शादी से 15 दिन पहले छत से गिर गई दुल्हन, अंतिम समय में दूल्हे ने बदल दिया फैसला
यूपी के संभल एक दुल्हन के अरमानों पर पानी फिर गया। दुल्हन छत से गिरी को दूल्हे ने बारात लाने से इनकार कर दिया। इसको लेकर दोनों पक्षों की तरफ से पंचायत भी हुई, लेकिन कोई निष्कर्ष नहीं निकला।

संभल जिले के असमोली थाना क्षेत्र के एक गांव में उस समय खुशियों का माहौल मातम में बदल गया, जब दुल्हन के छत से गिरकर मामूली चोटिल होने पर दूल्हे पक्ष ने शादी से तीन दिन पहले बारात लाने से साफ इंकार कर दिया। लड़की पक्ष ने रिश्तेदार बुला लिए थे, घर सजावट से महक रहा था और सारी तैयारियां पूरी हो चुकी थीं। लेकिन अंतिम समय में आए इस फैसले ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। शनिवार देर रात पंचायत के बाद दोनों पक्ष अलग हो गए।
थानाक्षेत्र के एक गांव निवासी ग्रामीण की बेटी की बारात रविवार को मुरादाबाद जिले के सिकोई भूड़ गांव से आनी थी। लगभग 15 दिन पहले युवती घर की छत पर पराली सुखा रही थी तभी उसका पैर फिसल गया और वह नीचे गिर गई। इस हादसे में उसके कूल्हे और हाथ में चोट आई। डॉक्टरों ने हाथ में हल्का फ्रेक्चर बताया। इसके बाद युवती का उपचार कराया गया और घटना की पूरी जानकारी ससुराल पक्ष को भी दे दी गई थी। उस समय दूल्हा पक्ष ने आश्वस्त किया कि चोट कोई बड़ी बात नहीं है, उपचार करा लिया जाए। यही भरोसा पाकर लड़की वालों ने शादी की तैयारियां पूरी कर लीं। कार्ड बांट दिए, मेहमानों के लिए इंतजाम कर लिए और घर में रौनक फैल गई। लेकिन शादी से मात्र तीन दिन पहले दूल्हे पक्ष ने अचानक शादी से इंकार कर दिया।
खबर मिलते ही लड़की पक्ष में खलबली मच गई। शनिवार शाम को दोनों पक्षों और क्षेत्र के सम्मानित लोगों की मौजूदगी में पंचायत बुलाई गई। पंचायत में लंबे विचार-विमर्श के बाद देर रात फैसला हुआ कि फिलहाल शादी टल जाएगी और दोनों पक्ष सहमति से अलग हो जाएंगे। इस निर्णय से लड़की पक्ष मायूस है, क्योंकि सारी तैयारियां धरी की धरी रह गईं। घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई है। ग्रामीणों ने दूल्हे पक्ष के निर्णय को अनुचित बताते हुए कहा कि अगर यही हादसा शादी के बाद होता तो क्या दुल्हन को वापस मायके भेज देते? मामूली चोट पर रिश्ता तोड़ना बिल्कुल गलत है। थाना प्रभारी राजीव कुमार का कहना है कि थाने पर ऐसी कोई सूचना नहीं प्राप्त हुई है।




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