खामेनेई की मौत से भड़के मौलाना शहाबुद्दीन, बोले- ट्रंप ने दुनिया को युद्ध में झोंका, ईरान में तख्ता पलट आसान नहीं
ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई की मौत मौलाना शहाबुद्दीन ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है किआयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत की खबर ने पूरी मिल्लत-ए-इस्लामिया को झकझोर कर रख दिया है। ट्रंप ने इससे पूरी दुनिया को युद्ध में झोंक दिया है। अब भी ईरान में तख्ता पलट करना आसान नहीं है।

ईरान की राजधानी तेहरान पर अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमले में देश सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गयी। ईरानी मीडिया ने इसकी पुष्टि की है। वहीं, उनकी मौत पर मौलाना शहाबुद्दीन ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि ईरान के सुप्रीम लीडर मौलाना आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत की खबर ने पूरी मिल्लत-ए-इस्लामिया को झकझोर कर रख दिया है और उसे गहरे दुख में डाल दिया है। उनका इंतकाल सिर्फ ईरान की अवाम के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी उम्मत के लिए भी एक बड़ी क्षति और शोक की बात है। आज ईरान की जनता को उनकी जरूरत थी, ताकि वे उनके लिए ढांढस बनकर खड़े रहते और अपने मार्गदर्शन व निर्देशों से राह दिखाते।
मौलाना ने आगे कहा कि अमेरिका और इजराइल की जालिमाना कार्रवाइयों तथा अमेरिकी नीतियों की कठोरता ने उन्हें शहादत के मुकाम तक पहुंचा दिया। अमेरिका लंबे समय से यह चाहता था, खास तौर पर डोनाल्ड ट्रंप और इजराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू भी सुप्रीम लीडर को हटाना चाहते थे। हालांकि, ईरान में तख्तापलट करना इतना आसान नहीं है। अब ईरान के लिए और प्रॉक्सी संगठनों के लिए करो और मरो की स्थिति होगी और अब ये जंग और ज्यादा भयानक होगी। पूरी दुनिया को ट्रंप ने जंग में झोंक कर ये बता दिया है कि वो अमन नहीं चाहता बल्कि पूरी दुनिया में अशांति चाहता है और ये ये कोई इंसान का काम नहीं है बल्कि ये काम शैतान का है।
मौलाना ने भारत सरकार से की ये अपील
मौलाना शहाबुद्दीन ने कहा, 'मैं भारत सरकार से अपील करूंगा कि ईरान में जो भारतीय हैं, इसके अलावा जो खड़ी देशों में भारतीय हैं, उन भारतीयों को कुशल लाने का इंतजाम किया जाए, व्यवस्था की जाए। इसमें सबसे ज्यादा भारतीय लोगों का नुकसान है कि वो लाखों की तादाद में अरब देशों में रहते हैं, कारोबार करते हैं और रोज़ी-रोजगार से वाबस्ता हैं। अब उनको लाने और कुशल भारत पहुंचाने की जिम्मेदारी भारत सरकार की है। मैं समझता हूं कि भारत सरकार इसमें बेहतर से बेहतर कदम उठाएगी।'
शांति और अमन के साथ हो प्रदर्शन
मौलाना ने कहा, ‘खामेनेई की शहादत पर जिन लोगों में गम और गुस्सा है, वो ज़रूर अमेरिका के और इजराइल के खिलाफ उजागर होगा। मगर जहां-जहां भी प्रदर्शन हो या प्रदर्शन जो हो रहे हैं, मैं उन सभी लोगों से गुजारिश करूंगा कि प्रदर्शन अमन और शांति के साथ में हो और कानून के दायरे में रह करके हो।’




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