बनाने वाले काल्पनिक बता रहे तो 'धुरंधर 2' को सच क्या मानना; 'सपा का ल्यारी राज' पोस्टर पर अखिलेश बोले
धुरंधर-2 फिल्म में ल्यारी की तुलना सपा के शासनकाल से करने वाला पोस्टर सुर्खियों में है। जिसमें लिखा है कि 'सपा का ल्यारी राज, न भूले हैं न भूलेंगे'। जिसका जवाब देते हुए सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि धुरंधर-2 फिल्म बनाने वाला ही कह रहा सब काल्पनिक है, तो उसे सच क्या मानना।

यूपी में धुरंधर-2 फिल्म पर मचा घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा विवाद एक पोस्टर को लेकर है। जिसमें सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के शासनकाल को फिल्म में दिखाई गई जगह ल्यारी से तुलना की गई है। फिल्म में कराची के ल्यारी को अपराध और सियासत के घालमेल को दिखाया गया है। समाजसेवी देवेंद्र तिवारी ने लखनऊ की सड़कों पर पोस्टर लगवाया है। इसमें लिखा गया है, 'सपा का ल्यारी राज, न भूले हैं न भूलेंगे'। जिसमें अखिलेश यादव की फोटो भी लगी है।
जब फिल्म ही काल्पनिक है, तो सच क्या मानना- अखिलेश
पोस्टर का जवाब सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिया। उन्होने कहा कि ‘धुरंधर’ जैसी फिल्म इसलिए बनती हैं, क्योंकि इन्हें कोई फाइनेंस और फंडिंग करता है। लेकिन हमें इससे कोई मतलब नहीं है। कौन बना रहा, कौन नहीं। उन्होने एक लाइन लिख दी कि फिल्म के सभी पात्र काल्पनिक हैं। जब फिल्म बनाने वाला ही कह रहा सब काल्पनिक है, तो उसे सच क्या मानना।'
‘सपा का ल्यारी राज न भूले हैं, न भूलेंगे’ वाला पोस्टर लगा
आपको बता दें लखनऊ में VVIP चौराहे पर अखिलेश यादव के खिलाफ होर्डिंग लगाया गया है। इसके जरिये उनके 2012 से 2017 तक के शासनकाल पर सवाल खड़े किए गए हैं। इस होर्डिंग पर लिखा है- सपा का ल्यारी राज न भूले हैं, न भूलेंगे। उस दौरान 5 साल में हुई घटनाओं की खबरों की कटिंग लगाई गई है। इस पर नीचे समाजसेवी देवेंद्र तिवारी लिखा गया है।
‘ल्यारी राज’ का जिक्र करते हुए लगे पोस्टर
होर्डिंग में “ल्यारी राज” का जिक्र करते हुए दावा किया गया है कि सपा सरकार के दौरान उत्तर प्रदेश की स्थिति कराची के ल्यारी इलाके जैसी हो गई थी। होर्डिंग में 2012 से 2017 तक हत्या, लूट और डकैती जैसी घटनाओं को आम बताया गया है। कई आपराधिक मामलों की खबरों की कटिंग लगाई गई है।
पोस्टर में अखिलेश यादव का फोटो
होर्डिंग में सपा शासन के दौरान नेताओं के अंडरवर्ल्ड से कथित संबंध होने का भी आरोप लगाया गया है। साथ ही सपा प्रमुख अखिलेश यादव को सीधे संबोधित करते हुए लिखा गया है कि “पहले खुद देखें, अब कितना सुधार हुआ है। होर्डिंग के जरिये मौजूदा सरकार की कानून-व्यवस्था को बेहतर बताते हुए दावा किया गया है कि अब प्रदेश में “कानून का राज” स्थापित हो चुका है और अपराध पर लगाम लगी है।
धुरंधर-2 के बाद चर्चा में अतीक
समाजसेवी देवेंद्र तिवारी ने कहा कि उस काल में अतीक अहमद जैसे अपराधियों को खुली छूट मिली थी। सीएम योगी ने उसे मिट्टी में मिलाया है। प्रदेश से क्राइम को खत्म करने में भूमिका निभाई है। प्रदेश की जनता 2012 से 2017 के काल के आतंक राज को भूली नहीं है। इन लोगों ने किस तरह माफियाओं, भूमाफियाओं, जमीनों पर कब्जा करने वालों, बहन-बेटियों के साथ रेप करने एवं जला देने वालों को किस तरह संरक्षण दिया, कोई नहीं भूला है। आपको बता दें धुरंधर-2 फिल्म में अतीफ अहमद की किरदार की भी खूब चर्चा हो रही है। उसे माफिया अतीक अहमद से जोड़कर देखा जा रही है।




साइन इन