प्रतीक यादव की मौत के बाद घर पहुंची पुलिस, फोन को कब्जे में लिया, नौकरों से भी पूछताछ
Prateek Yadav Death: प्रतीक यादव की मौत के बाद लखनऊ पुलिस घर पहुंची। इसके बाद पुलिस और फोरेंसिक टीम ने प्रतीक के फोन को कब्जे में लिया है। इसके साथ ही नौकरों से पूछताछ की।

Prateek Yadav Death: समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे और बीजेपी नेता अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव का बुधवार को निधन हो गया। सुबह करीब साढ़े पांच बजे उनकी तबीयत बिगड़ी। पानी पीने के लिए वह किचन में गए। जहां वह गिर पड़े। सिविल अस्पताल लाया गया। सूत्रों के मुताबिक, प्रतीक की मौत के बाद लखनऊ पुलिस उनके घर पहुंची। पुलिस और फोरेंसिक टीम ने प्रतीक के फोन को कब्जे में लिया है। इसके साथ नौकरों से पूछताछ की।
प्रतीक यादव समाजवादी पार्टी संस्थापक मुलायम सिंह के छोटे बेटे थे। उनकी पत्नी राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव हैं। अपर्णा दिल्ली में थी। पति की मौत की खबर मिलते ही वह लखनऊ पहुंचीं। प्रतीक का शव उनके घर पर पहुंच गया। प्रतीक के घर पर भारी भीड़ उमड़ी। अखिलेश, शिवपाल समेत परिवार के सभी सदस्य मौजूद हैं। इसके साथ ही बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मंत्री सुरेश खन्ना समेत बीजेपी के कई नेता पहुंचे हैं।
छह डॉक्टरों की टीम ने किया पोस्टमार्टम
शव का पोस्टमार्टम डॉक्टरों की छह सदस्यीय टीम ने किया। इस प्रक्रिया में करीब दो घंटे का वक्त लगा। केजीएमयू फॉरेंसिक विभाग के मौसमी सिंह, सीनियर रेजिडेंट डॉ. फातिमा हर्षा व प्रान्तीय चिकित्सा के चार अन्य डॉक्टर शामिल थे। पोस्टमार्टम में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। शरीर पर चोट के निशान भी नहीं मिले हैं। विसरा विस्तृत जांच के लिए हार्ट व विसरा सुरक्षित रखा गया है।
प्वाइजनिंग से नहीं हुई प्रतीक यादव की मृत्यु
प्रतीक की मौत के बाद अफवाहों का भी बाजार गर्म हो गया। उनकी मौत का कारण प्वाइजनिंग बताया गया। हालांकि सिविल अस्पताल प्रशासन ने साफ किया कि प्रतीक की मृत्यु प्वाइजनिंग से नहीं हुई है। मौत का कारण स्पष्ट नहीं हुआ था। इसलिए पोस्टमार्टम कराया गया है।
पांच में छह बार हुए अस्पताल में भर्ती
30 अप्रैल को उन्हें सांस लेने में तकलीफ व दिल से जुड़ी बीमारी ने परेशान किया। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें मेदांता अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया। यहां डॉक्टरों की टीम ने उनका इलाज किया। तबीयत में कुछ सुधार होने पर वह अस्पताल में बिना को बताए घर चले आए। मेदांता अस्पताल के डॉक्टर ने बताया कि प्रतीक यादव को बीते 6 माह में करीब 5 बार भर्ती किया जा चुका है। डॉक्टरों ने फेफड़ों में खून का थक्के जमा होने की आशंका जाहिर की। एक दिन भर्ती के बाद वह बिना किसी को सूचना दिए अस्पताल से चले गए थे।




साइन इन