Mother along with her uncle poisoned father innocent testimony convicts मम्मी ने अंकल के साथ मिलकर पापा को पिलाया था जहर; मासूम की गवाही से प्रेमी-प्रेमिका दोषी करार, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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मम्मी ने अंकल के साथ मिलकर पापा को पिलाया था जहर; मासूम की गवाही से प्रेमी-प्रेमिका दोषी करार

प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या करने और अंतिम संस्कार करने वाली पत्नी व प्रेमी को कोर्ट ने दोषी करार दिया है। इस मामले में दो साल की बेटी की गवाही अहम रही। उसने बयान दिए थे कि अंकल ने गिलास में कुछ मिलाया और मां ने वह पापा को पिला दिया था।

Wed, 14 Jan 2026 07:37 AMPawan Kumar Sharma प्रमुख संवाददाता, कानपुर
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मम्मी ने अंकल के साथ मिलकर पापा को पिलाया था जहर; मासूम की गवाही से प्रेमी-प्रेमिका दोषी करार

प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या करने और अंतिम संस्कार करने वाली पत्नी व प्रेमी को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने दोषी करार दिया है। सजा के बिंदु पर सुनवाई 16 जनवरी को होगी। दोषी करार दिए जाने के बाद दोनों को कड़ी सुरक्षा में जेल भेज दिया गया। लखनऊ में घटना अंजाम देने के बाद से दोनों जेल में ही हैं। इस मामले में दो साल की बेटी की गवाही अहम रही। उसने बयान दिए थे कि साथ आए अंकल ने गिलास में कुछ मिलाया और मां ने वह पापा को पिला दिया था।

किदवई नगर वाई ब्लाक निवासी पुनीत कुमार शर्मा के मुताबिक उन्होंने एकलौते बेटे प्रतीक की शादी फैजाबाद की नेहा शर्मा के साथ वर्ष 2017 में हुई थी। बेटा मेडिकल स्टोर संभालता था। शादी के सात साल बाद छह मार्च 2024 को नेहा बेटे प्रतीक और बच्चों पांच साल की मान्या और तीन साल के अबिराज को लेकर फैजाबाद गई थी। 12 मार्च को वह बच्चों के साथ वापस आ गई, लेकिन बेटा नहीं आया। पूछने पर बहू ने बताया कि रास्ते में गाड़ी खराब हो गई थी। दो तीन दिन में वापस आ जाएंगे। जिसके बाद उन्होंने बेटे के मोबाइल पर फोन किया लेकिन संपर्क नहीं हो सका। चार दिन बाद 16 मार्च को बहू पोते अबिराज को दवा दिलाने के बात कहकर दोनों बच्चों को लेकर चली गई और वापस नहीं लौटी।

जिसके बाद उन्होंने नौबस्ता थाने में बेटा बहू और दोनों बच्चों की गुमशुदगी दर्ज करायी। एडीजीसी संजय कुमार झा ने बताया कि इसी बीच पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू की तो पता चला कि नेहा के संबंध प्रतीक के दोस्त आयुष से हो गए थे। इन लोगों ने साजिश के तहत लखनऊ ले जाकर आयुष को जहर दे दिया। लखनऊ में ही उसका अंतिम संस्कार कर दिया। प्रतीक के पिता पुनीत की तहरीर पर नौबस्ता पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। मंगलवार को इस मामले में अपर जिला सत्र न्यायाधीश नीलांजना ने सुनवाई करते हुए साक्ष्यों के आधार पर दोनों को दोषी करार दे दिया। सजा के बिंदु पर 16 जनवरी को सुनवाई होगी।

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मायके बता ले गई थी लखनऊ

एडीजीसी संजय कुमार झा ने बताया कि प्रतीक मेडिकल स्टोर चलाता था। उसका दोस्त आयुष भी इसी काम से जुड़ा था। इसी सिलसिले में उसका प्रतीक के घर आना जाना था। इसी दौरान नेहा के आयुष से संबंध हो गए। दोनों ने हत्या की साजिश रची और इसी के तहत वह प्रतीक को फैजाबाद चलने की बात कहकर लखनऊ ले गई। लखनऊ में एक होटल में वह लोग रुके। वहां शराब में कुछ मिलाकर पिला दिया। जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। आयुष ने प्रतीक का चचेरा भाई बनकर श्यामा प्रसाद मुखर्जी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां उसकी मौत हो गई। आयुष ने ही पुलिस को सूचना दी थी। अस्पताल में अमीनाबाद थाने के एसएसआई अवधेश कुमार ने पंचनामा भरा । पंचनामा में नेहा के साथ ही आयुष का भी पंच के तौर पर नाम शामिल है।

बेटी ने देखा था... आयुष ने गिलास में कुछ मिलाया

एडीजीसी संजय कुमार झा ने बताया कि मृतक की कक्षा दो में पढ़ने वाली बेटी भी घटना के समय होटल में मौजूद थी। कोर्ट में उसका मानसिक परीक्षण करने के बाद उसकी गवाही कराई गई। बच्ची ने कोर्ट को बताया कि मम्मी, पापा, भाई के साथ वे लोग लखनऊ गए थे। आयुष भी साथ था। होटल में पांच दिन रुके थे। कहीं घूमने नहीं गए थे। पापा और आयुष खाना लेने ही बाहर जाते थे। एक दिन मैंने कंबल के नीचे से देखा था कि आयुष ने गिलास में कुछ सफेद मिलाया था और मम्मी ने सोते हुए पापा को पिलाया था। इसके बाद पापा के खर्राटे बंद हो गए। एंबुलेंस से मम्मी पापा को हास्पिटल लेकर गईं थीं। मैं और मेरा भाई आयुष के साथ गाड़ी में गए थे। थोड़ी देर बाद पापा को हास्पिटल में छोड़कर हम लोग होटल वापस आ गए। आयुष ने एंबुलेंस बुलायी थी। उसके बाद हम लोग वापस घर आ गए। आयुष अंकल अपने घर चले गए। एडीजीसी ने बताया कि बच्ची के यह बयान आरोपियों को दोषी साबित करने में अहम साक्ष्य बने।

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17 अप्रैल 2024 को पुलिस ने किया था गिरफ्तार

नेहा बच्चों को लेकर आयुष के साथ किराये पर कमरा लेकर रह रही थी। तत्कालीन विवेचक इंस्पेक्टर जगदीश पांडेय ने बताया कि दोनों दूसरे प्रदेश में रह रहे थे। 17 अप्रैल को दोनों किदवई नगर स्थित पोस्ट ऑफिस आए जहां पकड़े गए। आयुष प्रतीक का मोबाइल यूज कर रहा था और मैसेज के जरिये परिजनों के संपर्क में था। पुलिस को शक हुआ तो सर्विलांस पर लेकर जांच पड़ताल शुरू की गई तो खुलासा हुआ।

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