डॉक्टर-कारोबारियों से 9 करोड़ की ठगी करने वाला मास्टरमाइंड गिरफ्तार, हाईकोर्ट से भी बच निकलता था
वाराणसी में डॉक्टर और कारोबारियों को मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर करोड़ों की ठगी करने वाले मास्टरमाइंड को वाराणसी पुलिस ने हरियाणा से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। आरोपी पर कुल पौने 9 करोड़ रुपये की ठगी के मामले दर्ज हैं।

यूपी के वाराणसी में डॉक्टर और कारोबारियों को निवेश पर मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर पौने नौ करोड़ की ठगी करने के आरोपी शरद भार्गव को लंका पुलिस ने हरियाणा से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। सोनीपत के टीडीआई इम्परर (थाना कुंडली) अपार्टमेंट स्थित उसके आवास से गिरफ्तारी की गई। उस पर गैंगस्टर का केस दर्ज कर संपत्ति जब्त की जाएगी।
लंका थाने में रविवार को डीसीपी काशी जोन गौरव बंसवाल ने गिरफ्तारी की जानकारी दी। बताया कि आरोपी के खिलाफ बालाजी नगर कॉलोनी (सामनेघाट) के सराफा कारोबारी आशीष कुमार अग्रवाल की शिकायत पर पुलिस ने दो दिन पहले ही एक करोड़ 35 लाख रुपये की धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया था। शरद भार्गव के अलावा उसकी पत्नी ऋचा भार्गव भी मामले में नामजद है।
डीसीपी काशी ने बताया कि गिरफ्तार शरद भार्गव बेहद शातिर है। धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज होने के बाद वह हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत ले लेता था। इस कारण उसकी गिरफ्तारी नहीं हो पाती थी। आशीष कुमार अग्रवाल की शिकायत पर मुकदमा दर्ज होने के बाद आरोपी को कोर्ट जाने का मौका नहीं मिला। टीम भेज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उसपर कुल पौने 09 करोड़ की ठगी के मुकदमें दर्ज हैं। आरोपी को गिरफ्तार करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक लंका राजकुमार शर्मा, उप निरीक्षक स्वप्निल सिंह, चेतगंज थाने के उप निरीक्षक अतहर अली आदि शामिल थे।
छह मुकदमे, पहला 2014 में दर्ज हुआ
शरद भार्गव, उसके पुत्र, पत्नी एवं अन्य साथी उसके गिरोह में शामिल हैं। पहला मुकदमा 2014 में दर्ज हुआ था। लखनऊ के डॉली बाग के राजीव रतन सिंह 1 करोड़ 63 लाख 57 हजार 853 रुपये की धोखाधड़ी का केस चौक थाने में दर्ज कराया था। इसी तरह 2024 में चौक के मोहित भार्गव ने शरद भार्गव, उसकी पत्नी ऋचा पर 27 लाख की धोखाधड़ी में केस दर्ज कराया था। मलदहिया के शंकर लाल तोदी ने चेतगंज में 3 करोड़ 59 लाख 31 हजार 917 रुपये की धोखाधड़ी में दंपति पर केस दर्ज कराया था।
रवींद्रपुरी के डॉ. भानुशंकर पांडेय ने 80 लाख की धोखाधड़ी में शरद, ऋचा, अमरनाथ, कैलाश एवं चारु पर लंका में केस दर्ज कराया था। चौक के राजा दरवाजा निवासी राहुल वर्मा ने 1 करोड़ 10 लाख 51 हजार रुपये की धोखाधड़ी में शरद पर केस दर्ज कराया था। अक्तूबर 2025 में बालाजी नगर कॉलोनी (सामने घाट) के सराफा कारोबारी आशीष की शिकायत पर भी केस दर्ज हुआ था।
कारोबार में निवेश का देता था झांसा
मूलत: चौक निवासी शरद भार्गव स्टेशरी का कारोबारी था। इसकी वजह से शहर के बड़े व्यापारियों से उसकी जान पहचान थी। अपने परिचित एवं दोस्तों से निवेश पर मुनाफा देने की बात कहने लगा। इस तरह अपने नजदिकियों के ही करोड़ों रुपये लेकर डकरा गया। बाद में लंका में विनायक रेजीडेंसी में फ्लैट लेकर रहने लगा था।
पुलिस को 10 लाख रुपये, गहने दे रहा था आरोपी
वाराणसी में कई मुकदमे दर्ज होने और कारोबारियों के तगादे से बचने के लिए उसने सोनीपत में फ्लैट खरीद लिया था। परिवार समेत वहीं शिफ्ट हो गया था। पुलिस टीम जब सोनीपत स्थित शरद भार्गव के घर पहुंची तो वह बचने के लिए रिश्वत देने की पेशकश करने लगा। कहने लगा कि 10 लाख रुपये और घर में जितने गहने हैं, सभी देने के लिए तैयार था। घर पर उसकी पत्नी नहीं मिली।




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