मुसलमानों ने अंबेडकर का साथ दिया, गांधी का नहीं; लखनऊ में गरजे चंद्रशेखर आजाद
चंद्रशेखर ने महात्मा गांधी पर मुस्लिम तुष्टीकरण का आरोप भी लगाया। कहा कि मुस्लिम समाज के पक्ष में खड़े होने पर मिस्टर गांधी ने डॉ. अंबेडकर का विरोध किया था। हालांकि बाद में उन्हें कम्युनल अवार्ड मिला था। मुस्लिमों ने डॉ. अंबेडकर का साथ दिया था।

आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर ने महात्मा गांधी पर मुस्लिम तुष्टीकरण का आरोप भी लगाया। कहा कि मुस्लिम समाज के पक्ष में खड़े होने पर मिस्टर गांधी ने डॉ. अंबेडकर का विरोध किया था। हालांकि बाद में उन्हें कम्युनल अवार्ड मिला था। मुस्लिमों ने डॉ. अंबेडकर का साथ दिया था।
चंद्रशेखर ने सोमवार को लखनऊ में अटल बिहारी वाजपेयी कंवेंशन सेंटर में आयोजित पिछड़ा वर्ग सम्मेलन को संबोधित किया। चंद्रशेखर ने कहा कि महात्मा गांधी, जिन्हें देश ने इतना बड़ा सम्मान दिया था, उस समय के प्रतिनिधियों पर कुरान पर हाथ रखकर कसम खिलाकर यह मांग कर रहे थे कि वे डॉ. अंबेडकर की मांगों का समर्थन न करें। उन्होंने कहा कि हम आपकी सभी मांगों के साथ खड़े रहेंगे। लेकिन उस समय के मुस्लिम नेताओं ने इसे मानने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि हम अपने स्वार्थ के लिए किसी दूसरे के हक को नहीं छीन सकते। उस समय मुस्लिम समाज ने बाबा साहब का साथ दिया, न कि गांधी का।
2027 से पहले चंद्रशेखर ने खेला बड़ा दांव
चन्द्रशेखर आजाद ने विपक्षी दलों को घेरते हुए कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर खासकर अपने वोट की ताकत पहचानने के लिए प्रेरित किया। विधानसभा चुनाव-2027 से पहले आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) ने पिछड़ा वर्ग, वंचित और अल्पसंख्यक समाज के सभी वर्गों को एकजुट करने का दांव चला है। दलित-ओबीसी के साथ खास कर मुस्लिम समुदाय को लुभााने का भरसक प्रयास किया। कहा कि जातियों का भूत उतारिये। जातियां नुकसान पहुंचाने के लिए बनी हैं।
राशन पर वोट करते रहे तो बच्चे नहीं जा पाएंगे स्कूल
चंद्रशेखर ने कहा है कि पांच किलो राशन पर वोट करते रहे तो आपके बच्चे स्कूल भी नहीं जा पाएंगे। पिछड़े वर्ग को लोकसभा व विधानसभा में राजनीतिक आरक्षण, अति पिछड़ी जातियों को 15 प्रतिशत अतिरिक्त आरक्षण, भागीदारी के अनुपात में आरक्षण में हिस्सेदारी, पदोन्नति में आरक्षण, यूजीसी समेत अन्य मुद्दों को उठाकर भी विपक्षी दलों को घेरा। कार्यकर्ताओं से कहा कि सात-आठ माह चैन से नहीं बैठने है और अपनी एकता का संदेश पूरे समाज में पहुंचाना है।
महापुरुषों को पूजने नहीं बल्कि पढ़ने की जरूरत
चन्द्रशेखर ने पूजा पाल का नाम लेते हुए कुछ अन्य घटनाओं का जिक्र कर पिछड़ों, दलितों व मुस्लिमों के साथ अत्याचार का आरोप भी लगाया। कहा कि हमें महापुरुषों को पूजने की नहीं, उन्हें पढ़ने की जरूरत है। बहुजन समाज ने भी अपने महापुरुषों को पूजना शुरू कर दिया है। विपक्षी यही चाहते हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी अपने जिन महापुरुषों को याद करती है, उनमें वीपी सिंह और बीपी मंडल के नाम भी जोड़ रहा हूं। उन्होंने बहुजन समाज, अल्पसंख्यक व ओबीसी के हर वर्ग को एकजुट होने की बात दोहराई। कहा कि सरकारी हमारी ताकत से डरी हुई है, इसीलिए पंचायत चुनाव कराने में राज्य सरकार का पसीना छूट रहा है।




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