चाकू से काटी गर्दन, फिर सिर धड़ से किया अलग, शादी से इनकार पर मैनेजर ने की थी युवती की हत्या
आगरा में दो दिन पहले मिली सिर कटी लाश की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा दिया है। पुलिस ने हत्यारोपी को भी गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में पता चला है कि शादी से इनकार पर मैनेजर ने युवती की हत्या की थी।

आगरा जिले के जवाहरपुल (एत्मादुद्दौला) शुक्रवार की रात बोरे में मिला शव 25 वर्षीय मिंकी शर्मा का था। बोरे में सिर्फ धड़ था। सिर नहीं था। पुलिस ने इस सनसनेखेज हत्याकांड का महज 12 घंटे में खुलासा किया। शादी से इनकार पर युवती की हत्या हुई थी। मैनेजर ने ऑफिस में हत्या के बाद सिर धड़ से अलग किया था। धड़ को जवाहरपुल और सिर को झरना नाला में फेंका था। पुलिस सिर की तलाश कर रही है।
पार्वती विहार कालोनी, गली नंबर चार टेढ़ी बगिया (ट्रांसयमुना) निवासी मिंकी शर्मा संजय प्लेस में मारुति प्लाजा स्थित दिविशा टेक्नोलॉजी के ऑफिस में एचआर थीं। 23 जनवरी की दोपहर वह अपने स्कूटी से ऑफिस जाने की बोलकर घर से निकली थीं। शाम छह बजे तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने फोन मिलाया। फोन बंद था। यह देख परिजन परेशान हुए। तलाश शुरू की। ऑफिस पहुंचे। ऑफिस बंद था। रात करीब दस बजे ट्रांसयमुना थाने में मिंकी शर्मा की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। इसी रात जवाहरपुल पर बोरे में एक युवती का शव मिला। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे खंगाले। मिंकी शर्मा के ऑफिस गई। वहां सीसीटीवी फुटेज देखे। रात 11 बजे करीब ऑफिस का मैनेजर विनय राजपूत (ट्रांसयमुना) लिफ्ट से बाहर निकला था। वह उसी बोरे को घसीटकर ले जा रहा था जिसमें शव था।
दूसरे कई कैमरों में वह मिंकी के स्कूटर पर अकेला दिखा। पुलिस ने दबिश देकर विनय राजपूत को पकड़ लिया। उसने पूछताछ में बताया कि मिंकी से उसके प्रेम संबंध थे। अपने घर पर भी उसके बारे में बता रखा था। उससे शादी करना चाहता था। मिंकी किसी और युवक से भी बात करती थी। वह इस बात से परेशान था। उसे टोकता था। इस बात पर उनके बीच झगड़ा होता था। उस दिन उसने ही मिंकी को ऑफिस बुलाया था। वहां बातचीत के दौरान झगड़ा हो गया। उसने चाकू से मिंकी पर प्रहार किया। गर्दन की नस कट गई। मिंकी मर गई। वह घबरा गया। बचने के लिए उसने शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई।
पहले सिर को धड़ से अलग किया। सिर को पैक करके अपने बैग में रखा। शव को पहले प्लास्टिक में बांधा उसके बाद बोरे में बंद किया। मिंकी के स्कूटर पर ही शव को लेकर जवाहरपुल तक गया। बोरे को यमुना में फेंकना चाहता था। भारी था। उठा नहीं इसलिए पुल पर ही छोड़ दिया। मिंकी के कपड़े, मोबाइल और सिर को झरना नाल में फेंका था। पुलिस की टीमें सिर बरामद करने में जुटी हैं। हत्यारोपी ने युवती का स्कूटर शाहदरा के पास लावारिस छोड़ दिया था। वह भी मिल गया है।
क्राइम पेट्रोल से सीखा हत्या कर बचने का तरीका
विनय राजपूत ने कई घंटे मिंकी शर्मा के शव के साथ गुजारे। हत्या के बार उसने कई घंटे यह सोचा कि बचना कैसे है। साक्ष्य कैसे मिटाने हैं। उसने क्राइम पेट्रोल से सीखा था कि शव की पहचान नहीं होगी तो वह बच जाएगा। घरवालों को यह लगेगा कि मिंकी शर्मा कहीं भाग गई। उसने हत्या के बाद सिर को तेज धारदार चाकू से धड़ से अलग किया। हत्या से कुछ दिन पहले ही उसने यह चाकू खरीदा था।
विनय राजपूत ने पुलिस को बताया कि वह मिंकी को मारना नहीं चाहता था। उनके बीच अच्छे संबंध थे। झगड़े के दौरान गुस्से में चाकू गर्दन पर ऐसी जगह लगा कि खून बंद ही नहीं हुआ। पूरा ऑफिस खून से सन गया। उसे लगा कि अब तो जेल जाना तय है। उसने बचाव के लिए वह हर काम किया जो उसके दिमाग में आया। उसने पहले सिर काटा। योजना बनाई कि धड़ को यमुना में फेंकेगा। सिर को झरना नाले में डाल देगा। उसने मिंकी शर्मा के तन से सभी कपड़े भी उतार दिए थे। धड़ निर्वस्त्र था। पहचान का कोई सामान धड़ के साथ नहीं छोड़ा था। कपड़े भी दूसरी जगह फेंके थे। उसे यह अंदाजा नहीं था कि मिंकी घर पर ऑफिस की बताकर निकली है। उसने उससे कहा था कि घर पर कोई बहाना बनाकर आना।
ऑफिस से निकलते समय उसने अपना मोबाइल भी बंद कर लिया था। ताकि उसकी लोकेशन घटना स्थल पर नहीं मिले। बोरे को उसने स्कूटर के पायदान पर रखा था। कंधे पर बैग टांग रखा था। उसमें मिंकी का सिर था। वह संजय प्लेस से भगवान टॉकीज आया। यहां से जवाहरपुल पर पहुंचा। जवाहरपुल पर ऊंची जाली लगी हैं। वह बोरा उठाकर नहीं फेंक सकता था। वह बहुत भारी था। शाहदरा पर मिंकी का स्कूटर छोड़ने के बाद उसने अपना मोबाइल ऑन किया। एक दोस्त को फोन करके बुलाया। उसके साथ बाइक पर बैठकर अपने घर चला गया। विनय ने पुलिस को बताया कि उसने खून से सने अपने कपड़े भी ठिकाने लगा दिए थे। वह घर से एक जोड़ी कपड़े लेकर आया था। शव को पैक करने के बाद अपने कपड़े बदल लिए थे।
गोल्डन नेल पॉलिश से हुई शिनाख्त
बोरे में सिर कटी लाश थी। तन पर कोई कपड़ा नहीं था। सनसनी से बचने के लिए पुलिस ने यह बात शव मिलने के बाद छिपाई। सिर नहीं है यह भी किसी को नहीं बताया। पुलिस की कोशिश पहले शिनाख्त और फिर हत्या का खुलासा थी। शव युवती का था। यह साफ हो रहा था। युवती ने गोल्डन नेल पॉलिश लगा रखी थी। पुलिस ने सबसे पहले कमिश्नरेट के सभी थानों में दर्ज युवतियों की गुमशुदगी के बारे में जानकारी की। एक दर्जन गुमशुदगी मिलीं। पुलिस एक-एक करके सभी के घर गई। उनके बारे में जानकारी जुटाई। उनके मेकअप का सामान देखा। पुलिस की एक टीम मिंकी शर्मा के घर भी पहुंची। मिंकी के मेकअप का सामान देखा। वहां वह गोल्डन नेलपालिश मिल गई जो शव के नाखूनों पर थी।
पुलिस का मानना था कि गोल्डन नेल पालिश बहुत कम युवतियां लगाती हैं। पुलिस ने इसके बाद मिंकी के बारे में घरवालों से पूछा। उसका रंग कैसा था। पैरों या हाथ पर कोई निशान यह जाना। पुलिस की एक टीम संजय प्लेस पहुंची। मारुति प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। मिंकी के 23 जनवरी को ऑफिस आने की पुष्टि हुई। पुलिस को पता चला कि मिंकी शर्मा जिस ऑफिस में एचआर थी वहां सिर्फ चार लोगों का स्टाफ है। राहुल देव मालिक है। पुलिस ने उससे भी संपर्क किया। उसने बताया कि 23 जनवरी को ऑफिस की छुट्टी थी। पुलिस को विनय के बारे में जानकारी हुई। सीसीटीवी फुटेज से साक्ष्य मिल गए।
होनहार बेटी को मार डाला फांसी होनी चाहिए
बेटी की हत्या हो गई। इस खबर से मिंकी शर्मा के घर कोहराम मच गया। उसकी मां चीख-चीखकर बोल रही हैं मेरी होनहार बेटी को मार डाला। हत्यारे को फांसी की सजा होनी चाहिए। वारदात से शादी वाले घर में मातम छा गया है। छह फरवरी की भाई दीपक की शादी है। मिंकी शादी की तैयारियों में जुटी थी। 23 जनवरी को शादी के कार्ड कोरियर करने की बोलकर घर से निकली थी। यह भी बताया था कि कुछ देर के लिए ऑफिस भी जाएगी।
पिता अशोक शर्मा कोल्ड स्टोरेज में मैनेजर हैं। मिंकी की दो बड़ी बहनें हैं पिंकी और रिंकी। दोनों की शादी हो चुकी है। भाई दीपक शर्मा की शादी की तैयारियां चल रही थीं। कई दिनों से घरवाले खरीददारी में जुटे थे। मिंकी परिवार में सबसे छोटी थी। पिता पर बोझ नहीं बने इसलिए नौकरी करती थी। घरवालों को उसने यह बताया था कि वह एचआर का काम करती है। वारदात ने पूरे परिवार को हिला दिया है। घरवालों के आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। घरवाले एक ही बात बोल रहे हैं की उनकी बेटी ने किसी का क्या बिगाड़ा था। हत्यारे ने तो सभी हदें पार कर दीं। सिर ही धड़ से अलग कर दिया। ऐसी भी क्या दुश्मनी थी। कोई किसी को प्यार करता है तो इतनी बेरहमी से कैसे मार सकता है। हत्यारे को फांसी की सजा होनी चाहिए। बेटी की आत्मा को तभी शांति मिलेगी। घरवालों को विनय के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। मिंकी ने घरवालों से कभी उसका जिक्र नहीं किया था।




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