यूपी में मकान मालिक और किराएदारों को बड़ी राहत, योगी के मंत्री बोले-सरकार का ऐतिहासिक कदम
रविवार शाम पत्रकारों से बातचीत में मंत्री ने कहा कि 90 फीसदी शुल्क कम करना प्रदेश की किराएदारी व्यवस्था को सरल, सुरक्षित एवं पारदर्शी बनाने की दिशा में सरकार का ऐतिहासिक कदम है।

यूपी सरकार के स्टांप एवं पंजीयन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविंद्र जायसवाल ने कहा कि किराएदारी-पट्टा रजिस्ट्री शुल्क में 90 फीसदी तक छूट से मकान मालिक और किराएदारों को बड़ी राहत मिलेगी। सर्किट हाउस में रविवार शाम पत्रकारों से बातचीत में मंत्री ने कहा कि 90 फीसदी शुल्क कम करना प्रदेश की किराएदारी व्यवस्था को सरल, सुरक्षित एवं पारदर्शी बनाने की दिशा में सरकार का ऐतिहासिक कदम है। इससे किराएदारी विलेखों की रजिस्ट्री बढ़ेगी। मंत्री ने बताया कि रजिस्ट्रीकरण अधिनियम 1908 के अनुसार एक वर्ष से अधिक अवधि वाले किराएदारी विलेखों का रजिस्ट्रीकरण अनिवार्य है, जबकि व्यवहार में अधिकांश लीज विलेख या तो मौखिक होते हैं या रजिस्ट्री नहीं कराई जाती। इससे विभागीय जांचों में ऐसे मामलों में स्टांप वाद दर्ज होते हैं तथा शुल्क की कम वसूली की जाती है। इस स्थिति को सुधारने तथा उत्तर प्रदेश नगरीय परिसर किराएदारी विनियमन अधिनियम, 2021 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सरकार ने यह राहतकारी कदम उठाया है।
किराएदारी में होने वाले विवाद पर मंत्री ने बताया कि अधिकतर भवनस्वामी और किराएदार 100 रुपये के स्टांप पेपर पर एग्रीमेंट करते हैं। 100 रुपये पर एग्रीमेंट कहीं मान्य नहीं होता। इस तरह के एग्रीमेंट का मामला पुलिस के पास जाता है कि भवनस्वामी या किराएदार प्रताड़ित होता है। किराएदारी के पंजीकरण से भवनस्वामी और किराएदार एक-दूसरे को परेशान नहीं कर पाएंगे। इससे सरकार का राजस्व भी बढ़ेगा।
निर्धारित अधिकतम स्टाम्प शुल्क एवं रजिस्ट्रीकरण फीस इस प्रकार है
| औसत वार्षिक किराया रुपये 2,00,000/- तक |
| एक वर्ष तक - स्टाम्प शुल्क 500 रुपये, रजिस्ट्री शुल्क ₹500 |
| एक से पांच वर्ष - स्टाम्प शुल्क 1,500 रुपये, रजिस्ट्री शुल्क 1,500 रुपये |
| पांच से 10 वर्ष - स्टाम्प शुल्क 2,000 रुपये, रजिस्ट्री शुल्क 2,000 रुपये |
| औसत वार्षिक किराया रुपये 2,00,001 से 6,00,000 तक |
| एक वर्ष तक - स्टाम्प शुल्क 1,500 रुपये, रजिस्ट्री शुल्क 1,500 रुपये |
| एक से पांच वर्ष - स्टाम्प शुल्क 4,500 रुपये, रजिस्ट्री शुल्क 4,500 रुपये |
| पांच से 10 वर्ष - स्टाम्प शुल्क 7,500 रुपये, रजिस्ट्री शुल्क 7,500 रुपये |
| औसत वार्षिक किराया रुपये 6,00,001 से 10,00,000 तक |
| एक वर्ष तक - स्टाम्प शुल्क 2,500 रुपये, रजिस्ट्री शुल्क 2,500 रुपये |
| एक से पांच वर्ष - स्टाम्प शुल्क 6,000 रुपये, रजिस्ट्री शुल्क 6,000 रुपये |
| पांच से 10 वर्ष - स्टाम्प शुल्क 10,000 रुपये, रजिस्ट्री शुल्क 10,000 रुपये |




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