मुझे फालतू में फोन मिला रहे हैं, कहने वाला इंजीनियर सस्पेंड; बिजली मंत्री एके शर्मा की पोस्ट के बाद ऐक्शन
आरोप है कि बिजली निगम के अधीक्षण अभियंता प्रशांत सिंह ने बातचीत में उपभोक्ता से अमर्यादित भाषा का प्रयोग भी किया। जबकि उच्च स्तर से स्पष्ट निर्देश हैं कि 1912 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराने के अलावा उपभोक्ता द्वारा फोन पर की गई शिकायत को संबंधित अधिकारी द्वारा शीघ्र निस्तारित किया जाए।

यूपी के बस्ती में तैनात बिजली निगम के अधीक्षण अभियंता प्रशांत सिंह को सस्पेंड कर दिया गया है। प्रशांत सिंह पर आरोप है कि उन्होंने बिजली उपभोक्ता भरत पांडेय (सेवानिवृत एडिशनल कमिश्नर) द्वारा बिजली सप्लाई नहीं होने की शिकायत पर कोई ऐक्शन लेने की बजाए उन्हें कह दिया था कि-आप फालतू में मुझे फोन मिला रहे हैं, अपनी शिकायत 1912 हेल्पलाइन नंबर पर दर्ज कराएं। आरोप है कि इंजीनियर ने उपभोक्ता से बातचीत में अमर्यादित भाषा का भी इस्तेमाल किया। कई बार सांसद रहे एक वरिष्ठ नेता ने इंजीनियर और उपभोक्ता के बीच बातचीत का ऑडियो ऊर्जा मंत्री एके शर्मा को भेजा था। मंत्री ने ऑडियो सोशल मीडिया प्लेटफार्म ‘एक्स’ पर शेयर करते हुए अधिकारियों को सुधर जाने की नसीहत के साथ गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी थी।
पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक शम्भु कुमार ने अधीक्षण अभियंता को निलंबित करने के आदेश में लिखा है कि भरत पांडेय (सेवानिवृत एडिशनल कमिश्नर बस्ती) द्वारा उनके क्षेत्र में सुबह 10 बजे से बिजली आपूर्ति नहीं होने की शिकायत प्रशांत सिंह (अधीक्षण अभियंता, विद्युत वितरण मंडल बस्ती) से फोन पर की थी। लेकिन प्रशांत सिंह के द्वारा कहा गया कि उन्हें फालतू में मिला रहे हैं। आप अपनी शिकायत 1912 हेल्पलाइन नंबर पर दर्ज कराएं।
प्रशांत सिंह ने बातचीत में उपभोक्ता से अमर्यादित भाषा का प्रयोग भी किया। जबकि 1912 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराने के अलावा उपभोक्ता द्वारा फोन पर की गई शिकायत को संबंधित अधिकारी द्वारा शीघ्र निस्तारित किए जाने का स्पष्ट निर्देश जारी किया गया है।
उस क्षेत्र का अधीक्षण अभियंता होने के नाते उनका दायित्व था कि वह उपभोक्ता की शिकायत सुनते हुए उसका निस्तारण करने के लिए आश्वस्त करते लेकि उनके द्वारा शिकायत नहीं सुनने और अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किए जाने के कारण विभाग की छवि धूमिल हुई है। आदेश में लिखा है कि प्रशांत सिंह का यह कृत्य कदाचरण की श्रेणी में आता है। वह कर्तव्यों और उत्तरदायित्वों में लापरवाही बरतने के प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए हैं। इस वजह से उनके खिलाफ प्रथम दृष्टया अनुशासनात्मक कार्यवाही किए जाने का मामला बनता है। इसके साथ ही प्रबंध निदेशक ने अधीक्षण अभियंता प्रशांत सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) करने और आगे जांच और अनुशासनिक कार्यवाही करने का आदेश जारी किया है। निलंबन की अवधि में प्रशांत सिंह को प्रबंध निदेशक पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम वाराणसी के कार्यालय से संबद्ध किया गया है।
ऊर्जा मंत्री ने यूं दी इंजीनियर के निलंबन की जानकारी
अधीक्षण अभियंता प्रशांत सिंह के निलंबन की जानकारी देते हुए ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने रविवार सुबह ‘एक्स’ पर फिर एक पोस्ट किया। इस पोस्ट में उन्होंने लिखा-‘उपभोक्ता देवो भव: बिजली उपभोक्ता की शिकायत के प्रति असंवेदनशीलता एवं अमर्यादित व्यवहार की घटना पर बस्ती के SE श्री प्रशांत सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। अन्य समस्त विद्युत अधिकारियों एवं कर्मियों को उपभोक्ता समस्याओं के प्रभावी एवं त्वरित समाधान हेतु पुनः निर्देशित किया गया है। सभी लोग जनसेवा में तत्पर रहें।




साइन इन