है।
बतादें कि सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट के मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद से पुलिस और अदालत की ओर से नेहा सिंह राठौर को कई बार नोटिस भेजे जा चुके हैं लेकिन नेहा सिंह राठौर हाजिर नहीं हुई थीं। नेहा सिंह राठौर ने अपनी बीमारी का हवाला देते हुए अब तक बयान दर्ज कराने से दूरी बनाकर रखी थी। नेहा सिंह राठौर इस मामले में राहत पाने के लिए हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट भी पहुंची, लेकिन दोनों जगह से उन्हें तगड़ा झटका लग चुका है। शनिवार को नेहा सिंह राठौर लखनऊ की हजरतगंज कोतवाली पहुंची और अपना पक्ष रखते हुए बयान दर्ज कराने पहुंची थीं।
क्या है पूरा मामला
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले को लेकर नेहा सिंह राठौर ने अपने सोशल मीडिया हैंडल से विवादित टिप्पणी कर दी थी। नेहा की इस टिप्पणी के बाद से उनके खिलाफ लखनऊ की हजरतगंज कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इसके बाद से लगातार नेहा को कोतवाली बुलाया जा रहा था, लेकिन वह हाजिर नहीं हो रही थीं।
हाईकोर्ट ने खारिज की थी नेहा की जमानत अर्जी
हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने पहलगाम में पर्यटकों का धर्म पूछकर हत्या करने के आतंकी हमले के पश्चात सोशल मीडिया पर कथित अनर्गल, धार्मिक व देश विरोधी पोस्ट करने की आरोपी लोक गायिका नेहा सिंह राठौर की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया था। न्यायालय ने माना था कि विवेचनाधिकारी के समक्ष उपस्थित होने के दो सदस्यीय खंडपीठ के आदेश के बावजूद अभियुक्त जांच में सहयोग नहीं कर रही है।
सुप्रीम कोर्ट से भी नहीं मिली थी राहत
न्यायालय ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के पश्चात पारित अपने निर्णय में कहा था कि एफआईआर को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज करते हुए, दो सदस्यीय खंडपीठ ने अभियुक्ता को 26 सितंबर की तिथि नियत कर विवेचनाधिकारी के समक्ष उपस्थित होने का आदेश दिया था। उक्त आदेश के विरुद्ध अभियुक्ता की विशेष अनुमति याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी थी, बावजूद इसके अभियुक्ता ने विवेचना में सहयोग नहीं किया, ऐसे में उसे अग्रिम जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता। उल्लेखनीय है कि नेहा सिंह राठौर के विरुद्ध यह प्राथमिकी 27 अप्रैल 2025 को लखनऊ के हजरतगंज थाने में अभय प्रताप सिंह उर्फ निर्भीक ने दर्ज करायी थी।




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