Magh Mela 2026: माघ मेला से पहले क्यों भड़के साधु-संत? जमकर हंगामा; धक्का-मुक्की
मेला प्राधिकरण कार्यालय में सोमवार को दर्जनों की संख्या में साधु संन्यासी पहुंचे। इसी बीच मेलाधिकारी ऋषि राज अपने सरकारी वाहन से बैठकर जाने लगे। कई साधुओं और अनुयायियों का गुस्सा भड़क गया और गाड़ी के सामने लेट गए। हंगामे की स्थिति को देखते हुए मेलाधिकारी अपने साथ संतों को कार्यालय के अंदर लेकर गए।

Magh Mela 2026: माघ मेला शुरू होने से पहले साधु संतों और उनके अनुयायियों की नाराजगी खुलकर दिखने लगी है। पिछले कुछ दिनों से चल रही छिटपुट गरमा गरमी सोमवार को उग्र हो गई। साधु-संन्यासियों ने जमकर हंगामा किया। मेलाधिकारी के सरकारी वाहन के सामने लेटकर प्रदर्शन किया। बीच में धक्कामुक्की तक का माहौल बन गया। हंगामे की वजह से मेला प्राधिकरण कार्यालय में घंटों गहमागहमी का माहौल बना रहा। हालांकि, अधिकारियों ने किसी तरह साधु-संतों को समझाते हुए शांत कराया।
माघ मेला के अलग-अलग सेक्टर में साधु संन्यासियों के शिविर निर्माण के लिए भूमि आवंटित की गई है। लल्लू जी एंड संस को मेला क्षेत्र के बसावट की जिम्मेदारी सौंपी गई है। हालांकि अब तक कई साधु संन्यासियों के शिविर का काम तक शुरू नहीं हो सका है। उनका आरोप है कि पर्ची लेकर मेला प्राधिकरण से लेकर कार्यदायी संस्था के कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ रहा है। एक दिन पहले ही कार्यदायी संस्था के मुंशी की पिटाई तक कर दी गई थी।
मेला प्राधिकरण कार्यालय में सोमवार को दर्जनों की संख्या में साधु संन्यासी पहुंचे। इसी बीच मेलाधिकारी ऋषि राज अपने सरकारी वाहन से बैठकर जाने लगे। यह देखते हुए कई साधुओं और अनुयायियों का गुस्सा भड़क गया और गाड़ी के सामने लेट गए। हंगामे की स्थिति को देखते हुए मेलाधिकारी अपने साथ संतों को वार्ता करने के लिए कार्यालय के अंदर लेकर गए। लेकिन, यहां भी मामला शांत नहीं हो सका।
किसी तरह कर्मचारियों और पुलिस कर्मियों ने बीचबचाव कर स्थिति को नियंत्रित किया। साधु संतों ने आरोप लगाया कि कई दिनों से चक्कर काटने के बाद भी शिविर बनकर तैयार नहीं हुआ है। जबकि, मेला शुरू होने से मात्र चार-पांच दिन का समय शेष बचा है। मेला प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए शासन तक शिकायत करने की चेतावनी दी।




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