Maha Shivratri: गो आश्रय स्थलों पर नंदी पूजन, माघ मेले का अंतिम स्नान; यूपी में हर-हर महादेव की गूंज
यूपी के सभी स्थाई और अस्थाई गो आश्रय स्थलों में महाशिवरात्रि के अवसर पर रविवार को नन्दी पूजन का आयोजन किया गया है। पशुपालन निदेशक ने प्रदेश के सभी मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी के नाम कल इस आशय के आदेश जारी किए थे। वहीं आज महाशिवरात्रि पर रविवार को माघ मेला का आखिरी स्नान भी है।

उत्तर प्रदेश में सरकार द्वारा संचालित सभी स्थाई और अस्थाई गो आश्रय स्थलों में महाशिवरात्रि के अवसर पर रविवार को नन्दी पूजन का आयोजन किया गया है। पशुपालन निदेशक डा. मेमपाल सिंह ने प्रदेश के सभी मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी के नाम कल इस आशय के आदेश जारी किए थे। वहीं आज महाशिवरात्रि पर रविवार को माघ मेला का आखिरी स्नान भी है। सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुटे हैं। 16 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के संगम पर स्नान का अनुमान है। मेला प्रशासन ने स्नान की तैयारियां पूरी करने का दावा किया है। आखिरी स्नान पर्व पर जलस्तर बढ़ने से थोड़ी समस्या थी, जिसे देखते हुए घाटों का नवीनीकरण करा दिया गया है। महाशिवरात्रि पर यूपी के सभी जिलों में शिवालयों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुटे हैं। हर तरफ हर-हर महादेव की गूंज सुनाई दे रही है।
आदेश में कहा गया है की महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर भगवान शिव के वाहन एवं गोवंश के प्रतीक नंदी की पूजा अर्चना का विशेष धार्मिक महत्व है। प्रदेश में संचालित सभी अस्थाई-स्थाई गो आश्रय स्थलों में उक्त अवसर पर नंदी पूजन कार्यक्रम उल्लास, गरिमा एवं सुव्यवस्थित ढंग से आयोजित किया जाना अपेक्षित है। इसके तहत गो आश्रय स्थलों की समुचित साफ-सफाई कराकर स्वच्छता सुनिश्चित की जाए। नन्दी एवं गायों का विधि विधान से पूजन करते हुए गो संरक्षण एवं गो संवर्धन के लिए सामूहिक संकल्प दिलाया जाए। आदेश में यह भी कहा गया है कि इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, ग्राम प्रधानो, स्वयंसेवी संस्थाओं एवं आम जनमानस की सहभागिता भी सुनिश्चित की जाए तथा गोवंशों के लिए विशेष आहार मसलन हरा चारा गुड़ अधिक आदि की व्यवस्था की जाए। इसके साथ ही इस तरह के आयोजनों के फोटो विभागीय व्हाट्सएप ग्रुप एवं ईमेल आईडी jdgoshala. Up@gmail.com पर प्रेषित करने के भी आदेश दिए गए हैं।
यूपी के शिवालयों में भक्तों की भीड़, माघ मेला का आखिरी स्नान
महाशिवरात्रि पर आज यूपी के शिवालयों में भक्तों की भारी भीड़ जुटी है। वहीं आज प्रयागराज संगम तट पर माघ मेले का आखिरी दिन भी है। माघ मेला 2026 इस बार तीन जनवरी पौष पूर्णिमा से शुरू हुआ था। महाकुम्भ के बाद का पहला मेला होने के कारण इस बार श्रद्धालुओं की संख्या अधिक रही। मौनी अमावस्या के बाद हर स्नान पर्व पर अप्रत्याशित भीड़ आने के कारण इस बार महाशिवरात्रि पर भी अधिक लोगों के आने का अनुमान है। महाशिवरात्रि के स्नान पर्व पर वर्ष 2024 में नौ लाख 70 हजार श्रद्धालु आए थे। इस बार मेले की शुरूआत में प्रशासन ने आखिरी स्नान पर्व पर 25 से 30 लाख श्रद्धालुओं के आगमन का अनुमान लगाया था, लेकिन माघी पूर्णिमा के बाद से कम श्रद्धालु होने के कारण शनिवार को यही दावा किया गया कि 15 से 16 लाख श्रद्धालुओं के आगमन के मद्देनजर तैयारी की जा रही है। वसंत पंचमी और माघी पूर्णिमा पर जलस्तर कम था, लेकिन बीते दो दिनों से जलस्तर बढ़ गया है। बीच के टापू अब खत्म हो गए हैं। अफसरों का कहना है कि आठ से 10 हजार क्यूसेक जल इस वक्त संगम में है। स्नान के लिए शनिवार को पूरे दिन घाटों को दुरुस्त कराया गया। कटान को रोकने के लिए बोरियां लगा दी गई हैं।
शिवालयों पर एलईडी और कैमरे लगाए
महाशिवरात्रि पर शिव मंदिरों में विशेष रूप से भीड़ रहेगी। मेला क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले दशाश्वमेध मंदिर, नागवासुकि मंदिर, मनकामेश्वर मंदिर, गंगोली शिवाला और सोमेश्वर महादेव मंदिर में विशेष प्रबंध किए गए हैं। सभी जगह पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और एलईडी लगाई गई है। सभी जगह मजिस्ट्रेट भी तैनात किए गए हैं।




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