magh mela 2026 full detail starting date kalpvas meaning 6 major snan dates and benefits Magh Mela 2026: प्रयागराज में इस दिन से माघ मेला, जानें क्या है कल्पवास? स्नान के लिए नोट कर लें ये 6 तारीखें, एस्ट्रोलॉजी न्यूज़ - Hindustan
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Magh Mela 2026: प्रयागराज में इस दिन से माघ मेला, जानें क्या है कल्पवास? स्नान के लिए नोट कर लें ये 6 तारीखें

Magh Mela 2026 Full Details: प्रयागराज में अगले साल यानी 2026 से माघ मेले की शुरुआत होने वाली है। इस दौरान किए गए स्नान और पूजा का विशेष महत्व होता है। हर एक जानकारी को जानने के लिए नीचे विस्तार से पढ़ें।

Fri, 12 Dec 2025 09:59 AMGarima Singh लाइव हिन्दुस्तान
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Magh Mela 2026: प्रयागराज में इस दिन से माघ मेला, जानें क्या है कल्पवास? स्नान के लिए नोट कर लें ये 6 तारीखें

Magh Mela 2026: सनातन धर्म में माघ मेला का खास महत्व होता है। इस का आयोजन हर साल प्रयागराज में होता है और लाखों भक्त इस दौरान स्नान करने संगम नगरी पहुंचते हैं। माना जाता है कि इस मेले में आकर स्नान करने से मोक्ष मिलता है। साथ ही इंसान को जन्म और मृत्यु के बंधन से छुटकारा मिलता है और जन्मों के सारे पाप भी धुल जाते हैं। खास बात तो ये है कि सिर्फ देश से नहीं बल्कि विदेशों से भी लोग इस मेले में आकर आशीर्वाद लेते हैं। कुंभ के मेले की तरह ही इस माघ मेले में सिर्फ साधु संत नहीं बल्कि हर आम इंसान पहुंचता है। माघ मेले में कुल 6 तिथियां ऐसी होती है, जिस दिन स्नान करना अत्यंत शुभ माना जाता है। चलिए जानते हैं इस साल माघ मेले की शुरुआत कबसे हो रही है और जानते हैं मुख्य तारीखों के बारे में। साथ ही इसके पीछे की पौराणिक मान्यताओं को भी जानेंगे।

इस दिन से शुरू होगा माघ मेला

बता दें कि माघ मेले की शुरुआत अगले साल यानी 2026 से होगी। माग मेला लगभग एक महीना चलता है और माना जाता है कि इस दौरान देवी देवताओं का वास यहीं पर होता है। इस दौरान की गई पूजा-अर्चना और दान से कई लाभ मिलते हैं। इसकी शुरुआत 3 जनवरी से होगी। हिंदू धर्म मान्यता के अनुसार माघ के महीने में संगम नगरी में स्नान करने से मन और कर्म की शुद्धता हो जाती है। 3 जनवरी को शुरू होने वाले माघ मेले का समापन 15 फरवरी को होगा। इसके लिए अभी से सुरक्षा व्यवस्था की तैयारी की जा रही है। प्रदेश सरकार की ओर से साफ-सफाई से लेकर सुरक्षा, यातायात और चिकित्सा सुविधाओं में कोई भी कमी ना रहने का आदेश दिया है। ऐसे में हर स्तर पर तैयारी चालू हो चुकी है। वहीं माघ मेले से जुड़ा एक शब्द आपने बहुत सुना होगा और वो है कल्पवास। तो चलिए जानते हैं कि आखिर इसका मतलब क्या है?

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क्या होता है कल्पवास?

आपने कल्पवास शब्द तो सुना ही होगा। बहुत से लोग इसका मतलब नहीं समझते हैं। इसे आसान सी भाषा में समझते हैं। दरअसल ये एक हिंदू प्रथा है। जब श्रद्धालु संगम जैसी पवित्र नदियों के किनारे लगभग एक महीने तक रहकर आत्मा की शुद्धि के लिए तपस्या और साधना करते हैं और भजन कीर्तन के साथ ही साथ मंत्रों का जाप और ध्यान करते हैं तो इस क्रिया को ही कल्पवास कहा जाता है। इस दौरान अपनी सभी इंदियों पर नियंत्रण साधने की कोशिश की जाती है। माना जाता है कि ये सभी गलतियों से मुक्ति पाने का एक तरीका है।

इन खास दिनों पर होगा स्नान

माघ मेले में स्नान के लिए कुछ विशेष तिथियां हैं। इन दिनों स्नान करने से कई लाभ मिलेंगे। इसे काफी फलदायी माना जाता है। माघ मेले की शुरुआत यानी 3 जनवरी के दिन पौष पूर्णिमा होगी। इस दिन स्नान किया जाएगा। वहीं इसके बाद स्नान के लिए मकर संक्रांति 15 जनवरी को पड़ेगी। फिर दो दिन बाद 18 जनवरी को मौनी अमावस्या होगी। इसके बाद 23 जनवरी को माघ पूर्णिमा पड़ेगी। इन तारीखों पर किए गए स्नान से आत्मा की शुद्धी होगी। साथ ही हर पाप नष्ट होंगे। स्नान के लिए आखिरी दिन 15 फरवरी होगी और इसी दिन महाशिवरात्रि है।

डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)

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