इजराइल-ईरान जंग के बीच सर्राफा बाजार में हड़कंप; लखनऊ में 24 घंटे में सोना 13000, चांदी 35 हजार महंगी
ईरान-इजराइल युद्ध से सराफा बाजार में भारी उछाल आया। लखनऊ में 24 घंटे में सोना 13 हजार बढ़कर 1.78 लाख प्रति 10 ग्राम और चांदी 35 हजार उछलकर 3 लाख प्रति किलो पार पहुंची। निवेशकों ने सोने को सुरक्षित विकल्प माना। निर्यात कारोबार पर भी असर की आशंका।
ईरान और इजराइल के बीच छिड़े युद्ध का असर अब वैश्विक बाजारों के साथ-साथ देश के स्थानीय कारोबार पर भी साफ दिखने लगा है। राजधानी लखनऊ के सराफा बाजार में शनिवार को सोने और चांदी की कीमतों में ऐतिहासिक उछाल दर्ज किया गया, जिससे निवेशकों और व्यापारियों में हड़कंप की स्थिति बन गई। महज 24 घंटे के भीतर सोने के भाव में 13 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम की वृद्धि हुई, जबकि चांदी की कीमतों में 35 हजार रुपये प्रति किलो का भारी उछाल आया।
10 ग्राम गोल्ड 1.78 लाख पर पहुंचा
ऑल इंडिया ज्वैलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन के प्रदेश संयोजक विनोद माहेश्वरी ने बताया कि शुक्रवार को सोना 1.65 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर था, जो शनिवार को बढ़कर 1.78 लाख रुपये तक पहुंच गया। इसी तरह चांदी, जो शुक्रवार को 2.65 लाख रुपये प्रति किलो बिक रही थी, वह शनिवार को 3 लाख रुपये प्रति किलो के पार चली गई। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय तनाव के कारण निवेशकों ने सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में सोने की ओर रुख किया है।
2 लाख तक पहुंच सकता है 10 ग्राम सोना
चौक सराफा एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष आदिश जैन ने बताया कि जब भी वैश्विक स्तर पर युद्ध या अनिश्चितता का माहौल बनता है, तो निवेशक शेयर बाजार और अन्य जोखिम वाली संपत्तियों से पैसा निकालकर सोने में निवेश करते हैं। सोना हमेशा से संकट के समय ‘सेफ हेवन’ माना जाता है। उन्होंने आशंका जताई कि यदि ईरान-इजराइल के बीच तनाव लंबा खिंचता है और अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित होती है, तो घरेलू बाजार में सोने की कीमत 2 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के मनोवैज्ञानिक स्तर को भी छू सकती है।
कई उद्योग-धंधों पर युद्ध का असर
इस युद्ध का असर लखनऊ के निर्यात कारोबार पर भी पड़ने की आशंका है। लखनऊ से ईरान, सऊदी अरब, दुबई, कुवैत और बहरीन सहित अन्य मध्य-पूर्वी देशों में चिकनकारी कपड़ों का बड़े पैमाने पर निर्यात किया जाता है। युद्ध की स्थिति में समुद्री और हवाई परिवहन प्रभावित होने से सप्लाई चेन बाधित हो सकती है।
लखनऊ चिकनकारी हैंडीक्रॉफ्ट एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुरेश छाबलानी ने बताया कि ईद के मौके पर लखनऊ से दिल्ली और मुंबई के रास्ते बड़ी मात्रा में माल ईरान समेत अन्य देशों में भेजा जाता है। इसके बाद गर्मियों के नए ऑर्डर शुरू होते हैं। यदि मौजूदा हालात लंबे समय तक बने रहते हैं, तो स्थानीय कारोबारियों को ऑर्डर रद्द होने और भुगतान में देरी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
कुल मिलाकर, ईरान-इजराइल युद्ध ने न केवल सराफा बाजार में रिकॉर्ड तेजी ला दी है, बल्कि निर्यात उद्योग पर भी अनिश्चितता के बादल मंडराने लगे हैं। आने वाले दिनों में हालात के अनुसार बाजार की दिशा तय होगी।




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