जिले में एक सप्ताह से पारा 42 डिग्री के पार, लू के थपेड़ों ने किया बेहाल
Mau News - मऊ में इन दिनों तापमान 42 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया है, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है। लोग केवल जरूरी काम से ही बाहर निकल रहे हैं। किसानों और दिहाड़ी मजदूरों पर इस गर्मी का बुरा असर पड़ा है। मौसम विभाग ने हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सतर्कता बरतने की सलाह दी है।

मऊ, संवाददाता। जिले में इन दिनों आसमान से आग बरस रही है और जमीन तपकर तवे जैसी हो गई है। बीते एक सप्ताह से 42 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचे तापमान और लू के थपेड़ों ने जनजीवन को पूरी तरह थाम दिया है। सुबह 10 बजे के बाद सड़कों पर सन्नाटा छा जाता है और लोग केवल बेहद जरूरी काम से ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। हालांकि शनिवार को अधिकतम तापमान में 0.02 कमी तो न्यूनतम तापमान में 0.08 डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई। मौसम विभाग की ओर से अगले पांच दिनों के लिए हीटवेव का अलर्ट जारी होने से लोगों की चिंताएं और बढ़ गई हैं।
शनिवार को अधिकतम तापमान 43.9 डिग्री और न्यूनतम 27.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि शुक्रवार को अधिकतम तापमान 44.1 और न्यूनतम तापमान 26.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। शनिवार को जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, वैसे-वैसे धूप की तीव्रता बढ़ती गई और शहर की सड़कों, गलियों एवं बाजारों में सन्नाटा पसर गया। सिंधी कालोनी, सहादतपुरा, भीटी, आजमगढ़ मोड़ समेत प्रमुख बाजारों में दोपहर के समय ज्यादातर दुकानें सूनी नजर आईं। जरूरी काम से बाहर निकले लोग सिर ढककर, छाता या गमछा लेकर चलते दिखे और ठंडे पेय पदार्थों की दुकानों पर लोग नजर आए। रेलवे स्टेशन, रोडवेज, सेल्फी प्वाइंट और महादेव मंदिर जैसे प्रमुख स्थानों पर भी गर्मी का असर साफ दिखा। यात्री गर्मी से बेहाल नजर आए, वहीं ट्रैफिक पुलिसकर्मी भी चिलचिलाती धूप से बचने के लिए छांव का सहारा लेते दिखे। ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्थिति गंभीर बनी हुई है। किसान दोपहर के समय खेतों में जाने से बच रहे हैं। नहरों और तालाबों में पानी की कमी से पशु-पक्षियों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जानवर पानी की तलाश में भटक रहे हैं। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले दिनों में तापमान में और वृद्धि हो सकती है, जिससे लू का प्रकोप और तेज होगा। ऐसे में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।सूर्यदेव के तेवर तल्ख, लोगों का हाल बेहालदोहरीघाट। सूर्यदेव ने अप्रैल के तीसरे सप्ताह में अपने तेवर तल्ख कर दिए हैं। सुबह से ही तेज धूप ने लोगों का घर से निकलना मुश्किल कर दिया। दोपहर होते-होते सड़कों पर सन्नाटा पसर जा रहा है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर भी चक्कर, सिरदर्द और डिहाइड्रेशन के मरीज बढ़ने लगे हैं। दोहरीघाट कस्बा, गोंठा, नईबाजार, कुसुम्हा, रामनगर आदि प्रमुख बाजारों में व्यापार पर भी असर साफ दिखाई दे रहा है। व्यवसायी पंकज ने बताया कि दोपहर के समय ग्राहक लगभग न के बराबर आ रहे हैं। वहीं कपड़ा व्यापारी राहुल का कहना है कि शाम के समय ही कुछ राहत मिलती है, तभी थोड़ी बहुत बिक्री हो पा रही है। सब्जी मंडी में भी हालात कुछ ऐसे ही हैं। सब्जी विक्रेता फूलचंद मौर्य ने बताया कि दोपहर में गर्मी के कारण सब्जियां जल्दी खराब हो रही हैं।दिहाड़ी मजदूर और किसानों पर पड़ रही दोहरी मारमऊ। भीषण गर्मी का सबसे अधिक असर दिहाड़ी मजदूरों और किसानों पर पड़ रहा है। तेज धूप और लू के थपेड़ों के बीच मजदूरों को काम करना मजबूरी बन गया है। यदि वे काम नहीं करेंगे तो उनके परिवार की रोजी-रोटी प्रभावित होगी। मजदूर पिंटू बताते हैं कि गर्मी कितनी भी बढ़ जाए पेट पालने के लिए काम करना ही पड़ता है। हर थोड़ी देर में प्यास लगती है और पानी पीकर ही राहत मिलती है। तेज धूप में काम करने से शरीर थक जाता है, लेकिन पेट की मजबूरी उन्हें रुकने नहीं देती। वहीं गर्मी के चलते खेती किसानी का काम भी प्रभावित हो रहा है। सुबह से तेज धूप होने के कारण किसान समय से खेती का काम नहीं कर पा रहे हैं। मजबूरन उन्हें सुबह और शाम में दो-दो घंटे ही काम करने का समय मिल पा रहा है। वहीं तमाम किसान इस भीषण गर्मी में गेहूं की मड़ाई करते भी देखे गए।
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