तंगी से जूझ रहे अधेड़ ने उजाड़ा था परिवार, खुद फांसी लगाकर दी थी जान, 5 लोगों की आत्महत्या से उठा पर्दा
कासगंज में एक घर में पांच लोगों की आत्महत्या कांड से पर्दा उठ चुका है। अमांपुर में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत के मामले में अधेड़ ने तीन बच्चों को जहर देकर, पत्नी की गला रेतकर हत्या के बाद खुद आत्महत्या कर ली थी।

यूपी के कासगंज में एक घर में पांच लोगों की आत्महत्या कांड से पर्दा उठ चुका है। अमांपुर में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत के मामले में अधेड़ ने तीन बच्चों को जहर देकर, पत्नी की गला रेतकर हत्या के बाद खुद आत्महत्या कर ली थी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में इसकी पुष्टि हुई है। आर्थिक तंगी के कारण व्यक्ति ने अपना पूरा परिवार ही उजाड़ डाला।
जिला अस्पताल के दो चिकित्सकों ने शनिवार की देर रात सत्यवीर, उसकी पत्नी रामश्री व तीन बच्चों के शव का पोस्टमार्टम किया। जिला प्रशासन ने पांचों शव के पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी भी कराई है। रिपोर्ट में तीनों बच्चों की जहर देने, पत्नी की गला रेतकर हत्या और सत्यवीर के फांसी लगाकर जान देने की बात सामने आई है। चिकित्सकों ने बच्चों के शव का विसरा भी सुरक्षित रखकर जांच के लिए भेजा है। सभी शव करीब तीन दिन पुराने माने जा रहे हैं। सत्यवीर ने पूरी योजना बनाकर इस घटना को अंजाम दिया। माना जा रहा है कि योजना के तहत ही वो विषाक्त पदार्थ घर में लाया था।
गमगीन माहौल में हुआ पांचों का अंतिम संस्कार
सत्यवीर, उसकी पत्नी रामश्री व तीनों बच्चों के शव का अंतिम संस्कार रविवार दोपहर अमांपुर के गांव नगला भोजराज में गमगीन माहौल में किया गया। देशराज ने अपने भाई सत्यवीर व भाभी रामश्री की चिता को मुखाग्नि दी। तीनों बच्चों का शव श्मशान में ही दफनाए गए। रविवार सुबह से ही नगला भोजराज में मृतक सत्यवीर के रिश्तेदार और उसे जानने वाले ग्रामीण शोक संवेदनाएं जताने पहुंचना शुरू हो गए। नेम सिंह के घर से जब उसके पुत्र सत्यवीर, बहू रामश्री और दो नितिन व एक बेटा के शव एक साथ लेकर लोग श्मशान की ओर लेकर चले तो माहौल और रुदनमय हो गया। सत्यवीर व उसकी पत्नी रामश्री की चिता आसपास ही बनाई गई थी। भाई देशराज ने दोनों की चिता को मुखाग्नि दी। श्मशान घाट पर शवों के अंतिम संस्कार के समय मौजूद हर व्यक्ति का हृदय द्रवित हो गया। इस दौरान सत्यवीर के परिवार के साथ उसके ससुराल पक्ष के लोग भी मौजूद रहे।
क्या है पूरा मामला
कासगंज जिले के थाना अमांपुर क्षेत्र के गांव नगला भोजराज निवासी सत्यवीर (50) पुत्र नेमसिंह करीब दस वर्ष पहले गांव से आकर अमांपुर में किराए के मकान में रह रहा था। दुकान के पीछे ही घर था। इसी में पूरा परिवार रह रहा था और खराद वेल्डिंग की दुकान चल रही थी। पिछले चार दिन से सत्यवीर की दुकान का ताला नहीं खुला था। रोज ग्राहक आकर लौट रहे थे। कई लोगों ने शटर भी बजाया था लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। पुलिस के अनुसार सत्यवीर किसी भट्ठे पर भी काम करता था। शनिवार की शाम को कुछ ग्राहक दुकान पर काम कराने के लिए आए थे। दुकान नहीं खुलने पर मकान के पीछे गए और झांककर देखा तो सत्यवीर का शव फांसी के फंदे पर लटक रहा था। इस मामले की जानकारी आसपास के लोगों को दी गई तो भीड़ एकत्रित हो गई। फिर कुछ लोगों ने गेट के पास पड़े पर्दे को हटाकर देखा तो पत्नी और तीन बच्चों के शव नजर आए। यह देख लोगों के पैरों तले जमीन खिसक गई। मामले की जानकारी मिलने पर पुलिस पहुंच गई। इसके बाद शटर के ताले तुड़वाए गए। एक ही चारपाई पर सत्यवीर की पत्नी रामश्री (50), बेटी प्राची (12), अमरवती (10) और बेटा गिरीश (10) के शव पड़े थे।




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