कानपुर किडनी कांड में बड़ा ऐक्शन; गैंग का सरगना डॉ. रोहित गिरफ्तार, 25 हजार का इनामी
कानपुर किडनी कांड में फरार सरगना डॉक्टर रोहित को पुलिस ने सोमवार की सुबह गिरफ्तार कर लिया। कमिश्नरेट पुलिस ने 4 दिन पहले ही उस पर 25 हजार का इनाम घोषित किया था। पुलिस उसके दो और साथियों की तलाश में है। दोनों पर भी 25-25 हजार का इनाम है।

कानपुर किडनी कांड में फरार चल रहे सरगना डॉक्टर रोहित को पुलिस ने सोमवार की सुबह गिरफ्तार कर लिया। उसे रावतपुर के इंदिरानगर से उठाने की बात पुलिस कह रही हैं जबकि सूत्रों के मुताबिक उसे मेरठ से उठाया गया है। कमिश्नरेट पुलिस ने 4 दिन पहले ही उस पर 25 हजार का इनाम घोषित किया था। रावतपुर के केशवपुरम स्थित आहूजा हॉस्पिटल में अवैध तरीके से किडनी ट्रांसप्लांट के ऑपरेशन की सूचना पर पुलिस छापा मारकर अस्पताल संचालक डॉ. प्रीति आहूजा पति सुरजीत सिंह आहूजा को गिरफ्तार किया था। जिसके बाद कल्याणपुर के मेडलाइफ हॉस्पिटल में बिहार के बेगूसराय का डोनर आयुष कुमार और प्रिया अस्पताल के डीलक्स रूम में मुजफ्फरनगर की पारुल तोमर भर्ती मिली। इनका 29 मार्च को आहूजा अस्पताल में ऑपरेशन किया गया था।
किडनी कांड का सरगना है डॉ. रोहित
किडनी के इस काले कारोबार का सरगना पुलिस डॉ. रोहित को मान रही थी। उसके लिए कानपुर में काम करने वाले एंबुलेंस चालक शिवम अग्रवाल, मेडलाइफ अस्पताल के मालिक राजेश कुमार व राम प्रकाश कुशवाहा प्रिया अस्पताल के संचालक नरेंद्र सिंह को जेल भेजा गया। इसके बाद पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू की तो ओटी मैनेजर राजेश कुमार और ओटी संचालक कुलदीप सिंह राघव गाजियाबाद से पकड़े गए। इन सभी को जेल भेजा जा चुका है। एजेंट शिवम ने पूछताछ में डॉ. रोहित को इस पूरे कांड का सरगना बताया था। इसके साथ ही डॉ. अफजल ओटी मैनेजर मुद्स्सर अली सिद्दीकी उर्फ डॉ. अली के नाम सामने आए है।
डॉ. रोहित से पूछताछ में जुटी पुलिस
पुलिस ने इनके घर, क्लीनिक और दूसरे ठिकानों पर छापेमारी की। डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि तीनों के खिलाफ 25-25 हजार रुपये का ईनाम घोषित किया गया था। सोमवार को डॉ रोहित को गिरफ्तार कर लिया गया है। उससे पूछताछ की जा रही है। अन्य दोनों फरार डॉक्टरों की तलाश पुलिस टीम कर रही हैं।
किडनी ट्रांसप्लांट के दौरान मरीजों को बेहोश करता था
आपको बता दें इससे पहले इस कांड गिरफ्तार ओटी टेक्नीशियनों राजेश कुमार, कुलदीप ने गुरुवार को अहम खुलासे किए थे। पुलिस को बताया था कि डॉ. रोहित एनेस्थीसिया स्पेशलिस्ट है। किडनी ट्रांसप्लांट के दौरान डॉ. रोहित ही मरीजों को बेहोश करता था, जबकि दिल्ली के द्वारिका का रहने वाले डॉ. अली किडनी निकालने और लगाने का काम करता था। वह अपने साथ एक डॉक्टर और दो असिस्टेंट लेकर चलता था।
सेमिनार में डॉ. रोहित से मिला था राजेश
पुलिस के मुताबिक राजेश सर्वोदय हास्पिटल ग्रेटर नोएडा वेस्ट में ओटी मैनेजर है। उसे 70 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन मिलता है। 220 बेड का यह अस्पताल फरीदाबाद के राकेश गुप्ता का है। राजेश ने बताया कि तीन साल पहले गाजियाबाद के वैशाली हास्पिटल में एक सेमिनार के दौरान एनेस्थीसिया के स्पेशलिस्ट डॉ. रोहित से मुलाकात हुई थी। ओटी में उसकी विशेषज्ञता को देखते हुए डॉ. रोहित ने उससे मिलने की इच्छा जताई थी। इस पर वह कुलदीप सिंह राघव के साथ पहुंचा था। डॉ. रोहित ने अपना पूरा एजेंडा बताया। उसके भरोसे पर साथ काम करने को राजी हो गए थे।




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