यूपी के खदान हादसे पर बड़ा ऐक्शन, मालिक और दो पार्टनरों के खिलाफ केस दर्ज, अब भी कई लोग फंसे
सोनभद्र में हुए खनन हादसे पर एसपी अभिषेक वर्मा ने खनन हादसे के दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के साथ ही दोषियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की है। टीम दोषियों की गिरफ्तारी में जुट गई है। हादसे की जांच और विवेचना की जा रही है।

यूपी के सोनभद्र में शनिवार की शाम खदान हादसे में बड़ा ऐक्शन हुआ है। पुलिस ने खदान के मालिक और दो पार्टनरों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। केस दर्ज करने के बाद पुलिस अब आरोपियों की तलाश में जुट गई है। ओबरा थाने के प्रभारी निरीक्षक विजय चौरसिया ने बताया कि छोटू यादव पुत्र शोभनाथ निवासी कर्मसार थाना ओबरा ने तहरीर दी। उसकी तहरीर पर कृष्णा माइनिंग वर्क्स के अज्ञात मालिक और पार्टनर मधुसूदन सिंह और दिलीप केशरी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने खनन हादसे के दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के साथ ही दोषियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की है। टीम दोषियों की गिरफ्तारी में जुट गई है। हादसे की जांच और विवेचना की जा रही है। पुलिस आगे की विधिक कार्रवाई में जुटी हुई है। एसपी अभिषेक वर्मा ने कहा कि घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे और उच्चाधिकारियों को अवगत कराया। सूचना मिलते ही घटना स्थल पर एडीजी जोन वाराणसी पीयूष मोर्डिया, आईजी मिर्जापुर आरपी सिंह के साथ ही प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। घटना स्थल पर राहत और बचाव कार्य चल रहा है।
वहीं हादसे के दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित कर दी गई है। बतादें कि सोनभद्र के ओबरा थाना क्षेत्र में शनिवार की शाम कृष्णा माइनिंग वर्क्स में खदान के दौरान पहाड़ी धंस गई थी। जिसके मलबे के नीचे कई मजदूर दबे थे। आनन-फानन में रेस्क्यू शुरू करा दिया गया था जो अब भी जारी है। 24 घंटे बीत जाने के बाद अभी भी 15 मजदूरों के फंसे जाने की आंशका जताई जा रही है। इस हादसे में अब तीन लोगों लोगों की मौत हो चुकी है, हालांकि डीएम ने दो के मरने की पुष्टि की है।
घटनास्थल पर मौजूद है एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम
डिविजनल कमिश्नर राजेश प्रकाश ने बताया, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तैनात हैं। एनडीआरएफ के डीआईजी और कमांडेंट भी यहां मौजूद हैं। हम जल्द से जल्द बचाव अभियान पूरा करने की कोशिश कर रहे हैं... इस समय कोई भी आंकड़ा बताना संभव नहीं है। वहीं मजदूरों के फंसे की सूचना पर उनके परिजन भी मौके पर पहुंच गए हैं। सोमनाथ ने बताया कि मेरे तीन बेटे यहाँ काम करने आए थे। एक ट्रैक्टर चला रहा था, दूसरा कंप्रेसर, और सबसे छोटा बेटा ढलान पर था, जो सुरक्षित है। उनके दो बेटे मलबे में फंसे हुए हैं। चौबीस घंटे हो गए हैं जब से हमें उन दोनों के बारे में कोई जानकारी मिली है। मैं क्या कहूँ, मेरा दिमाग़ काम नहीं कर रहा है।




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