कारोबारी को अगवा कर 20 लाख वसूलने वाले दोनों दारोगा गिरफ्तार, मुंशी के घर ली थी पनाह
मेरठ पुलिस विभाग को कलंकित करने वाले दो दारोगाओं की गिरफ्तारी के साथ ही 'वसूली कांड' का बड़ा खुलासा हुआ है। मेरठ स्वाट टीम ने फिल्मी अंदाज में पीछा करते हुए दोनों आरोपियों को प्रयागराज से धर दबोचा।

मेरठ के चर्चित धागा कारोबारी अपहरण और वसूली कांड में फरार चल रहे दो दारोगाओं को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मेरठ स्वाट टीम ने एक सटीक सूचना के आधार पर प्रयागराज में छापेमारी कर दारोगा लोकेंद्र साहू और महेश कुमार को हिरासत में लिया। चौंकाने वाली बात यह है कि गिरफ्तारी से बचने के लिए दोनों आरोपियों ने वहां एक मुंशी के घर पनाह ली हुई थी और हाईकोर्ट के जरिए कानूनी राहत पाने की फिराक में थे।
क्या था पूरा मामला?
यह सनसनीखेज मामला 8 दिसंबर 2025 का है। लिसाड़ी गेट निवासी धागा कारोबारी रासिक को लोहियानगर थाने में तैनात दारोगा लोकेंद्र साहू और महेश कुमार ने शाम के समय अगवा कर लिया था। खाकी की हनक दिखाते हुए आरोपियों ने कारोबारी को बंधक बना लिया और उसे 'दिल्ली ब्लास्ट' जैसे गंभीर मामले में फंसाने की धमकी दी।
आरोपियों ने रासिक को डराया कि उनके पास खुफिया एजेंसियों के इनपुट हैं और उसे उम्रभर के लिए जेल भेज दिया जाएगा। डर और दबाव में आकर कारोबारी ने अपनी जान बचाने के लिए 20 लाख रुपये आरोपियों को दे दिए। लेकिन दारोगाओं का लालच यहीं खत्म नहीं हुआ। कुछ दिनों बाद उन्होंने 10 लाख रुपये की अतिरिक्त मांग शुरू कर दी, जिससे परेशान होकर पीड़ित ने पुलिस के उच्चाधिकारियों की शरण ली।
जांच में खुले राज और फरार हुए आरोपी
रासिक की शिकायत पर मेरठ के पूर्व एसएसपी/डीआईजी डॉ. विपिन ताडा ने जांच एसपी सिटी को सौंपी। प्राथमिक जांच में मामला सही पाए जाने पर पुलिस ने दोनों दारोगाओं के पास से वसूली गई रकम में से 15 लाख रुपये बरामद कर लिए थे। बाकी के 5 लाख रुपये लौटाने का झांसा देकर दोनों दारोगा चकमा देकर फरार हो गए।
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दोनों के खिलाफ लिसाड़ी गेट थाने में अपहरण, रंगदारी और धमकी देने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। दोनों को 'वांटेड' घोषित किया गया और उन पर इनाम घोषित करने की तैयारी चल रही थी। इस बीच पुलिस ने कोर्ट से उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) भी हासिल कर लिया था।
प्रयागराज में कानूनी दांवपेच और गिरफ्तारी
फरार होने के बाद दोनों दारोगा प्रयागराज पहुंच गए थे। वहां उन्होंने हाईकोर्ट में अपने खिलाफ दर्ज मुकदमे को रद्द कराने के लिए याचिका दाखिल की थी। जिस दिन उनकी याचिका पर सुनवाई होनी थी, उससे ठीक पहले मेरठ स्वाट टीम ने उन्हें मुंशी के ठिकाने से उठा लिया। टीम दोनों को लेकर देर रात मेरठ के लिए रवाना हो गई। शनिवार को पुलिस अधिकारी इस पूरे प्रकरण पर प्रेस वार्ता कर आधिकारिक खुलासा करेंगे।




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