लड़कों से दोस्ती और बात करने पर मर्डर; भांजी को मामा ने मार डाला, भाई ने भी साथ दिया
मेरठ में 17 वर्षीय सानिया की हत्या के मामले का पुलिस ने चार घंटे में खुलासा कर दिया। पुलिस के अनुसार मोबाइल पर लड़कों से बातचीत और दोस्ती से नाराज मामा सरताज और सौतेले भाई शोएब ने गला दबाकर उसकी हत्या कर शव आम के बाग में फेंक दिया। मामा गिरफ्तार, दूसरा आरोपी फरार है।

मेरठ के लोहियानगर क्षेत्र के नरहाड़ा गांव के जंगल में शनिवार सुबह मिली 17 वर्षीय किशोरी सानिया की हत्या का पुलिस ने चार घंटे में खुलासा कर दिया। पुलिस जांच में सामने आया कि मोबाइल पर लड़कों से बातचीत और दोस्ती से नाराज किशोरी के मामा ने उसके सौतेले भाई के साथ मिलकर सानिया की गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या के बाद दोनों ने शव को नरहाड़ा गांव के जंगल स्थित आम के बाग में फेंक दिया। पुलिस ने आरोपी मामा सरताज को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि सौतेले भाई शोएब की तलाश की जा रही है।
बता दें कि शनिवार सुबह करीब छह बजे पीआरवी को सूचना मिली कि नरहाड़ा गांव के जंगल में आम के बाग के भीतर किशोरी का शव पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही लोहियानगर थाना पुलिस, फोरेंसिक टीम और क्षेत्राधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए करीब चार घंटे के भीतर मृतका की पहचान हुमायूं नगर निवासी 17 वर्षीय सानिया पुत्री जावेद के रूप में कर ली।
मामा के पास भी रहती थी मृतका
पुलिस जांच में पता चला कि सानिया के पिता जावेद की दो शादियां हुई थीं। पहली पत्नी की मृत्यु के बाद उन्होंने दूसरी शादी की थी। मृतका दूसरी पत्नी की बेटी थी। पारिवारिक परिस्थितियों के चलते सानिया पिछले कुछ वर्षों में अपने मामा सरताज के पास रहती थी। इस दौरान उसकी लड़कों से बातचीत और दोस्ती होने लगी। पुलिस के अनुसार, इस बात को लेकर सरताज लगातार नाराज रहता था और उसे शक था कि सानिया गलत संगत में पड़ रही है। इसी बात को लेकर परिवार में विवाद भी होता था।
गला दबाकर की हत्या, फिर जंगल में फेंका शव
किशोरी की लड़कों से दोस्ती और बातचीत को लेकर परिवार में कई बार विवाद हुआ था। सौतेला भाई और मामा लड़कों से दोस्ती को लेकर रोकते-टोकते थे। उसके साथ मारपीट भी करते थे। शुक्रवार रात भी सानिया को मोबाइल पर बात करते देख विवाद हो गया। इसके बाद सरताज ने उसका गला दबाकर हत्या कर दी। पूछताछ में आरोपी ने हत्या की बात स्वीकार की है। वारदात के बाद सरताज और शोएब शव को जंगल में ले गए और नरहाड़ा स्थित आम के बाग में झाड़ियों के बीच फेंक दिया।
84 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली
घटना के खुलासे के लिए गठित पुलिस टीमों ने तेजी से जांच की। पुलिस ने करीब 84 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और स्थानीय स्तर पर जुटाई गई जानकारी का विश्लेषण किया। जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आरोपी मामा सरताज तक पहुंच गई।




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